शराबी को प्रशासन ने कर दिया माफ! अब उसी ने छात्रावास के बच्चे को धमकाया, खड़ा किया हंगामा

CG News: छत्तीसगढ़ के एक जिले से चौंकाने वाली खबर आ रही है। सरकारी छात्रावास में शराब के नशे में घुसने और बच्चों से दुर्व्यवहार करने वाले दैनिक वेतन भोगी को प्रशासन ने माफ कर दिया था। इससे उसका साहस बढ़ गया और अब की बार उसने फिर नशे में छात्रावास में घुस कर बच्चों को धमका दिया। इस दहशत के बीच एक बच्चे की आंख में चोट लग गई है।

Update: 2026-03-30 13:50 GMT

इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

कोरबा। 30 मार्च 2026| राज्य सरकार शराबी कर्मचारियों पर लगाम कसने के लिए उन्हें सेवा से बर्खास्त करने और निलंबित करने की पक्षधर है तो एक जिले में शराबी कर्मचारी को बाकायदा माफ कर दिया गया। उससे माफीनामा लिखवा लिया गया कि अब वह भविष्य में कोई गलती नहीं करेगा। इसका नतीजा जल्दी ही दिख गया। उसी कर्मचारी ने दोबारा शराब पीकर सरकारी छात्रावास में घुस गया। अब बच्चों को ऐसा धमकाया कि बच्चे डर के मारे इधर- उधर भागने लगे और इसी में एक बच्चे की आंख में चोट लग गई। इस हादसे के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।

जिला प्रशासन कोरबा का कहना है कि शासकीय संस्थानों में अनुशासन बनाए रखने और छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई की गई है। विकासखण्ड कटघोरा के अंतर्गत संचालित प्री. मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, छुरी में कार्यरत दैनिक मजदूर केसर दुबे को उसके अशोभनीय व्यवहार और गंभीर लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया है।

प्रशासन का ही कहना है कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध पूर्व में भी शराब का सेवन कर छात्रावास परिसर में प्रवेश करने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिस पर कड़ी समझाइश देते हुए लिखित माफीनामा भी लिया गया था। तत्पश्चात भी 27 मार्च 2026 को उक्त कर्मचारी ने पुन: शराब के नशे में छात्रावास पहुंचकर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया। इस अप्रिय स्थिति के कारण भयभीत होकर भागने के दौरान कक्षा छठवीं के छात्र पुष्पेंद्र कंवर की आंख के ऊपरी हिस्से में चोट लग गई। जिला प्रशासन ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए घायल छात्र का तत्काल प्राथमिक उपचार सुनिश्चित कराया।

सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कोरबा द्वारा जारी आदेश के तहत, शासकीय नियमों के उल्लंघन और छात्रों की सुरक्षा के प्रति बरती गई इस गंभीर लापरवाही को अक्षम्य मानते हुए केसर दुबे की सेवाएँ तत्काल समाप्त की गई हैं। छात्रों के हितो एवं शिक्षण संस्थानों में अनुशासन बनाए रखने हेतु लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में इसी प्रकार की कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

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