CG Police: पुलिस बीट पर चढ़ेगा डिजिटल कवर, सिस्टम होगा मजबूत; एंड्रॉयड बेस्ड डिजिटल एप किया लॉन्च

CG Police: बिलासपुर पुलिस अब पारंपरिक बीट पुलिसिंग को डिजिटल ताक़त देने जा रही है।स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नया एंड्रॉयड बेस्ड डिजिटल एप लॉन्च किया है.

Update: 2026-01-21 12:43 GMT

CG Police: बिलासपुर पुलिस अब पारंपरिक बीट पुलिसिंग को डिजिटल ताक़त देने जा रही है।स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नया एंड्रॉयड बेस्ड डिजिटल एप लॉन्च किया है, इससे पुलिस की जवाबदेही बढ़ेगी बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होगा।

बदलते दौर में अपराध के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। बीट पुलिसिंग, जो कभी पुलिस व्यवस्था की रीढ़ हुआ करती थी, टेक्नोलॉजी के आने के बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ गई।लेकिन अब बिलासपुर पुलिस ने उसी बीट सिस्टम को डिजिटल रूप देकर फिर से मजबूत करने की शुरुआत की है। हाल ही में हुई DGP–IG कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृह मंत्री और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ने बीट पुलिसिंग को दोबारा प्रभावी बनाने पर ज़ोर दिया था। इसी सोच को ज़मीन पर उतारते हुए बिलासपुर पुलिस ने यह डिजिटल एप तैयार किया है। सीएसपी सिटी गगन कुमार ने बताया बीट पुलिसिंग अंग्रेज़ों के ज़माने से चला आ रहा एक बेहतरीन सिस्टम था, लेकिन समय के साथ वो पुराना पड़कर कमजोर हो गया। अब डिजिटल जमाने में टेक्नोलॉजी के माध्यम से उसी सिस्टम को फिर से मज़बूत करने का प्रयास किया है। यह एक एंड्रॉयड बेस्ड एप है, जिसमें सभी कॉन्स्टेबल, बीट आरक्षक और थाना प्रभारी रजिस्टर्ड होंगे, और इसकी मॉनिटरिंग वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। इस एप के ज़रिए शहर के सेंसिटिव इलाकों जैसे नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग की जाएगी। ऐसे सभी स्थान पर QR कोड आधारित यूनिक आईडी लगाई जाएगी.

यही नहीं, यह एप पुराने बीट नोटबुक सिस्टम की जगह ले रहा है। जिसमे पुलिसकर्मी अपराधियों, बदमाशों और संदिग्धों की जानकारी फोटो और जियो-टैगिंग के साथ अपलोड करेंगे। सीएसपी ने कहा जो अपराधी जेल से छूटकर आते हैं, उन पर निगरानी बहुत ज़रूरी होती है। इस एप के ज़रिए तय कर सकते हैं कि किस व्यक्ति की चेकिंग साप्ताहिक या दैनिक करनी है।अगर तय समय पर चेकिंग नहीं होती, तो सिस्टम अपने आप रेड अलर्ट दिखा देगा। इस डिजिटल सिस्टम से अब किसी भी स्तर पर लापरवाही छिप नहीं सकती। हर कॉन्स्टेबल और अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी और सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग के ज़रिए कार्रवाई भी संभव होगी।

फिलहाल इस एप को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक डिविज़न में लागू किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे पूरे जिले और फिर प्रदेश स्तर पर करने की तैयारी है। डिजिटल तकनीक के साथ बीट पुलिसिंग की वापसी यही है मिशन सिक्योर सिटी,

जहां आम नागरिक को सुरक्षा का भरोसा और अपराधियों में डर पैदा किया जाएगा। डिजिटल निगरानी, जवाबदेही और पारदर्शिता बिलासपुर पुलिस की यह नई पहल निश्चित तौर पर शहर को और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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