Rajyasabha Election: होली के रंग के बीच कटेगा राज्यसभा का टिकट, विधायकों की खराब होगी होली!

छत्तीसगढ़ विधानसभा में शनिवार से अगले सप्ताह रविवार यानी नौ मार्च तक बजट सत्र की बैठकें नहीं होंगी। इस बीच पांच मार्च तक राज्यसभा के लिए विधानसभा सचिवालय में उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र भरा जाना है। यह तय है कि रंगोत्सव के बीच ही उम्मीदवार का चयन होगा और पांच मार्च तक पर्चे भर दिए जाएंगे।

Update: 2026-02-28 06:13 GMT

इमेज- इंटरनेट 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्यसभा की दो सीटों के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 26 फरवरी को अधिसूचना जारी हो चुकी है, मगर अभी तक एक भी नामांकन दाखिल नहीं हो सका है। एक सीट पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस का प्रत्याशी जाना तय माना जा रहा है। दोनों ही पार्टियों ने अभी तक प्रत्याशी का चयन नहीं किया है, इस कारण सस्पेंस जारी है। दूसरी ओर होली से पहले शुक्रवार को विधानसभा में बजट सत्र की आखिरी बैठक हो गई। अब सीधे नौ मार्च को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी। होली और राज्यसभा प्रत्याशी के नामांकन की तारीख टकराने से विधायक भी परेशान हैं, क्योंकि उन्हें भी नामांकन दाखिले के वक्त उपस्थित रहना है। छत्तीसगढ़ से केटीएस तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, दोनों ही कांग्रेस के कोटे से राज्यसभा गए थे।

विधानसभा सचिवालय दो और तीन मार्च को खुला रहेगा। चार मार्च को होली का अवकाश है। इसके बाद पांच मार्च को सचिवालय खुलेगा। माना जा रहा है कि यदि रविवार तक प्रत्याशी तय हो जाता है तो दो या तीन मार्च को नामांकन दाखिल होगा। तीन मार्च को होलिका दहन है। यदि किसी कारण से फैसला अटका तो फिर पांच मार्च को नामांकन दाखिल करना ही पड़ेगा, यह नामांकन दाखिले की आखिरी तारीख है। ऐसे में चार मार्च को होली मनाने अपने गृह क्षेत्र जाने वाले विधायकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा और आनन- फानन में पांच मार्च को विधानसभा पहुंच जाना होगा। विधायकों के बीच इसी बात पर अटकलें लगाई जा रही हैं और दूरस्थ इलाके से आने वाले विधायक ज्यादा तनाव में हैं।

दिल्ली दौड़ भी शुरू

पार्टियों की तैयारियों की बात करें तो दोनों ही जगह अभी कोई निर्णायक नाम सामने नहीं आया है। भाजपा में कुशाभाऊ ठाकरे मुख्यालय में दावेदारों की सूची लंबी हो रही है, वहीं कांग्रेस में समीकरण और वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी की संभावनाओं के बीच अटकलें लगाई जा रही हैं। भाजपा में दावेदारों में पूर्व विधायकों की संख्या ज्यादा है। जबकि महिला दावेदार ओबीसी वर्ग से ज्यादा आ रही हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस बार एसटी या सामान्य वर्ग से राज्य सभा प्रत्याशी हो सकता है। इन अटकलों के बीच सभी दावेदार प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की रायपुर वापसी की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए कोलकाता में मोर्चा संभाल रहे श्री साय के तीन मार्च को रायपुर आने की संभावना है। यह भी संभव है कि राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशी चयन के लिए उन्हें सीधे कोलकाता से दिल्ली आने कह दिया जाए। इस बीच एक निगम के अध्यक्ष ने दिल्ली दौड़ लगा कर अपनी दावेदारी रख दी है। वहां क्या कहा गया या क्या आश्वासन मिला है, यह पता नहीं, मगर कहा जा रहा है कि उन्होंने अपनी ओर से एक और नाम वहां रख दिया है। कुछ और भाजपा नेताओं के दिल्ली दौरे की बात सामने आ रही है। दिल्ली में यह संकेत जरुर दे दिया गया है कि प्रारंभिक सूची रायपुर से आने के बाद ही नाम पर विचार किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ से अब तक के राज्य सभा सदस्य

-दिलीप सिंह जूदेव, भाजपा

-लखीराम अग्रवाल, भाजपा

-भूषण लाल जांगड़े, भाजपा

-रामाधार कश्यप, कांग्रेस

-भगतराम मनहर, कांग्रेस

-कमला मनहर, कांग्रेस

-सुश्री सरोज पांडेय, भाजपा

-रामविचार नेताम, भाजपा

-फूलोदेवी नेताम, कांग्रेस

-मोहसिना किदवई, कांग्रेस

-नंदकुमार साय, भाजपा

-शिवप्रताप सिंह, भाजपा

-सुरेंद्र कुमार सिंह, कांग्रेस

-देवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा

-श्रीगोपाल व्यास, भाजपा

-केटीएस तुलसी, कांग्रेस

-छाया वर्मा, कांग्रेस,

-मोतीलाल वोरा, कांग्रेस

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