समृद्धि की नई सड़कें, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में आकार ले रहा विश्वास और विकास का रोड कनेक्टिविटी...
रायपुर 17 जुलाई 2023। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में विश्वास और विकास का जो रोडमैप तैयार किया है, वह अब आकार ले रहा है। छत्तीसगढ़ की सड़कें यहां की लाइफ लाइन हैं जो आने वाले समय में विकास के नए रास्तें खोलेंगी, व्यापार बढ़ेगा, पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों के विकसित होने के साथ आर्थिक तौर पर छत्तीसगढ़ के अंदरूनी इलाके समृद्धि की ओर बढ़ेंगे। यह सब कुछ संभव होगा सड़कों के उन कारिडोर से जिसे बढ़ाने का काम जारी है। छत्तीसगढ़ में बीते साढ़े चार साल में राज्य में विभिन्न योजनाओं में सड़क एवं पुल के 7406 कार्यों हेतु लगभग 16 हजार 670 करोड़ रूपए तथा इस दौरान भवनों के 419 कार्यों हेतु लगभग 908 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिल चुकी है । विगत 4 वर्षों में राज्य मद के अंतर्गत 9884 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन किया जा चुका है। इनमें 4 हजार 41 किलोमीटर सड़कों का नया डामरीकरण , 3 हजार 244 किलोमीटर सड़कों का डामरीकृत नवीनीकरण, 1 हजार 113 किलोमीटर सड़कों का चौडीकरण, 588 किलोमीटर सड़कों का मजबूतीकरण तथा 898 किलोमीटर सड़कों का सीमेंट कांक्रीटीकरण किया गया है।
मुख्यधारा में शामिल हो रहे दुर्गम इलाके
बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बस्तर जैसे जिलों के दुर्गम इलाके धीरे धीरे मुख्यधारा में शामिल होते जा रहे हैं। बस्तर संभाग की अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र की 231 किलोमीटर लम्बी 75 सड़कों का 37 करोड़ रूपए की लागत से संधारण किया गया। इसी तरह आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सरगुजा संभाग की 146 सड़कें, जिनकी लम्बाई 560 किलोमीटर है, उनका संधारण 90 करोड़ रूपए की लागत से किया गया। अति नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिला अंतर्गत पूर्व में कोई भी नवीनीकरण के कार्य नहीं हुए थे, वहां भी सड़क निर्माण पश्चात् पहली बार 10.50 किलोमीटर लम्बी 04 सड़कों के नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। सड़कों के निर्माण और मरम्मत से किसानों की पंजीयन संख्या बढ़ी है, इन क्षेत्रों में धान की बिक्री बढ़ी है, वनोपज संग्रहण एवं विक्रय कार्यों में तेजी आई है और छत्तीसगढ़ में रोजगार के साधन भी उपलब्ध हुए हैं।
विश्वास, विकास एवं सुरक्षा ही सरकार का मूलमंत्र
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि विश्वास, विकास एवं सुरक्षा ही सरकार का मूलमंत्र है। मुख्यमंत्री के अनुसार छत्तीसगढ़ के अंदरूनी इलाकों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना सबसे जरूरी है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीणों तक राशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार माध्यम, रोजमर्रा की चीजें, रोजगार व आजीविका के साधन उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सड़क एक महत्वपूर्ण साधन है।
782 सड़कों के लिए 779 करोड़ का बजट
वित्तीय वर्ष 2023-24 में नवीनकरण कार्य हेतु 2915 किलोमीटर लम्बी 782 सड़कों के संधारण के लिए 779 करोड़ रूपए की राशि प्रस्तावित है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों में नवीनीकरण कार्य हेतु नियमित रूप से राज्य शासन द्वारा बजट उपलब्ध कराये जाने के फलस्वरूप नवीनीकरण कार्य में देश में अग्रणी स्थान पर है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों का संधारण एवं रखरखाव का दायित्व राज्य सरकार का रहता है। भारत सरकार द्वारा इसके लिए कोई भी राशि नही दी जाती है। इस संबंध में भारत सरकार को भी केन्द्रांश दिये जाने का अनुरोध किया जाता रहा है। प्रदेश में योजना के प्रारंभ से अब तक कुल 8193 सड़कें लंबाई 40,234 किलोमीटर का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन निर्मित सड़कों से 10,590 पात्र बसाहटें लाभान्वित हो चुकी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा निर्मित सड़कें ग्रामीण क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए आवागमन का एक मात्र बारहमासी मार्ग होता है। ग्रामीणों के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कें जीवन रेखा के समान है। 5 वर्ष तक नियमित संधारण कार्य का दायित्व अनुबंधकर्ता ठेकेदार का होता है। निर्मित सड़को का उचित रखरखाव नहीं होने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती है जिसे दृष्टिगत रखते हुये राज्य शासन द्वारा संधारण कार्यो में पर्याप्त सतर्कता बरती जा रही है। कुल निर्मित सड़कों में से 3664 सड़कें लंबाई 17,577 किलोमीटर पांच वर्ष नियमित संधारण के अंतर्गत हैं, शेष सड़कों के निर्माण की पांच वर्ष की अवधि पूर्ण हो जाने के पश्चात नवीनीकरण की स्थिति में हैं। अब तक कुल 5609 सड़कें जिनकी लंबाई 22,700 किलोमीटर का नवीनीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।