CG ACB News: रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार, 65 हजार की घूस लेते एसीबी ने उपायुक्त और सहायक ग्रेड-2 को पकड़ा...जानिए क्या था पूरा मामला

CG ACB News: छत्तीसगढ़ में एसीबी की टीम घूसखोर अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते दो को गिरफ्तार किया है।

Update: 2026-02-05 16:06 GMT

CG ACB News: रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में एसीबी की टीम ने रेड कार्रवाई कर उपायुक्त और सहायक ग्रेड-2 को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। दोनों के द्वारा 65 हजार की घूस ली गई थी। पकड़े गये आरोपियों में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल संभाग अंबिकापुर में पदस्थ उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल और सहायक ग्रेड-2 अनिल सिन्हा है।

जानिए क्या थी शिकायत

शिकायतकर्ता रवि कुमार के द्वारा 20 जनवरी 2026 को आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया कि वह ठेकेदारी का कार्य करता है। वर्ष 2023 में हाउसिंग बोर्ड कार्यालय संभाग अम्बिकापुर से 65 लाख रूपये की लागत से नवीन तहसील भवन दौरा कुचली जिला बलरामपुर एवं वर्ष 2023 में 43.51 लाख रूपये की लागत से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय लुण्ड्रा के 6 अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य का निविदा निकलने के उपरांत प्रार्थी के द्वारा निविदा भरा गया था व निर्माण कार्य कराया गया जो समय पर पूर्ण नहीं होने के कारण प्रार्थी के द्वारा विभाग में अंतिम समयावृद्धि व भवन के भौतिक सत्यापन हेतु आवेदन दिया गया था।

निर्माण पूर्ण होने के पश्चात् नवीन तहसील भवन दौरा कुचली जिला बलरामपुर के निर्माण कार्य का लगभग 28 लाख रूपये व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय लुण्ड्रा में 6 अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य का लगभग 7.50 लाख रूपये का भुगतान छग गृह निर्माण मण्डल वृत्त अम्बिकापुर के द्वारा किया जाना था। दोनों कार्यों का भौतिक सत्यापन व अंतिम समयावृद्धि की अनुसंशा करने के एवज में उपायुक्त (अधीक्षण अभियंता) छग गृह निर्माण मण्डल वृत्त अम्बिकापुर पूनम चन्द अग्रवाल के द्वारा 1 लाख रूपये रिश्वत की मांग किया गया था।

प्रार्थी के शिकायत का सत्यापन कराया गया जिसमें आरोपी पूनम चन्द अग्रवाल के द्वारा दोनो कार्यों का 30-30 हजार रूपये के हिसाब से कुल 60,000 रुपये रिश्वत के रूप में लेने की सहमति दी गई। आज 5 फ़रवरी को ट्रेप कार्रवाई अयोजित किया जाकर प्रार्थी को रिश्वती रकम 60,000 रुपये लेकर आरोपी पूनम चन्द अग्रवाल को देने के लिये भेजा गया। आरोपी के द्वारा कार्यालय कार्यपालन अभियंता छग गृह निर्माण मण्डल संभाग अम्बिकापुर जो उपरोक्त कार्यालय के बगल में स्थित है में पदस्थ वरिष्ठ सहायक ग्रेड-02 अनिल सिन्हा को देने के लिये कहा गया। जब प्रार्थी, वरिष्ठ सहायक ग्रेड-2 अनिल सिन्हा से जाकर मिला तो उनके द्वारा कहा गया कि उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल के द्वारा आपसे 60,000 रूपये नहीं बल्कि 70,000 रुपये लेने के लिये कहा गया है, तब प्रार्थी के द्वारा बोला गया कि इसके अलावा मेरे पास कोई पैसा नहीं है तब वरिष्ठ सहायक ग्रेड-02 अनिल सिन्हा के द्वारा कहा गया कि जाईये कहीं से लेकर आईये कम से कम 65,000 रुपये तो देना ही पड़ेगा।

उक्त बात की जानकारी प्रार्थी के द्वारा ट्रेपदल को दी गई। पुनः प्रार्थी से अतिरिक्त 5000 रुपये लेकर पंचनामा तैयार किया जाकर उसे फिनाफ्थलीन पावडर लगे रिश्वती रकम 60,000 रुपये के साथ सम्मिलित कर कुल 65,000 रुपये रिश्वत देने हेतु वरिष्ठ सहायक ग्रेड-2 अनिल सिन्हा के पास भेजा गया। रिश्वती रकम 65000 रुपये प्राप्त कर एवं उसमें से अपने हिस्से का 5000 रुपये निकालकर उसे अपने टेबल की दराज में रख दिया। शेष रकम 60,000 रुपये को प्रार्थी के साथ उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल को उसके कार्यालयीन कक्ष में जाकर दे दिया, जिसे उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल के द्वारा प्राप्त कर उसे अपने टेबल में रखे मोबाइल स्टैण्ड से दबाकर टेबल में रखा था।

प्रार्थी के द्वारा इशारा किये जाने पर ट्रेपदल के सदस्यों के द्वारा उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल से 60000 रुपये व वरिष्ठ सहायक ग्रेड-02 अनिल सिन्हा से 5000 रुपये बरामद कर जब्ती कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों के विरूद्ध धारा 7, 12 पीसीएक्ट 1988 (यथा संशोधन 2018) के तहत् कार्रवाई की गई।

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