NMDC की शानदार कामयाबीः कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी एनएमडीसी ने प्रोडक्शन और सेल में बनाया रिकार्ड, 15370 करोड़ का टर्नओवर, जनरल मीटिंग में सीएमडी सुमित देब बोले…सूचना प्रौद्योगिकी तथा डिजिटलाइजेशन को कंपनी ने प्राथमिकता दिया

Update: 2021-09-30 09:34 GMT

NPG.NEWS
हैदराबाद, 30 सितंबर 2021। इस्पात मंत्रालय के नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क कंपनी एनएमडीसी ने अपनी 63वीं वार्षिक आम बैठक गुरूवार को आयोजित की। कंपनी के सीएमडी श्री सुमित देब ने कंपनी द्वारा मुश्किल समय के दौरान किए गए शानदार प्रदर्शन एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, एनएमडीसी लिमिटेड ने कहा कि “महामारी से कुछ नई प्रवृत्तियां उत्पन्न हुई हैं, जिससे इस्पात की मांग में बदलाव आएगा। लौह एवं इस्पात उद्योग में डिजिटाइजेशन तथा ऑटोमेशन, आधारभूत सुविधाओं पर पहल, शहरी केंद्रों के पुनर्गठन एवं ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति के कारण उत्साहजनक अवसर उत्पन्न होंगे। एनएमडीसी में लौह अयस्क तथा इस्पात क्षेत्र में हो रहे निरंतर परिवर्तन को आत्मसात करते हुए प्रगति के रास्ते पर चलने का प्रचालनगत लचीलापन है।“
कंपनी के शेयर धारकों को विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए श्री देब ने एनएमडीसी टीम द्वारा वित्त वर्ष 2021 में स्थापित अनेक रिकार्डों के बारे में बताते हुए सूचित किया कि कंपनी ने 15370 करोड़ के रिकार्ड टर्न ओवर की उपलब्धि हासिल की है, जो कंपनी की स्थापना से अब तक सर्वाधिक है।
प्रचालनों से कर-पूर्व लाभ रूपए 8902 करोड़ रहा जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के रूपए 6123 करोड़ की तुलना में 45-37 फीसदी अधिक है जबकि कर-पश्चात लाभ वित्त वर्ष 2020 के 3610 करोड़ से 73.21 प्रतिशत बढ़कर रूपए 6253 करोड़ हो गया है।
भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क खनक को अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि, व्यय में तेजी तथा तेजी से बहाली के लिए सरकार द्वारा किए गए सक्रिय उपायों से लाभ मिला। श्री देब ने बताया कि एनएमडीसी टीम ने इस महामारी की दूसरी लहर से उत्पन्न कठिनाइयों का सामना करते हुए रिकार्ड उत्पादन तथा बिक्री की उपलब्धि भी हासिल की है। वित्त वर्ष के दौरान एनएमडीसी ने 34.15 एमटी उत्पादन तथा 33.25 एमटी की बिक्री की है जो अब का सर्वाधिक है।
कंपनी ने वित्त 2022 के लिए 3720 करोड़ के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है। कंपनी की परियोजनाओं की प्रगति के बारे में बताते हुए श्री सुमित देब ने अतिरिक्त स्क्रीनिंग संयंत्र, रेलवे लाइन के दोहरीकरण, कन्वेयर अथवा पाइप लाइन तथा स्लरी पाइप लाइन के उन्नयन के बारे में बताया तथा कंपनी द्वारा किए जा रहे डिजिटल परिवर्तनों पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि “एनएमडीसी ने सूचना प्रौद्योगिकी तथा डिजिटलाइजेशन को प्राथमिकता पर रखा है जो कि इसके प्रतिस्पर्धी लाभ तथा प्रभावकारिता के अनुरूप है। हम आशा करते हैं कि प्रौद्योगिकी, ऑटोमेशन एवं डेटा एनालिटिक्स से हमारे व्यवसाय के सभी पहलुओं खनिज गवेषण से खनन, लौह अयस्क के प्रसंस्करण से लेकर बिक्री एवं उत्पाद के वितरण सभी को नई ऊर्जा मिलेगी।” एनएमडीसी कोविड-19 से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) समाधान, एसएपी-एस/4 हाना को लागू करने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का पहला उपक्रम है जिसने इसे 21 माह में व्यावसायिक गतिविधियों में न्यूनतम से लेकर शून्य बाधा के साथ कार्यान्वित किया है।

एनएमडीसी में डिजिटल परिवर्तनों में फ्लीड प्रबंधन प्रणाली, धुंध वाले मौसम में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विजन एनहांसमेंट प्रणाली तथा 3 डी वाल्यूमैट्रिक लेजर स्केनर शामिल हैं जिससे उत्पादकता में सुधार होगा तथा प्रचालनगत सुरक्षा बढ़ेगी। वर्तमान वित्त वर्ष में एनएमडीसी 47 एमटी उत्पादन करने की

Similar News