CG Paddy News: धान खरीदी में गजब का फर्जीवाड़ा: बीज निगम के गोदाम से धान की तस्करी, वायरल VIDEO में सनसनीखेज खुलासा

CG Paddy News: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की मियाद अब खत्म होने वाली है। चार दिन ही शेष बचे हैं। इस बीच समितियों में अवैध धान खपाने वाले माफिया और तस्कर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। अंबिकापुर में एक ऐसा मामला सामने आया है....

Update: 2026-01-27 07:50 GMT

CG Paddy News: सरगुजा। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की मियाद अब खत्म होने वाली है। चार दिन ही शेष बचे हैं। इस बीच समितियों में अवैध धान खपाने वाले माफिया और तस्कर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। अंबिकापुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे। पैकेट में लाखाें का धान तस्करी की गई है। पैकेट खोलकर इसे बाेरी में भरा जा रहा है। बहरहाल 300 बोरी धान की जब्ती बनाई है। फर्जीवाड़े का वीडिया अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म में तेजी के साथ वायरल हो रहा है

समर्थन मूल्य में धान खरीदी का काम 31 जनवरी को खत्म हो जाएगा। चार दिन ही बचे हैं। इन्हीं चार दिनों में लाखों रुपये का वारा-न्यारा करने की तैयारी तस्करों और माफियाओं की है। इसकी बानगी उत्तर छत्तीसगढ़ में अब दिखाई देने लगा है। अंबिकापुर में गजब का फर्जीवाड़ा सामने आया है। धान की तस्करी और समितियों तक धान को पहुंचाने के लिए तस्करों ने किराया का मकान ले लिया है। किराए के मकान में गोरखधंधा चलाया जा रहा था। यहां पहले सीलबंद पैकेट में लाखों रुपये का धान पहले डंप किया गया। पैकेट में धान डंप करने के बाद शुरू हुआ फर्जीवाड़ा का बड़ा खेल। पैकेट के धान को बोरी में भरकर समिति ले जाने की तैयारी चल रही थी। किराए के मकान पैकेट से धान को निकालकर बोरी में भरा जा रहा था। बोरी में भरकर 40 किलोग्राम का तौल भी किया जा रहा था। तौल के लिए वेइंग मशीन की व्यवस्था भी की गई थी। समितियों में धान की तौलाई 40 किलोग्राम बोरी या बोरे की भर्ती में की जाती है। इसी हिसाब से बोरी में 40 किलोग्राम वजन का धान भरा जा रहा था।

यह गोरखधंधा अंबिकापुर के गांधी नगर वार्ड क्रमांक दो में चल रहा था। यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष आशीष सील ने आसपास के लोगों की मदद से इस गोरखधंधे को रंगेहाथों पकड़ा है। किराए के मकान में पैकेट से निकालकर 300 बोरी में धान भरकर इसे सिलफिली सहकारी समिति ले जाने की तैयारी हो गई थी। इसकी कीमत तकरीबन तीन लाख 72 हजार रुपये बताई जा रही है।



समिति ले जाने वाहनों की हो गई थी व्यवस्था

पूरा खेल रात के अंधेरे में करने की तैयारी थी। इसमें शामिल लोगों ने धान को समिति तक पहुंचाने के लिए वाहन किराए पर बुला लिया था। जैसे ही वाहन लोड़िंग के लिए यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष आसपास के लोगों को लेकर मकान में पहुंचा और गोरखधंधे का पर्दाफाश कर दिया। कमरे में रखे धान की बोरी, तौल के लिए रखी मशीन और धान के खाली सैकड़ों पैकेट का वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया है।


एक वीडियो में धान के सैकड़ों खाली पैकेट

एक वीडिया में धान के सैकड़ों खाली पैकेट दिखाई दे रहा है। सीलबंद पैकेट से धान को निकालकर बोरी में भरा गया है। एक कमरे में धान का खाली पैकेट पड़ा हुआ है। खाली पैकेट को सबूत मिटाने के उद्देश्य से बोरी में पलटने के बाद पैकेट को रातों-रात आगे के हवाले किया जा रहा है। एक वीडियो में जलते पैकेट को दिखाया गया है।

एक बड़ा सवाल, कहां से आया धान का पैकेट

इस पूरे फर्जीवाड़ा में एक अहम सवाल ये कि लाखों का धान का पैकेट कहां से आया। इतनी बड़ी संख्या में धान के पैकेट की तस्करी की भनक जिला व पुलिस प्रशासन के अलावा खाद्य विभाग के अमले को क्यों नहीं लगी। एक सवाल यह भी है कि ये पैकेट सरकारी विभाग से तो नहीं आया।



बीज निगम का धान कैसे पहुंचा

फूड इंस्पेक्टर ने खुलासा करते हुए बताया कि बीज निगम से सीलबंद पैकेट के धान को किराए के मकान में बोरी में भरा जा रहा था। धान की जब्ती बनाई है। खाद्य निरीक्षक के खुलासे के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने में बीज निगम का धान का पैकेट यहां कैसे पहुंचा। निगम के किस अधिकारी व कर्मचारी की संलिप्तता इस पूरे फर्जीवाड़ा में है। यह भी जांच का विषय है।

Tags:    

Similar News