मां-बाप फंदे पर लटके और बेटे ने काट ली कलाई, हैदराबाद में कंगाली ने हंसते-खेलते परिवार को किया तबाह....
Hyderabad Shocker : अंबरपेट के बापूनगर में आर्थिक तंगी की मार ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया. यहां कर्ज और कंगाली से टूटे माता-पिता ने पहले फांसी लगाकर अपनी जान दे दी, जिसके बाद उनके 24 साल के जवान बेटे ने भी अपनी कलाई काटकर खुदकुशी कर ली. एक ही घर के भीतर मौत के अलग-अलग और खौफनाक तरीके देखकर पुलिस भी सन्न रह गई है.
मां-बाप फंदे पर लटके और बेटे ने काट ली कलाई, हैदराबाद में कंगाली ने हंसते-खेलते परिवार को किया तबाह....
Hyderabad Triple Suicide : हैदराबाद : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के अंबरपेट इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहाँ के बापूनगर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने मौत को गले लगा लिया. घर के अंदर का मंजर इतना खौफनाक था कि जिसने भी देखा उसकी रूह कांप गई. मरने वालों में पति-पत्नी और उनका जवान बेटा शामिल है. इस सामूहिक आत्महत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया.
अलग-अलग तरीके से चुनी मौत
पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो उसे घर के अंदर मौत का अलग-अलग मंजर देखने को मिला. शुरुआती जांच और हालात को देखकर लग रहा है कि परिवार ने बहुत ही दर्दनाक तरीके से जान दी है. बताया जा रहा है कि सबसे पहले घर की महिला ने सुसाइड किया. उसके बाद पति रामराजू ने पंखे से लटककर अपनी जान दे दी. और उनके 24 साल के बेटे शशांक ने अपनी कलाई काट ली. कलाई की नस कटने से इतना खून बहा कि मौके पर ही उसकी भी मौत हो गई.
पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना
यह दर्दनाक घटना तब सामने आई जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला. पड़ोसियों को कुछ अनहोनी का शक हुआ, क्योंकि घर के अंदर से कोई हलचल नहीं हो रही थी. बार-बार आवाज देने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने तुरंत अंबरपेट पुलिस को फोन किया. पुलिस ने दरवाजा तोड़कर जब अंदर प्रवेश किया, तो तीनों के शव बरामद हुए. पुलिस ने पंचनामा कर तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है.
आर्थिक तंगी या कोई राज
पुलिस इस सामूहिक आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी को सबसे बड़ी वजह मान रही है. चर्चा है कि परिवार काफी समय से पैसों की किल्लत और कर्ज से जूझ रहा था. हालांकि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है. सिकंदराबाद के एडिशनल DCP नरसैय्या ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस परिवार के बैंक डिटेल्स, कर्ज के रिकॉर्ड और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किस मजबूरी ने हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया.
साल 2018 दिल्ली का बुराड़ी कांड
साल 2018 में दिल्ली के बुराड़ी इलाके से एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे देश का कलेजा कंपा दिया था. एक ही घर के भीतर एक ही परिवार के 11 सदस्य संदिग्ध हालत में मृत पाए गए थे. घर के आंगन में 10 लोग जाल से लटके हुए थे, जबकि परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला का शव दूसरे कमरे में मिला था. इस घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि लगभग सभी सदस्यों की आंखों पर पट्टी बंधी थी, मुंह पर टेप लगा था और हाथ पीछे बंधे हुए थे. पुलिस को मौके से ऐसी डायरियां मिलीं, जिनमें मौत के तरीके और मोक्ष प्राप्ति की बातों का जिक्र था, जिससे यह मामला साफ तौर पर अंधविश्वास और किसी रहस्यमयी अनुष्ठान से जुड़ा नजर आया.
जांच में यह बात सामने आई कि यह परिवार किसी आर्थिक तंगी या दुश्मनी का शिकार नहीं था, बल्कि मनोवैज्ञानिक विकार से जूझ रहा था. परिवार के एक सदस्य को लगता था कि उसके मृत पिता उसे निर्देश दे रहे हैं, और बाकी सदस्य बिना किसी सवाल के उन बातों को मान रहे थे. घर की दीवारों से निकले 11 पाइप और खिड़कियों के अजीबोगरीब जाल ने भी इस गुत्थी को और उलझा दिया था. अंत में पुलिस जांच ने इसे सामूहिक आत्महत्या माना, जो किसी बाहरी हमले के कारण नहीं, बल्कि परिवार के भीतर पनपे अंधविश्वास और मानसिक भ्रम का भयावह नतीजा था.