Cooking Oil Tips : खाना बनाने जा रही ? क्या आपको पता है आपका कुकिंग आयल सही है या नहीं, आइये जानें कौन सा तेल सेहत के लिए फायदेमंद और कौन सा जहर के समान

Cooking Oil Tips : सेहत के लिए सबसे अच्छा कुकिंग आयल चुनना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह दिल, कोलेस्ट्रॉल, पाचन और अन्य स्वास्थ्य पहलुओं को प्रभावित करता है .

Update: 2026-01-21 08:05 GMT

Cooking Oil Tips :  कुकिंग आयल हमारे लाइफ का बहुत बड़ा हिस्सा है. रसोई की जरूरी सामग्री के साथ ही यह हमारी रोजमर्रा के लाइफ का भी एक पार्ट है. इसके बिना हमारे रोज के नाश्ते, लंच और डिनर का सोचना भी पॉसिबल नहीं हैं. पर क्या आपको पता है इसके एक गलत सलेक्शन से हमारा शरीर बीमारियों का घर बन सकता है.


सेहत के लिए सबसे अच्छा तेल चुनना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह दिल, कोलेस्ट्रॉल, पाचन और अन्य स्वास्थ्य पहलुओं को प्रभावित करता है. यहाँ हम आपसे कुछ हेल्थ एक्सपर्ट से बातचीत कर बताने जा रहे हैं की हमें कौन से कुकिंग आयल खाने में यूज करने चाहिए. किस कुकिंग आयल में क्या फायदे मिलते हैं. साथ ही किस बीमारी में कौन से आयल नहीं खाने चाहिए. 




 

ये सेहत के लिए फायदेमंद 


एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल (Extra Virgin Olive Oil)


मोनोअनसैचुरेटेड फैट और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर. हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है. सूजन और LDL कोलेस्ट्रॉल को कम करता है.


एवोकाडो ऑयल (Avocado Oil)


हाई स्मोक पॉइंट (तलने के लिए उपयुक्त). विटामिन E और D से भरपूर. त्वचा और इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद.


सरसों का तेल (Mustard Oil)


ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण. पाचन में सहायक और हार्ट के लिए अच्छा.


तिल का तेल (Sesame Oil)


कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन K से भरपूर.हड्डियों और मांसपेशियों के लिए लाभकारी.


मूंगफली का तेल (Groundnut Oil)


हाई स्मोक पॉइंट. दिल के लिए अच्छा और कैंसर से बचाव में सहायक.


घी (Ghee)


सीमित मात्रा में उपयोग करने पर पाचन और मस्तिष्क के लिए लाभकारी. आयुर्वेद में इसे श्रेष्ठ माना गया है.


सेहत के लिए नुकसानदायक तेल

  • डालडा या वनस्पति घी (Vanaspati Ghee) - ट्रांस फैट्स से भरपूर.दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है.
  • ताड़ का तेल (Palm Oil) - सैचुरेटेड फैट्स अधिक.वजन और कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है.
  • नारियल तेल (Coconut Oil) - सैचुरेटेड फैट्स अधिक होने के कारण सीमित मात्रा में ही उपयोग करें.

ये जानना भी जरुरी 


* तेल बदल-बदल कर इस्तेमाल करें ताकि सभी पोषक तत्व मिल सकें.

* कम मात्रा में तेल का उपयोग करें, चाहे वह कितना भी हेल्दी क्यों न हो.

* तेल को बार-बार गर्म न करें, इससे हानिकारक यौगिक बन सकते हैं.




 इन बीमारियों में इन तेलों से बचें :


हृदय रोग


रिफाइंड सूरजमुखी, सोयाबीन, मक्का तेल (ओमेगा-6 अधिक), पाम ऑयल (संतृप्त वसा), हाइड्रोजनीकृत तेल (वनस्पति/डालडा). ये LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) बढ़ाते हैं और सूजन को बढ़ावा देते हैं.


मधुमेह (Diabetes)


मक्का तेल, सोयाबीन तेल, और अत्यधिक तले हुए खाद्य पदार्थ. ओमेगा-6 और ओमेगा-3 का असंतुलन सूजन बढ़ाता है, जो मधुमेह से जुड़ा है.


पाचन संबंधी समस्याएं (एसिडिटी, गैस)


सरसों का तेल (तासीर गर्म होती है, पचाना मुश्किल), बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल. उल्टी-दस्त और पेट की जलन बढ़ा सकता है. इस्तेमाल किया तेल हानिकारक.


कैंसर का खतरा 


प्रोसेस्ड और रिफाइंड तेल (केमिकल से बनते हैं), अत्यधिक गर्म तेल. प्रोसेसिंग के दौरान पोषक तत्व नष्ट होते हैं और हानिकारक रसायन बन सकते हैं. 



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