Suryastra : कर्तव्य पथ पर हर देश भक्त निहारते रह गए भारत के इस सैन्य हथियार को... पाक को दिन में दिखा सकता है तारे
Suryastra : 300 किलोमीटर की गहराई तक स्ट्राइक करने में सक्षम यह सिस्टम पाकिस्तान के सभी बड़े शहरों को दोपहर 12 बजे ही 'सूर्यास्त' जैसा अंधेरा दिखा सकता है.
Suryastra : गणतंत्र दिवस 2026 पर आज कर्तव्य पथ पर एक ऐसे सैन्य हथियार की झलक दिखी जिससे पथ को निहारते सभी देश भक्तों के दिल भारत की ताकत को देखकर गर्व से भर गए। कर्तव्य पथ पर उसकी कार्य प्रणाली और तेज चर्चा का विषय बना रहा.
हम बात कर रहे हैं भारत का पहला स्वदेशी मल्टी कैलिबर लॉन्ग रेंज रॉकेट लॉन्चर सिस्टम 'सूर्यास्त्र' की . 300 किलोमीटर की गहराई तक स्ट्राइक करने में सक्षम यह सिस्टम कराची से लाहौर तक पाकिस्तान के सभी बड़े शहरों को दोपहर 12 बजे ही 'सूर्यास्त' जैसा अंधेरा दिखा सकता है. सूर्यास्त्र भारत की ‘डीप-स्ट्राइक डिटरेंस’ की नई रणनीति का प्रतीक है, जो पाकिस्तान के पसीने छुड़ाने के लिए काफी है.
कर्तव्य पथ पर जब सूर्यास्त्र की झलक दिखाई , तो यह सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि भारत की नई सैन्य ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक हुआ. यह सिस्टम न सिर्फ दुश्मन को दूर से मारने की ताकत देता है, बल्कि भारतीय सेना की मोबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी को भी बढ़ाता है.
‘सूर्यास्त्र’ भारत का पहला मेड-इन-इंडिया, मल्टी-कैलिबर, लॉन्ग-रेंज रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जिसे पुणे स्थित NIBE लिमिटेड ने इज़राइल की एल्बिट सिस्टम्स के सहयोग से विकसित किया है. यह एल्बिट के PULS (Precise & Universal Launching System) आर्किटेक्चर पर आधारित है, जो 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर तक बेहद सटीक हमले करने में सक्षम है.
सूर्यास्त्र की सबसे बड़ी ताकत
टेस्टिंग में सूर्यास्त्र ने पांच मीटर से भी कम सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) की सटीकता दिखाई है, जो इसे दुश्मन के एयरबेस, रडार, कमांड सेंटर और मिसाइल ठिकानों के लिए घातक बनाता है. इतना ही नहीं, यह सिस्टम 100 किलोमीटर तक लोइटरिंग म्यूनिशन भी दाग सकता है.
सूर्यास्त्र की सबसे बड़ी ताकत इसकी मल्टी-कैलिबर क्षमता है. एक ही लॉन्चर से अलग-अलग तरह के रॉकेट और गाइडेड म्यूनिशन दागे जा सकते हैं, जिससे ऑपरेशनल लचीलापन बढ़ता है और लॉजिस्टिक बोझ कम होता है. यह सिस्टम BEML के हाई मोबिलिटी व्हीकल (HMV) पर लगाया गया है, जिससे यह बहुत तेजी से जगह बदल सकता है.
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्यास्त्र से भारत की गहरी स्ट्राइक क्षमता में बहुत बड़ा इजाफा हुआ है. कराची, लाहौर, रावलपिंडी जैसे पाकिस्तान के बड़े शहर अब भारत की सीधी पहुंच में हैं. सूर्यास्त्र के एक हमले से दोपहर 12 बजे भी दुश्मन के आसमान में ‘सूरज डूब’ सकता है.