कोरोना तीसरी लहर-पटाखों पर रोक: इन दो राज्य में दिवाली से नये साल तक नहीं होगी आतिशबाजी, पटाखों की खरीद-बिक्री पर 31 जनवरी तक रोक… सरकार ने इस वजह से लिया निर्णय
जयपुर 1 अक्टूबर 2021. राजस्थान और दिल्ली में इस बार बिना पटाखों के दिवाली मनेगी. आतिशबाजी के साथ लोग हैप्पी न्यू ईयर का स्वागत भी नहीं कर पायेंगे. कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर राज्य सरकारों ने पटाखों की खरीद-बिक्री एवं आतिशबाजी पर रोक लगा दी है. राजस्थान सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि कोरोना, गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों एुवं बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखते हुए यह फैसला किया गया है.
सरकार ने 1 अक्टूबर 2021 से 31 जनवरी 2020 तक राजस्थान में आतिशबाजी पर रोक (Rajasthan Bans Crackers) लगायी है. साथ ही कहा है कि इस दौरान पटाखों की खरीद-बिक्री भी नहीं होगी. राज्य सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में गुरुवार (30 सितंबर) को एक परामर्श जारी किया. प्रतिबंध लगाने की वजह मुख्य रूप से कोरोना वायरस के संक्रमण की तीसरी लहर के खतरे को बताया गया है.
गृह विभाग ने जो आदेश जारी किया है, उसमें कहा गया है कि विशेषज्ञों ने कोरोना संक्रमण (Covid19) की तीसरी लहर की आशंका व्यक्त की है. पिछले साल कोरोना संक्रमण के दौरान आतिशबाजी पर रोक लगायी गयी थी. आतिशबाजी का धुआं सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद खतरनाक है. यह भी दलील दी गयी है कि आतिशबाजी से निकलने वाले धुआं से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घटती है.
गृह विभाग ने जो परामर्श जारी किया है, उसमें कहा है कि आतिशबाजी के धुआं से दमा, कोरोना, सीओपीडी से जूझ रहे लोगों के अलावा वृद्धजनों की सेहत पर भी विपरीत असर पड़ता है. यही वजह है कि सरकार ने पटाखों की खरीद-बिक्री एवं आतिशबाजी पर 1 अक्टूबर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है.
वहीँ राजधानी दिल्ली में भी इस बार भी दिवाली बिना पटाखों वाली ही रहेगी. दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी ने 1 जनवरी 2022 तक राजधानी में सभी तरह के पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है. साथ ही पटाखों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है. कमेटी ने पटाखों पर बैन लगाने का आदेश जारी कर दिया है.
पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के जारी आदेश में पटाखों पर रोक लगाने की दो वजहें बताई गई है. पहली वजह कोरोना को बताया गया है. आदेश में लिखा गया है कि दिल्ली में कोविड की एक और लहर आने का खतरा है, ऐसे में अगर पटाखों को फोड़ने की अनुमति दी जाती है तो लोग इकठ्ठा हो सकते हैं, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन होगा.
दूसरी और बड़ी वजह प्रदूषण बताई गई है. आदेश के मुताबिक, सर्दियों में दिल्ली में प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है और पटाखों के जलाने से ये समस्या और गंभीर हो सकती है. इसके अलावा पटाखों के जलाने से प्रदूषण बढ़ने से कई तरह की हेल्थ से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं. आदेश में ये भी लिखा है कि पटाखों के जलाने से खतरनाक केमिकल और गैस निकलती हैं जो वायु प्रदूषण का कारण बनती हैं और इससे लोगों को फेफड़ों और दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा है.