Mahakal Bhasm Aarti Live Today 6 Feb : उज्जैन से महाकाल लाइव : भस्म आरती में उमड़ा जनसैलाब, देखें त्रिकालदर्शी का अलौकिक श्रृंगार
Mahakal Bhasm Aarti Live Today 6 Feb : आज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दिन शुक्रवार है. आज सुबह महाकाल के मंदिर में एक अलग ही उमंग देखने को मिल रहा है. महाकाल के दरबार में लाखों भक्तो की भारी भीड़ है. श्रद्धालु आधी रात से ही लंबी लाईनों में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए रहें
Mahakal Bhasm Aarti Live Today 6 Feb : उज्जैन से महाकाल लाइव : भस्म आरती में उमड़ा जनसैलाब, देखें त्रिकालदर्शी का अलौकिक श्रृंगार
Mahakal Bhasm Aarti Live 6 February 2026 : उज्जैन : आज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दिन शुक्रवार है. आज सुबह महाकाल के मंदिर में एक अलग ही उमंग देखने को मिल रहा है. महाकाल के दरबार में लाखों भक्तो की भारी भीड़ है. श्रद्धालु आधी रात से ही लंबी लाईनों में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए रहें. आज सुबह जब मंदिर का पट खोला गया तो जय महाकाल के जय घोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा, भक्तो ने साक्षात् त्रिकालदर्शी बाबा महाकाल के दर्शन किए| फिर महाकाल का श्रृंगार शुरू किया गया|
श्रृंगार आरती
महाकाल मंदिर में आज सुबह 4 बजे जब मंदिर का पट खोला गया तो रोज की भांति. आज भी सबसे पहले भोलेनाथ का दूध, दही, घी, शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया. फिर भोलेनाथ को गर्म निर्मल जल से स्नान कराया गया. उसके बाद मंत्रो के उच्चारण के साथ भोलेनाथ का मनमोहक श्रृंगार किया गया. भगवान भोलेनाथ को फूलो की माला पहनाई गई, बेल पत्र चढ़ाया गया भांग अर्पित की गई. और भोलेनाथ को राजसी मुकुट पहनाया गया. और चन्दन, सिंदूर,और बंदन का टिका लगाया गया, नए वस्त्र धारण कराये गए, गले में फूलो के साथ रुद्राक्ष की माला और नाग की माला पहनाई गई, महाकाल मंदिर में भोलेनाथ को दिन भर अलग-अलग सिंगार के साथ अनेको रूपों में सजाया जाता है. भगवान महाकाल के कई रूपों के दर्शन होते है|
महाकाल भस्म आरती
फिर कपूर आरती की गई, उसके बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाया गया, फिर महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म की पोटली बनाकर, भस्म को एक महीन सुभी कपडे में बांधकर भोलेनाथ पर हल्के हाथों से बिखेर दिया जाता है. जिसे भस्म आरती कहा जाता है, यह भस्म आरती करीब 2 घंटे तक की जाती है, ढोल नगाड़ो थाप और मधुर मंत्रो से मंदिर परीसर भक्तिमय हो जाता है, त्रिकालदर्शी महाकाल के दर्शन कर भक्त निहाल हो जाते है. मान्यता ऐसी है, की इस भस्म आरती के दौरान साक्षात् महाकाल के दर्शन होते है, ये जो भस्म की वर्षा भोलेनाथ पर की जाती उसे कपिला गाय के गोबर से बने कंडे, शमी पीपल, पलास और बेर पेड़ के लकड़ियों को एक साथ जलाकर तैयार किया जाता है|
दिनभर महाकाल की सेवा
आरती का समय : सबसे पहले भस्म आरती 4 से 6 बजे तक की जाती है उसके बाद दद्योतक आरती 7:30 से 8:15 बजे तक चलती है उसके बाद भोग आरती 10:30 से 11:15 बजे तक की जाती है. जिसमे मौसम के अनुसार भोलेनाथ को भोग लगाया जाता है. भोग की पूरी थाल सजाई जाती है. उसके बाद शाम को संध्या आरती होती है. जो 6:30 से 7:15 बजे तक की जाती है, उसके बाद अंत में शयन आरती रात 10:30 से 11:00 बजे तक की जाती है. फिर दूसरे दिन तक के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए जाते है. इसी तरह दिन भर महाकाल अपने भक्तो को अलग-अलग रूपों में दर्शन देते है|
मंदिर की विशेष मान्यता
महाकाल मंदिर की एक और खास मान्यता है. की अगर आप महाकाल दर्शन पर आ रहे है, तो जुना महाकाल के दर्शन जरुर करे, मतलब यहाँ मंदिर परिसर में ही जुना महाकाल का मंदिर है, कहा जाता है. की जुना महाकाल के दर्शन बिना महाकाल दर्शन अधुरा माना जाता है. इसलिए जब भी आप उज्जैन महाकाल दर्शन पर आये तो जुना महाकाल के दर्शन जरुर करें, और अपनी धर्मिक यात्रा को पूरी करें|
मंदिर से जुड़ी जरुरी जानकारी
उज्जैन महाकाल मंदिर से जुडी कोई भी जानकारी के लिए आप इस टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002331008 में फोन कर सकते है, महाकाल मंदिर में दर्शन आदि की जानकारी पूजा पाठ दान आदि की जानकारी के लिए आप इन नंबरों 0734-2559272, 2559277, 2559276, 2559275 पर फोन कर जानकारी घर बैठे पा सकते है|