CG युक्तियुक्तकरण: 10463 स्कूलों का होगा युक्तियुक्तकरण, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

CG School News,yuktiyuktkaran: स्कूल शिक्षा विभाग ने एक ही परिसर में संचालित 10463 शालाओं को बेहतर सुविधाओ एवं शिक्षकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए युक्तीयुक्तकरण करने का आदेश जारी किया है।

Update: 2026-04-13 13:23 GMT

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रायपुर। 13 अप्रैल 2026|स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर जिलों से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को मान्य करते हुए ई-संवर्ग के 5849 एवं टी-संवर्ग के 4614 इस प्रकार कुल 10463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण करने का निर्णय लिया है। इस आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने एक ही परिसर में संचालित विभिन्न शालाओं को बेहतर सुविधाओ एवं शिक्षकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए युक्तीयुक्तकरण करने का आदेश दिया गया जिसमें शिक्षकों द्वारा विभिन्न स्तर पर विरोध भी हुआ लेकिन शासन ने युक्तियुक्तकरण को पूर्ण कराया जिसमें बहुत से शिक्षक प्रभावित हुए और उनका विकास खंड, जिला,संभाग स्तर पर स्थानांतरित किया गया, मामला कोर्ट तक भी पहुंच गया, संशोधन का खेल भी चला,कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया गया, युक्तियुक्तकरण युक्तकरण को लगभग एक वर्ष पूर्ण होने को है।

वर्तमान में जिन स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया है उन शालाओं को सत्र 2025-2026 में कोई भी अनुदान राशि जारी नहीं किया गया। जिस स्कूल में अन्य स्कूल को मर्ज किया गया है वहां दोनों स्कूलों की राशि जारी किया जाना था, लेकिन सिर्फ एक स्कूल की दर्ज संख्या के आधार पर राशि जारी किया है जो पूर्व में आता था,अब दो स्कूल एक में मर्ज हुआ है तो दर्ज संख्या निश्चित रूप से बढ़ गया लेकिन उसके अनुरूप राशि स्कूलों को प्राप्त नहीं हुआ, राशि दर्ज संख्या के अनुसार प्राप्त होना था,जो इस सत्र का जिन स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया है उन सभी स्कूलों को जारी होने वाली राशि बच गया।

यूडाईस में दर्ज संख्या के अनुसार स्कूलों को राशि जारी किया जाता है, युक्तियुक्तकरण प्रकिया को एक साल होने जा रहा है अभी तक स्कूलों का यू डाईस पोर्टल में मर्ज नहीं किया गया जिससे अलग अलग यूडाईस नंबर चल रहा है। स्कूल में बच्चों की संख्या मर्ज नहीं हुआ है, दोनों स्कूलों का दर्ज संख्या अलग-अलग दिखा रहा है।

युक्तियुक्तकरण के बाद स्कूलों का यूडाईस नंबर मर्ज होना था जिससे बच्चों का दर्ज संख्या भी दोनों स्कूलों का मिलकर दिखाई देता, लेकिन यह कार्य एक वर्ष बाद भी नहीं हो पाया है।

देखिए आदेश


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