CG में कछुओं का शिकार: रतनपुर के इस मंदिर में 6 दिन में 10 कछुओं की मौत, पीएम रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

CG News: रतनपुर महामाया मंदिर परिसर स्थित कुंड और अब बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर तालाब में 8 कछुओ की मौत हो गई है। कछुओं की लाश तालाब के पानी में तैरते मिला। बीते 6 दिनों के भीतर रतनपुर में 10 कछुओं की मौत हो गई है।

Update: 2026-02-19 06:18 GMT

फोटो सोर्स- npg.news

बिलासपुर 19 फरवरी 2026, रतनपुर महामाया मंदिर परिसर स्थित कुंड और अब बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर तालाब में 8 कछुओ की मौत हो गई है। कछुओं की लाश तालाब के पानी में तैरते मिला। बीते 6 दिनों के भीतर रतनपुर में 10 कछुओं की मौत हो गई है। दो कछुओं की मौत का पीएम रिपोर्ट आ गया है। पीएम रिपोर्ट में अंदरुनी चोट के निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है, कछुओं को लाठी या फिर किसी भारी वस्तुओं से पीट-पीटकर मारा गया है। वन विभाग का जांच का एंगिल शिकार की ओर जा रहा है। बहरहाल वन विभाग की टीम मंदिर परिसर में लगे CCTV का फुटेज खंगाल रही है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर में कछुओं की रहस्यमयी मौत से सनसनी फैल गई है। बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर स्थित तालाब में 8 कछुए मृत मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरुनी चोट के निशान मिले हैं, जिससे लाठी से पीट-पीटकर मारने की आशंका जताई जा रही है।

इससे पहले मां महामाया मंदिर कुंड में भी दो कछुए मृत मिले थे। वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। धार्मिक नगरी रतनपुर में छह दिन के भीतर कछुओं की मौत की यह दूसरी घटना है। बुधवार सुबह बूढ़ा महादेव मंदिर के पास स्थित तालाब में एक साथ आठ कछुओं की लाश तैरती मिली। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और सभी शवों को बाहर निकाला।

लाठी से पीट-पीटकर हत्या की आशंका

बता दें, शुक्रवार को मां महामाया मंदिर परिसर के कुंड में दो कछुए मृत मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि किसी भारी वस्तु या लाठी से वार किए जाने के कारण हुई है। सभी कछुओं के शरीर पर एक जैसे चोट के निशान पाए गए हैं। वन विभाग की टीम ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दी है। मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। मृत कछुओं की उम्र महज चार से पांच महीने बताई जा रही है।

संरक्षित वन्यजीव है कछुआ

वन विभाग के अफसरों के अनुसार कछुआ अनुसूची-एक के संरक्षित वन्यजीव हैं, जिनकी हत्या गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि शिकार या सुनियोजित हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल पूरे इलाके में हड़कंप का माहौल है और लोग इस बेरहम करतूत पर आक्रोश जता रहे हैं।

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