Maharashtra Politics : महायुति की अग्निपरीक्षा : अजित पवार की कमी से बढ़ा सियासी संकट, क्या शिंदे का बढ़ेगा दबदबा?
Maharashtra Politics : महाराष्ट्र के शासित दल गठबंधन में बीजेपी, शिवसेना शिंदे और अजित पवार की नेतृत्व वाली NCP दल के बीच जो तालमेल थी अब क्या वो आगे भी बरकरार रहेगी, अब जब अजित पवार नही रहे तो इसमें क्या बदलाव आएगा इसे अब देखना होगा
Maharashtra Politics : महायुति की अग्निपरीक्षा : अजित पवार की कमी से बढ़ा सियासी संकट, क्या शिंदे का बढ़ेगा दबदबा?
Maharashtra Politics : मुंबई : महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के जाने के बाद महायुति के तीनों बड़े नेताओं के बीच आपसी तालमेल में आई कमी कई सवाल उठा रहे है, की भाजपा के सीएम देवेंद्र फडणवीस शिवसेना से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के बीच जो आपसी समझ था अब वो कैसे ठीक होगा, क्या NCP को वोर से राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार का नाम आएगा जो अजित पवार की पत्नी है या वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल का नाम सामने आएगा, क्या अब एकनाथ शिंदे की पोलिटिकल ताकत बढ़ जायेगा, BMC मेयर चुनाव को लेके भाजपा और एकनाथ शिंदे के बीच बच चीत होने की उम्मीद थी लेकिन अब अजित पवार के जाने के बाद मामला ठंडा पड़ गया है
महायुति गठबंधन की महाराष्ट्र में सबसे बड़ी परीक्षा फ़िलहाल यही BMC चुनाव को लेकर ही है, शिवसेना की तरफ से अभी तक एकनाथ ने अपना पक्ष नही रखा है, अभी बहुत कुछ साफ होना बाकि है, ढाई-ढाई साल मेयर होने की भी अंदरूनी खबर मिली थी, अब इस बात में कितनी सच्चाई है यह आने वाले समय में पता चलेगा वैसे अजित पवार की दल ने पहले ही समर्थन दे दिया है
बीएमसी चुनाव का परिणाम
BMC चुनाव में भाजपा और एकनाथ शिंदे दल ने साझेदारी की थी, बीजेपी को 89 और शिवसेना शिंदे दल को 29 सीटें मिली है और वही शिवसेना UBT को 65 सीटें मिली है, 227 पार्षदों वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका में मेयर बनाने के लिए 114 का अकड़ा चाहिए, और वही कांग्रेस को 24, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को 8 और मनसे को 6 सीटें मिली हैं, NCP अजित पवार की 3 सीटें और वही समाजवादी पार्टी के पाले में दो सीटें आई है
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के मेयर चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना के पार्षद दल का पंजीकरण पूरा होना है, आरक्षण के बाद कल 31जनवरी तक ये काम हो जाना था, लेकिन अभी तक यह नही हो पाया है, अब फ़रवरी के पहले हफ्ते में ये पंजीकरण का काम पूरा हो सकता है, लेकिन वही उद्धव ठाकरे और मनसे के पार्षद दल का पंजीकरण पूरा हो चूका है, लेकिन जब तक सभी पार्षदों के प्रमाणपत्र BMC
के सचिव ऑफिस में जमा नही हो जाते तब तक महापौर चुनाव आगे बढ़ पाना संभव नही, यहाँ तक की भाजपा शिवसेना एक साथ दल बनाकर पंजीकरण कराएगी या अलग अलग यह भी अभी फिक्स नही हुआ है,उल्लेखनीय है की भाजपा और शिवसेना ने 25 सालों से BMC पर ठाकरे दल के कब्जे को ध्वस्त किया किया है, फ़िलहाल 2022 से BMC के प्रशासक ही कमान संभाल रहे है