CG:– जंबूरी में भ्रष्टाचार पर विशेष न्यायालय में कांग्रेस ने लगाई याचिका, शिक्षामंत्री और जिला प्रशासन को बनाया पार्टी, न्यायालय ने स्वीकारी याचिका
CG:– राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी में भ्रष्टाचार का आरोप लगा कांग्रेस ने एसीबी– ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका को कोर्ट ने स्वीकार भी कर लिया है। जिसमें 20 जनवरी को सुनवाई होगी। शिक्षा मंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और बालोद जिला प्रशासन के अधिकारियों को पार्टी बनाया गया है।
Rashtriya Rover Ranger Jamboree Me Bhrashtachar: रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद में शिक्षा विभाग द्वारा चार दिवसीय जंबूरी का आयोजन किया जा रहा है। वहीं इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के अलावा सत्ताधारी पार्टी के भी दिग्गज नेताओं के भिड़ने के चलते यह चर्चा में है। अब जंबूरी में भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस अदालत पहुंच गई है। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल के द्वारा राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी में भ्रष्टाचार का आरोप लगा एसीबी– ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका को कोर्ट ने स्वीकार भी कर लिया है जिसमें 20 जनवरी को सुनवाई होगी।
बालोद जिले के ग्राम दुधली में राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का आयोजन 9 से 13 जनवरी तक किया जा रहा है। पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वयं को स्काउट गाइड का राज्य अध्यक्ष बताते हुए जंबूरी के आयोजन को स्थगित करने का निर्णय लिया था, मगर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्वयं को स्काउट गाइड का पदेन अध्यक्ष बताते हुए आयोजन को जारी रखा। अध्यक्ष की विवाद को लेकर बृजमोहन अग्रवाल पहले ही हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दाखिल कर चुके हैं।
इस इस मामले में टेंट में भ्रष्टाचार के आरोप है। दो करोड़ रूपये केवल अस्थाई टॉयलेट बनाने में ही खर्च कर दिए गए। इस मामले में बृजमोहन अग्रवाल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने जिन मुद्दों को उठाया वह सही साबित हो रहे हैं। बृजमोहन ने कहा कि बिना टेंडर के काम हो रहा है यह दुर्भाग्यजनक हैं। हालांकि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने पूरी पारदर्शिता और निविदा प्रक्रिया के मापदंडों को पूरा कर कार्य करवाने की बात कही है।
पीसीसी महामंत्री सुबोध हरितवाल ने बताया कि उन्हें न्यायालय पर संपूर्ण विश्वास है। उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों व भ्रष्टाचार करने वाले सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्यवाही होगी। उन्होंने बताया कि मंत्री गजेंद्र यादव, शामिल व्यापारी, अधिकारी के खिलाफ याचिका दायर की गई है। छत्तीसगढ़ में जेम पोर्टल से होने वाली सरकारी निविदाओं की पारदर्शिता एक बार फिर कठघरे में है। सवाल यह नहीं है कि टेंडर में गड़बड़ी हुई या नहीं।
सवाल यह है कि क्या टेंडर खुलने से पहले ही यह तय कर लिया गया था कि काम किस कंपनी को मिलना है। बालोद जिले में प्रस्तावित नेशनल लेवल रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 के आयोजन को लेकर सामने आए हालात इसी ओर इशारा कर रहे हैं। जंबूरी आयोजन का टेंडर 03 जनवरी को सुबह 12 बजे जेम पोर्टल पर खुलना था, लेकिन इससे पहले ही आयोजन स्थल शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बालोद में एक निजी कंपनी ने काम शुरू कर दिया। मौके पर भारत किराया भंडार के ट्रक, सामग्री और श्रमिकों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि काम पूरी तैयारी के साथ शुरू हो चुका है।
ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब टेंडर प्रक्रिया पूरी ही नहीं हुई थी, तो कंपनी को किसके आदेश पर काम शुरू करने की छूट मिली। यह भी सवाल उठ रहा है कि जेम पोर्टल जैसी ऑनलाइन और कथित तौर पर पारदर्शी प्रणाली के बावजूद टेंडर की जानकारी पहले ही कैसे लीक हो गई। नियमों का पालन करते हुए टेंडर खुलने का इंतजार करने वाले अन्य निविदाकर्ताओं का क्या कसूर था और उनके साथ हुए संभावित नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
इनको बनाया गया पार्टी:–
मामले में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव शिक्षा विभाग के अधिकारियों और बालोद जिला प्रशासन के अधिकारियों को पार्टी बनाया गया है।