Budget 2026 Tax Update: टैक्स स्लैब जस के तस, लेकिन नए Income Tax Act से बदल जाएंगे नियम, जानिए आम टैक्सपेयर्स को क्या राहत मिली?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवीं बार पूर्णकालिक केंद्रीय बजट पेश किया। बजट 2026–27 में इनकम टैक्स को लेकर सबसे बड़ा संदेश यह रहा- टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है

Update: 2026-02-01 11:05 GMT

नई दिल्ली 1 फरवरी 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवीं बार पूर्णकालिक केंद्रीय बजट पेश किया। बजट 2026–27 में इनकम टैक्स को लेकर सबसे बड़ा संदेश यह रहा- टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन टैक्स सिस्टम को आसान और विवाद-मुक्त बनाने के लिए नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस दरें बदलने के बजाय सरलीकरण, अनुपालन में आसानी और टैक्सपेयर्स को राहत देने पर है।

टैक्स स्लैब में बदलाव क्यों नहीं?

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि मौजूदा आयकर स्लैब संरचना को बरकरार रखा गया है। सरकार का मानना है कि बार-बार स्लैब बदलने के बजाय नियमों को सरल करना ज्यादा जरूरी है, ताकि आम करदाता बिना डर और भ्रम के टैक्स फाइल कर सके।

नया इनकम टैक्स एक्ट: क्या बदलेगा?

वित्त मंत्री के मुताबिक, नया इनकम टैक्स एक्ट तकनीकी खामियों को अपराध की बजाय जुर्माने के दायरे में लाने पर जोर देगा। छोटे टैक्स उल्लंघनों में अब जेल या कड़े दंड की जगह फाइन और कंप्लायंस को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही इनकम टैक्स फॉर्म्स को सरल किया जाएगा, ताकि रिटर्न फाइलिंग आम लोगों के लिए आसान हो सके।

विदेश यात्रा और पढ़ाई पर टैक्स में राहत

बजट 2026 में विदेश यात्रा करने वालों को बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने विदेशी टूर पैकेज पर TCS घटाकर 2% कर दिया है, जो पहले 5% और कुछ मामलों में 20% तक था। अब इसमें किसी न्यूनतम राशि की शर्त भी नहीं होगी।

इसी तरह LRS (Liberalised Remittance Scheme) के तहत विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे छात्रों और मरीजों के परिवारों पर टैक्स बोझ कम होगा।

TDS नियमों में भी Clarity)

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि मानव संसाधन सेवाओं (HR services) को अब कॉन्ट्रैक्टर भुगतान के तहत माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि ऐसी सेवाओं पर TDS सिर्फ 1% या 2% लगेगा। इससे कारोबारियों और कामगारों दोनों के लिए टैक्स से जुड़ी उलझन कम होने की उम्मीद है।

ITR फाइलिंग की समयसीमा में राहत

बजट में रिटर्न फाइल करने वालों को भी राहत दी गई है। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसके अलावा:

ITR-1 और ITR-2 भरने वाले करदाता 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।

नॉन-ऑडिट बिजनेस और ट्रस्ट के लिए यह समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।

टैक्स में छूट नहीं, लेकिन प्रक्रिया आसान

हालांकि बजट 2026 में नई टैक्स छूट या स्लैब में कटौती का ऐलान नहीं हुआ, लेकिन सरकार का दावा है कि आसान नियम, कम TCS-TDS और सरल कानून अपने-आप में बड़ी राहत हैं।

अन्य घोषणाएं: कृषि और उत्पादन पर जोर

इनकम टैक्स के अलावा वित्त मंत्री ने नारियल संवर्धन योजना का भी ऐलान किया। इसके तहत प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने और बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही भारतीय काजू और कोको को 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

Budget 2026 में इनकम टैक्स स्लैब स्थिर रखे गए हैं, लेकिन नया इनकम टैक्स एक्ट, कम TCS-TDS और आसान रिटर्न फाइलिंग को सरकार ने करदाताओं के लिए बड़ी राहत के तौर पर पेश किया है। अब असली बदलाव 1 अप्रैल 2026 के बाद जमीन पर कितना असर दिखाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।**

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