“80 साल के बुजुर्गों ने अपनी जिंदगी जी ली, युवाओं को बचाईये”….वैक्सीनेशन को लेकर हाईकोर्ट की केंद्र को तगड़ी फटकार… पूछा- “अनाथ हुए बच्चों के लिए योजना लाने की जरूरत क्यों पड़ी…वो अनाथ हुए ही क्यों”

Update: 2021-06-01 08:05 GMT

दिल्ली 1 जून 2021। वैक्सीनेशन को लेकर हाईकोर्ट ने आज केंद्र सरकार को तगड़ी फटकार लगायी। हाईकोर्ट ने कहा कि युवाओं को बचाया जाना चाहिए, क्योंकि वे देश का भविष्य हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि ये एक संतोषजनक प्रणाली नहीं हैं। आपने शुरुआत में 45-60 का टीकाकरण शुरू किया था और अब आपने इसे 18 साल के युवाओं के लिए शुरू किया है। हम देख रहे हैं कि आप उनका टीकाकरण नहीं कर रहे हैं। यहां कोई वैक्सीन नहीं है। आपने उनके लिए टीकाकरण की घोषणा क्यों की? आपको इतनी गलत घोषणा क्यों करनी पड़ी? हमें भविष्य में निवेश करना है, भविष्य में आराम नहीं करना है। हम अपने देश के युवाओं को दरकिनार कर रहे हैं और वृद्धों को तरजीह दे रहे हैं।

हाई कोर्ट ने कहा कि 80 साल की उम्र के लोग देश को आगे नहीं ले जाएंगे, देश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी युवा लोगों पर ही है, ऐसे में अगर हमको किसी को सबसे पहले सुरक्षित करना है तो इन युवाओं को ही करना होगा. कोरोना काल के दौरान अनाथ हुए बच्चों के मामले पर भी हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) से घोषित मदद पर हलफनामा दाखिल करे.

हाई कोर्ट ने कहा, अभी तक राज्यों से मिली जानकारी के मुताबिक 9 हजार से ज्यादा बच्चों ने माता-पिता या दोनों में से एक को खोया है. आज हमने पढ़ा की सरकार अनाथ बच्चों के लिए नीतियां लेकर आई है. यह जरूरत ही क्यों पड़े. एक बच्चे को उतना स्नेह और प्यार किसी से नहीं मिल सकता जो उन्हें अपने पैरंट्स से मिलता है. उनके पैरंट्स को बचाइए. मामले में अगली सुनवाई 7 जून को होगी.

हाईकोर्ट ने आगे कहा कि हमारे पास बुजुर्ग मरीजों के लिए बेड्स नहीं हैं। आपके 80 साल के बुजुर्ग ने अपना जीवन जी लिया है, लेकिन जब हम संकट के समय में होते हैं तो आदर्श रूप से, आपको सभी को बचाना चाहिए और अगर आपके पास संसाधन नहीं हैं तो युवाओं के बारे में सोचने का फैसला करें। कोर्ट ने कहा कि भगवान भी हमारी मदद नहीं करेंगे, अगर हम खुद की मदद नहीं करेंगे। आपके पास सभी आंकड़े हैं।

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