Punjab Education News : भारत में यहाँ बिना कॉलेज-हॉस्टल गए युवा बन सकेंगे आईटी-एआई एक्सपर्ट ! जानिए कहाँ और कैसे

Punjab Education News : पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति, 2026 को मंजूरी, जिसके तहत निजी संस्थान राज्य में पूरी तरह से डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित कर सकते हैं। ये डिग्रियां कानूनी रूप से मान्य और एआईसीटीई/यूजीसी के मानदंडों के अनुरूप होंगी।

Update: 2026-01-10 06:56 GMT

Punjab Education News:  भारत के एक राज्य में शिक्षा को लेकर एक ऐसी नेक पहल हो रही है की यहाँ विद्यार्थी कॉलेज व हॉस्टल गए बिना ही डॉक्टर इंजीनियर बन पाएंगे. हम बात कर रहे हैं पंजाब के मान सरकार राज की. यहाँ शिक्षा को लेकर अब यह नया अलख जगाया  गया है.  


दरअसल मामला यह है की पंजाब मंत्रिमंडल ने भारत की पहली समग्र नीति को मंजूरी दी, जिसके तहत निजी संस्थान राज्य में पूरी तरह से डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ऑनलाइन और मुक्त शिक्षा (ओडीएल) पाठ्यक्रम संचालित करने वाले निजी डिजिटल मुक्त विश्वविद्यालयों को विनियमित करने और बढ़ावा देने के लिए ‘पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति, 2026’ को मंजूरी दी गई।




 डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी के जरिये मिलेगी शिक्षा 


इससे विद्यार्थी अब बिना कॉलेज व हॉस्टल के शिक्षा ग्रहण कर विभिन्न डिग्री कोर्स कर सकेंगे। यह सुविधा उन्हें डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी के जरिये मिलेगी। इस माध्यम से शिक्षा किफायती और सुगम होगी। साथ ही कक्षाएं भी मोबाइल व लैपटॉप के जरिये घर अथवा कहीं बैठे लग सकेंगी। ये डिग्रियां कानूनी रूप से मान्य और एआईसीटीई/यूजीसी के मानदंडों के अनुरूप होंगी।


यूएसए मॉडल की तर्ज पर मॉडर्न हायर एजुकेशन 


यूएसए मॉडल की तर्ज पर मॉडर्न हायर एजुकेशन इको सिस्टम तैयार कर पंजाब सरकार ऐसी सुविधा सूबे में देने जा रही है। इसके अंतर्गत विभिन्न प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान शर्तों को पूरा करते हुए डिजिटल प्राइवेट ओपन यूनिवर्सिटी शुरू कर सकेंगे। यह पॉलिसी दुनिया की सफल डिजिटल वेस्टर्न गवर्नर्स यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ फीनिक्स, वाल्डेन यूनिवर्सिटी, ओपन यूनिवर्सिटी मलयेशिया और अन्य यूनिवर्सिटीज को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

इन्हें होगा फायदा 


इसका बड़ा फायदा नौकरियों में व्यस्त विद्यार्थियों और पेशेवरों को भी होगा। वे काम के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से विभिन्न कोर्स कर अपनी शैक्षणिक योग्यता को बढ़ा सकेंगे। यह भारत में इस तरह की पहली पॉलिसी है। अब तक सिर्फ त्रिपुरा ने बिना किसी कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी के डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाई है। लिहाजा पंजाब इस क्षेत्र में पॉलिसी और मॉडल के साथ आगे बढ़ने वाला पहला राज्य बन गया है। यह पंजाब को एक डिजिटल लर्निंग हब के तौर पर स्थापित करेगी। इससे आईटी, एआई, बिजनेस, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और डाटा साइंस जैसे विषयों में लगातार सीखने का कल्चर मजबूत होगा।


इन शर्तों का होना जरूरी




  1. प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान के पास कम से कम 2.5 एकड़ जमीन होनी चाहिए।
  2. डिजिटल कंटेंट स्टूडियो, कंट्रोल रूम, सर्वर रूम और ऑपरेशन सेंटर, स्टेट ऑफ द आर्ट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर समेत अन्य सुविधाओं का होना जरूरी है।
  3. संस्थान के पास डिजिटल कंटेंट क्रिएशन स्टूडियो, आईटी सर्वर रूम, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एमएमएस) ऑपरेशन सेंटर, डिजिटल एग्जाम कंट्रोल रूम, टेक्नोलॉजी-बेस्ड कॉल सेंटर, 24×7 स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम और कम से कम 20 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड होना जरूरी है।
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