CG Crime News: 51 लाख की ठगी! अपराध के दो तरीके, ठगों ने लगाया लाखों का चूना, पढ़िए दो अपराध और ठगी के दो अंदाज

CG Crime News: ठग के झांसे और लालच में आकर सराफा कारोबारी और एक व्यवसायी ने लाखों रुपये गंवा दिया है। राजस्थान के ठग ने सराफा करोबारी को चकमा दिया और 36.83 लाख रुपए के 224.670 ग्राम सोने के जेवर लेकर फरार हो गया। निवेश में भारी मुनाफे के लालच में एक व्यवसायी ने साढ़े 15 लाख रुपये गंवा दिए। दो अपराध और ठगी के दो अंदाज ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।

Update: 2026-02-05 11:20 GMT

सोर्स- इंटरनेट, एडिट- npg.news

CG Crime News: बिलासपुर। ठग के झांसे और लालच में आकर सराफा कारोबारी और एक व्यवसायी ने लाखों रुपये गंवा दिया है। राजस्थान के ठग ने सराफा करोबारी को चकमा दिया और 36.83 लाख रुपए के 224.670 ग्राम सोने के जेवर लेकर फरार हो गया। निवेश में भारी मुनाफे के लालच में एक व्यवसायी ने साढ़े 15 लाख रुपये गंवा दिए। दो अपराध और ठगी के दो अंदाज ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।

दोनों मामले छत्तीसगढ़ बिलासपुर के दो अलग-अलग थाना क्षेत्र का है। पहला मामला सिटी कोतवाली थाने का है। तेलीपारा के सराफा कारोबारी से राजस्थान के ठग ने 36.83 लाख रुपए के 224.670 ग्राम सोने के जेवर लिया और फरार हो गया।

तेलीपारा रोड अजीत होटल के सामने स्थित श्री लीला ज्वेलर्स के संचालक तुषार दोशी ने पुलिस को बताया कि 6 मार्च 2024 को एक व्यक्ति उनकी दुकान में आया। उसने अपना नाम कमलेश सोनी बताते हुए स्वयं को राम सिल्वर, 156-सी, दाउजी की बावड़ी, नाकोड़ा नगर, उदयपुर राजस्थान का संचालक बताया। अपने आपको सोना-चांदी के आभूषणों का व्यापारी बताते हुए व्यापारिक लेन-देन के लिए भरोसा दिलाया।

तुषार दोशी से 22 कैरेट सोने के जेवर लेकर उन्हें बाजार में बेचकर राशि वापस करने की बात कही। उसकी बातों में आकर तुषार दोशी ने 224.670 ग्राम सोने के हार और कंगन जिसकी कीमत तकरीबन 36.83 लाख रुपए बताई जा रही है बुक किए। इसके बाद 20 मार्च 2024 को सोने के जेवर को कोरियर के माध्यम से उदयपुर स्थित राम सिल्वर के पते पर भेज दिया। आरोपित ने जेवर मिलने के बाद 28 मार्च 2024 को पीड़ित के खाते में छह लाख 500 रुपए आनलाइन पेमेंट किया। इसके बाद से न तो ना तो बाकि रकम का भुगतान किया और न ही सोने के जेवर वापस किए। लगातार फोन करने पर आरोपी बातचीत से बचता रहा और बाद में उसका मोबाइल बंद आने लगा। मामले की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

दोगुने मुनाफे की लालच में गंवाई 15.50 लाख रुपये

दूसरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। डबल मुनाफा कमाने की लालच में महिला व एक युवक ने ंव्यवसायी कमलेश गवेल को झांसा दिया और 15 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली। रुपये मांग तो उसे जान से मारने, मारपीट करने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी। शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने महिला व युवक के खिलाफ धारा 420, 506 एवं 34 भादंवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पढ़िए क्या है मामला

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा थाना क्षेात्र के ग्राम बोकरेल निवासी कमलेश गवेल (34), बिलासपुर सिविल लाइन क्षेत्र के मंझवापारा में रहता है और व्यवसाय करता है। 2023 में फेसबुक के जरिए रेवती मैत्री से पहचान हुई थी। महिला ने खुद को दिल्ली की नैस्वीज रिटेल्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताया था। रेवती मैत्री ने कंपनी के स्टेमसेल्फ प्रोडक्ट फाइटोविज और अल्कलाइन वाटर आयोनाइजर मशीन के जरिए मोटे मुनाफे का लालच दिया।उसे बताया गया कि कंपनी से जुड़ने पर हर ग्राहक पर कमीशन मिलेगा और कुछ महीनों में रकम दोगुनी हो जाएगी।

बातचीत जब पक्की हो गई तब उसे इमरान खान और मोहम्मद रहीस से मिलवाया गया। तीनों ने कोरबा के दीनदयाल मार्केट स्थित सिटी सेंटर माल के दूसरे तल पर बने आफिस में भरोसा बढ़ाने वाली बातें की। आरोपी ने पहले छोटी रकम वापस कर यह साबित किया कि सिस्टम सही है। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में लगातार पैसा निवेश कराया। पीड़ित व्यवसायी को यह भी बताया कि कंपनी के अचीवमेंट दिखाने के लिए कार खरीदनी है, ताकि नए लोग निवेश करें। इसी दिखावे में उसके पैसों से कोरबा कार्यालय में तीन एसी भी लगवा लिए।

2023 से जनवरी 2025 के बीच उससे आनलाइन 7.50 लाख रुपए और आठ लाख रुपए कैश लिए गए। जब उसने पूरी राशि लौटाने की मांग की, तो आरोपियों ने उसे शांत रहने को कहा और भविष्य में एक साथ पैसा मिलने का भरोसा दिलाया। बाद में उसे मारपीट, जान से मारने और बलात्कार जैसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगे। डर और दबाव के चलते पीड़ित काफी समय तक चुप रहा, लेकिन जब उसे पता चल गया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है, तब उसने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।

ऐसे रची ठगी की स्क्रिप्ट

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ठगी के लिए पहले सोशल मीडिया को माध्यम बनाया। फेसबुक के जरिए संपर्क कर पीड़ित से दोस्ती बढ़ाई और भरोसा जीतने के बाद एक बड़ी और नामी कंपनी का हवाला देकरए उसे निवेश के लिए तैयार किया। कंपनी के प्रोडक्ट, कमीशन सिस्टम और बड़े मुनाफे की बातें कर पीड़ित को यह भरोसा दिलाया गया कि यह एक सुरक्षित और लाभकारी निवेश है। इसके बाद कोरबा स्थित आफिस, कथित सीनियर कर्मचारियों और नेटवर्क का दिखावा कर निवेश को पूरी तरह विश्वसनीय बताया गया।

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