CG News: SDM समेत 4 के खिलाफ FIR दर्ज, NPG.NEWS का असर, एसडीएम की पिटाई से हुई थी ग्रामीण की मौत...

CG News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एसडीएम की पिटाई से ग्रामीण की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने पीएम रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम समेत चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

Update: 2026-02-16 12:45 GMT

(Deputy Collector Karun Dahariya) करुण डहरिया 2019 बैच राप्रसे अधिकारी हैं।

CG News: रायपुर/बलरामपुर। बलरामपुर जिले के कुसमी में एसडीएम की पिटाई के बाद ग्रामीण की मौत मामले में आखिरकार पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। एसडसीएम करूण डहरिया, विक्की सिंह उर्फ अजय प्रतार सिंह, मंजीत कुमार यादव व सुदीप यादव के खिलाफ धारा 103, 115 (2), 3 (5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

नीचे पढ़ें एफआईआर 

''मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 15 फ़रवरी की देर शाम पुलिस को सूचना मिली कि, ग्राम हंसपुर के जगल में हंसपुर के रहने वाले तीन व्यक्तियों के साथ मारपीट की गई है, जिन्हे ईलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया थाउपचार के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस द्वारा थाना कोरंधा में मर्ग क्रमांक 2/2026 कायम कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना दौरान गवाहों व अन्य मौका साक्ष्य के आधार पर पाया गया कि 15 फ़रवरी को एसडीएम कुसमी करूण डहरिया के द्वारा अपने 3 साथियों के साथ देर शाम अवैध बाक्साइड उत्खनन पर कार्रवाई हेतु ग्राम हंसपुर जंगल के पास पहुंचे थे जहां इनके द्वारा अवैध बाक्साईड उत्खनन का आरोप लगाकर इनके साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण राम उर्फ रामनरेश पिता रेगहा 62 वर्ष निवासी ग्राम हंसपुर की मौत हो गई है।

मामले की प्राथमिक विवेचना में आए साक्ष्यों के आधार आरोपी 1. एसडीएम कुसमी करूण डहरिया 2. विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह 3. मंजीत कुमार यादव 4. सुदीप यादव, सभी के खिलाफ अपराध क्रमांक 03/2026, धारा 103(1), 115(2), 3(5) बीएनएस दर्ज कर चारों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। प्रकरण में आगे की जाँच जारी है।,,

जानिए पूरा मामला 

बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लॉक के हंसपुर में बाक्साइट खनन इलाके में कल रात एक बड़ी वारदात हो गई। कुसमी के एसडीएम करूण डहरिया की स्थानीय लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि एसडीएम और उनके साथ गए प्रायवेट लोग रॉड से ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इसमें एक आदिवासी की मौत हो गई। एसडीएम और उनके गुर्गों के हमले में घायला लोगों ने बताया कि वे गेंहू के खेत में पानी की सिंचाई कर लौट रहे थे। मामला कुसमी थाना क्षेत्र का है।

सवाल उठता है कि एसडीएम अगर अवैध माईनिंग की जांच करने गए थे तो वे सरकारी गाड़ी में क्यों नहीं गए? थार गाड़ी किसकी थी? उन्हें प्रायवेट गाड़ी में जाने की क्या जरूरत थी? राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी की बजाए उनके साथ प्रायवेट लोग क्यों गए थे? सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने फोन कर नायब तहलीदार को बुलाया ताकि बताया जा सके कि उनके साथ पूरा राजस्व अमला था।

अब तक जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक, कुसमी एसडीएम करूण डहरिया प्रायवेट गुर्गो के साथ थार गाड़ी से देर शाम हंसपुर पहुंचे। रात में हंसपुर के तीन ग्रामीण सरना के पास टीम को मिले। आरोप है कि एसडीएम और उनके गुर्गो ने आदिवासियों की रॉड से पिटाई कर दी।

0 हॉस्पिटल में एक की मौत, दो अन्य घायल

मारपीट में एक ग्रामीण के बेहोश हो जाने पर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी पहुंचाया गया। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक ग्रामीण राम नरेश राम (60 वर्ष) की मौत हो गई। दो अन्य ग्रामीण अजीत उरांव (60 वर्ष) एवं आकाश अगरिया (20 वर्ष) घायल हैं। घायल आकाश अगरिया एवं अजीत उरांव ने बताया कि वे गेंहू में पानी सिंचपई करने गए थे। रात करीब 8 बजे लौट रहे थे। वहां एसडीएम की गाड़ी एवं एक अन्य वाहन में सवार करीब 6 से 7 लोगों ने सरना के पास उन्हें रोका एवं पूछा कि कहां से आ रहे हो। इसके बाद रॉड, डंडे एवं लात से उनकी बेदम पिटाई कर दी। उन्हें गाड़ी में बैठाकर कुसमी लाया जा रहा था। रास्ते में राम नरेश राम बेहोश हो गया तो तीनों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया।

मारपीट में एक ग्रामीण की मौत एवं दो अन्य के घायल होने के बाद हंगामें की आशंका को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं कुसमी थाने में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। कुसमी में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। जांच के लिए बलरामपुर एडिशनल एसपी विश्व दीपक त्रिपाठी कुसमी पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार कुसमी एसडीएम एवं नायब तहसीलदार सहित मारपीट में शामिल युवकों को राजपुर थाने में बैठाकर रखा गया है।

बता दें कि कुसमी एसडीएम करूण डहरिया शुरू से ही विवादित रहे हैं। डहरिया 2019 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। चांपा-जांजगीर जिले में पोस्टिंग के दौरान छात्रों के साथ उनका गंभीर विवाद हो गया था। छात्रों ने उन पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था। इसके बाद सरकार ने उन्हें हटाकर गरियाबंद जनपद पंचायत का सीईओ बनाया था।

रिश्वत लेते गिरफ्तार

गरियाबंद के जनपद पंचायत सीईओ रहने के दौरान नलकूप बोरवेल खनन के लिए तीन लाख रुपए का बिल पास करने उन्होंने 40 हजार रुपए मांगा था। पहली किश्त के तौर पर 20 हजार रुपए लेते वे रंगे हाथ पकड़े गए थे। इस केस में एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। नवंबर 2022 का यह वाकया है। उस दौरान कांग्रेस की सरकार थी। और ठेकेदार भी सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा था। इसके बाद भी सीईओ ने बिना रिश्वत लिए बिल पास करने से इंकार कर दिया था।




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