ताराचंद सारस्वत का जीवन परिचय (Tarachand Saraswat Biography in Hindi)
Tarachand Saraswat Biography Hindi: भाजपा की ओर से जारी हुई प्रत्याशियों की सूची में श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में ताराचंद सारस्वत को टिकट मिला है.
Tarachand Saraswat Biography in Hindi: ताराचंद सारस्वत राजस्थान की राजनीति में जमीनी संघर्ष और संगठनात्मक मजबूती के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। उन्होंने युवावस्था से ही जनसंघ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बाद में भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़कर संगठन और जनआंदोलनों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई।
राजनीतिक जीवन की शुरुआत
ताराचंद सारस्वत ने आरएसएस के सामान्य स्वयंसेवक के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। राजस्थान में संघ के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह शेखावत की प्रेरणा से उन्होंने 1980 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में कार्य शुरू किया। प्रारंभ से ही उनका जोर जनसमस्याओं को सड़क से सरकार तक पहुंचाने पर रहा।
संगठन में निभाई गई प्रमुख जिम्मेदारियां
1980 के दशक से लेकर अब तक ताराचंद सारस्वत ने संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्व निभाए:
- 1983–88: भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष, रायसिंहनगर (श्रीगंगानगर)
इस दौरान कई जनआंदोलन किए और 1984 जेल भरो आंदोलन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी दी।
- 1990–92: जिला संयोजक, भाजपा युवा मोर्चा (संयुक्त जिला श्रीगंगानगर–हनुमानगढ़)
- 1992–94: जिलाध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा, श्रीगंगानगर
चेतना रैली के दौरान दिल्ली जाते समय 10 दिन की गिरफ्तारी।
- 1994–2002: जिला महामंत्री, भाजपा श्रीगंगानगर
- 2003: प्रदेश उपाध्यक्ष (चुनाव विश्लेषण समिति एवं सांख्यिकी प्रकोष्ठ) और प्रदेश प्रतिनिधि
इसी दौरान परिवर्तन यात्रा में तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे सिंधिया के साथ सक्रिय भूमिका।
- 2005–09: जिला उपाध्यक्ष, भाजपा बीकानेर शहर
- 2019–22: भाजपा जिलाध्यक्ष, बीकानेर (देहात)
चुनाव और जनआंदोलन
- 2018: श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी।
- 2009–2019: बीकानेर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार (वर्तमान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल) के लिए संगठनात्मक और चुनावी जिम्मेदारी निभाई।
- 2021 नगरपालिका चुनाव: श्रीडूंगरगढ़ में भाजपा बोर्ड का गठन 23 पार्षदों के साथ चेयरमैन–वाइस चेयरमैन भाजपा के बने।
पुलिस जवाबदेही और जनहित
2009–2017 के बीच पुलिस जवाबदेही कमेटी के जिलाध्यक्ष के रूप में उन्होंने प्रशासन से पीड़ित नागरिकों की आवाज उठाई और कई विवादों का आपसी समझौते से समाधान कराया, जिससे सामाजिक क्षेत्र में उनकी विश्वसनीयता मजबूत हुई।
जनसंघर्ष: गांव बचाओ आंदोलन
श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के 12 राजस्व गांवों की उपजाऊ भूमि को सेना के ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र हेतु अधिग्रहण के प्रस्ताव के विरोध में ताराचंद सारस्वत के नेतृत्व में “गांव बचाओ संघर्ष समिति” बनी।
उन्होंने गांव-गांव सभाएं कीं, राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और जिला प्रशासन तक ज्ञापन पहुंचाए। गुसाईसर बड़ा गांव में विशाल सभा के बाद यह मुद्दा उपराष्ट्रपति भवन तक पहुंचा। अंततः आंदोलन सफल रहा और भूमि अधिग्रहण रुकवाया गया—इसे क्षेत्र का एक बड़ा जनआंदोलन माना जाता है।
सामाजिक योगदान
शिक्षा: व्यापार मंडल अध्यक्ष रहते हुए कन्या महाविद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराई; तत्कालीन शिक्षा मंत्री ललित किशोर चतुर्वेदी द्वारा 90% अनुदान स्वीकृत।
गौ-सेवा:
- 1984–85 के अकाल में 600 गौवंश का दो वर्षों तक पालन।
- 2002–03 में ग्राम विकास सेवा समिति बनाकर 417 गौवंश का 10 माह तक संरक्षण।
- आपदा सेवा: उत्तराखंड त्रासदी में पीड़ितों की सहायता।
- स्वास्थ्य: बीकानेर के PBM अस्पताल में जिला दवा वितरण केंद्र (DDC) और शीतल जल व्यवस्था की पहल।
कोरोना काल में सेवा
कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सेवा ही संगठन' अभियान के तहत:
- जरूरतमंदों को राशन, भोजन पैकेट, मास्क वितरण
- सफाईकर्मी व चिकित्साकर्मियों का सम्मान
- प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन, चिकित्सा और परिवहन सहायता
- रक्त/प्लाज़्मा व्यवस्था और 10+ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए
वर्तमान भूमिका
वर्तमान में ताराचंद सारस्वत श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के बिग्गा बास में निवास करते हुए किसानों, युवाओं और पीड़ित वर्ग की समस्याएं सुनते हैं और गांव-गांव जाकर प्रशासन व सरकार के समक्ष उन्हें मजबूती से उठाते हैं।
ताराचंद सारस्वत का राजनीतिक जीवन संघर्ष, संगठन और सेवा की मिसाल है। जमीनी आंदोलनों से लेकर संगठनात्मक जिम्मेदारियों तक, वे एक ऐसे जननेता के रूप में उभरे हैं जो जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से सत्ता तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।