Schools Mobile Ban: बिलासपुर से ऐलान! सभी सरकारी-निजी स्कूलों में मोबाइल बैन! CM का सख्त आदेश, जानिए कितना लगेगा जुर्माना?

Schools Mobile Ban: राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छात्रों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर 1 मार्च 2026 से पूरी तरह पाबंदी लगाने का फैसला किया है।

Update: 2026-02-05 14:43 GMT

शिमला 5 फरवरी 2026: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छात्रों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर 1 मार्च 2026 से पूरी तरह पाबंदी लगाने का फैसला किया है। इस फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को बिलासपुर में एक कार्यक्रम के दौरान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आदेश राज्य के सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा और इसका मकसद पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाना है।

मोबाइल मिलने पर क्या कार्रवाई होगी?

सीएम सुक्खू ने बताया कि अगर किसी छात्र के पास स्कूल कैंपस में मोबाइल फोन पाया गया तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और डिवाइस जब्त कर ली जाएगी। इसके अलावा छात्र के अभिभावकों को स्कूल में काउंसलिंग सेशन में शामिल होना होगा।

सरकार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि बार-बार नियम तोड़ने की हालत से निपटने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाए ताकि पाबंदी को सख्ती और समानता के साथ लागू किया जा सके।

पाबंदी की वजह क्या बताई गई?

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखा गया है कि लंच ब्रेक और स्कूल समय के मोबाइल फोन के इस्तेमाल से छात्रों का ध्यान पढ़ाई और आपसी विकास से भटकता है। उनका कहना था कि राज्य सरकार वर्ल्ड-क्लास शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

कहां हुआ ऐलान?

यह घोषणा बिलासपुर ज़िले के घुमारवीं में आयोजित 69वें नेशनल स्कूल गेम्स अंडर-19 गर्ल्स हैंडबॉल टूर्नामेंट के समापन समारोह में की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल टीम की जीत पर 20 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा भी की। साथ ही मोरसिंगी में नए गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण का एलान किया गया।

दूसरे राज्यों में क्या स्थिति है?

हिमाचल प्रदेश से पहले भी देश के कई राज्यों में स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। इनमें बिहार, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। बिहार में कक्षा 1 से 12 तक मोबाइल पर रोक है हालांकि वहां जुर्माने का प्रावधान नहीं है। गुजरात और महाराष्ट्र में भी स्कूल परिसरों में मोबाइल के इस्तेमाल पर नियम लागू हैं।

अब निगाहें इस पर हैं कि SOP के ज़रिए सरकार इसे ज़मीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर पाती है।

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