CIMS News: सिम्स में मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदी में CGMSC की लापरवाही पर हाई कोर्ट नाराज, PIL पर सुनवाई में सीजे की बेंच ने सीएस से मांगा शपथ पत्र..

Bilaspur High Court: सिम्स में मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदी में CGMSC की लापरवाही को लेकर चीफ जस्टिस ने स्वत: संज्ञान में लेते हुए पीआइएल के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है।

Update: 2026-02-13 06:53 GMT

सोर्स- इंटरनेट, एडिट- npg.news

13 February 2026: बिलासपुर। सिम्स में मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदी में CGMSC की लापरवाही को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट चीफ जस्टिस ने स्वत: संज्ञान में लेते हुए पीआइएल के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से पूछा,कब तक टेंडर करते रहेंगे और ऐसे में स्थानीय मरीजों का इलाज कैसे होगा? CIMS में नई मशीनों का इंस्टालेशन कब तक पूरा होगा, मशीनें कब से काम करना प्रारंभ करेगी, इन सब बातों का लेकर चीफ सिकरेट्री को शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश डिवीजन बेंच ने दिया है।

जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान CGMSC ने डिवीजन बेंच को बताया, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान CIMS के लिए नई मशीनों की खरीद के लिए जारी टेंडर में पांच बिडर ने हिस्सा लिा है। मूल्यांकन प्रक्रिया अगले चार से पांच दिनों में पूरी कर ली जाएगी। जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। CGMSC ने बताया, अस्पताल में मशीनें लगाने लगातार टेंडर की प्रक्रिया ही चल रही है। 31 उपकरणों में से सिर्फ सात मशीनों के लिए ही अब तक टेंडर क्वालीफाई हो पाया है। बाकी मशीनों के लिए अभी कुछ नहीं हो सका है। डिवीजन बेंच ने राज्य शासन से पूछा, कब तक टेंडर करते रहेंगे और ऐसे में स्थानीय मरीजों का इलाज कैसे होगा। मशीनें जल्द से जल्द लगाकर इलाज शुरू करनी होगी। डिवीजन बेंच ने चीफ सिकरेट्री को शपथ पत्र के साथ इस बात की जानकारी मांगी है, टेंडर और मशीनों के इंस्टालेशन कब तक पूरा होगा, मशीनें कब तक काम करना शुरू करेगी। जनहित याचिका की अगली सुनवाई मार्च में रखी गई है।

डीन ने दी थी ये जानकारी

पूर्व में सुनवाई के दौरान सिम्स के डीन ने डिवीजन बेंच को जानकारी दी थी, अस्पताल में मरीज संख्या बढ़ती संख्या को देखते हुए ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर का विस्तार किया गया है। नए काउंटर बनने से मरीजों व परिजनों की लगने वाली कतारों का दबाव कम हुआ है। इससे मरीजों को दवाई लेने में पहले की तुलना में अब राहत मिली रही है। सिम्स ने अपनी पैथोलॉजी और लैब सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए वर्कशॉप का आयोजन भी किया था। लैब टेक्नीशियनों को सैंपल कलेक्शन, प्रोटोकॉल फॉलो करने और रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स से जुड़ी ट्रेनिंग दी गई थी।

डिवीजन बेंच को यह भी बताया था, अस्पताल की साफ की सफाई, सुरक्षा और इलाज की नियमित निगरानी के लिए सिम्स प्रबंधन ने एक विशेष वाट्सएप मॉनिटरिंग ग्रुप बनाया है, जिसे डीन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट मानिटरिंग कर रहे हैं। रात में और छुट्टियों के दिनों में सीनियर डॉक्टर अस्पताल का राउंड कर रहे हैं।

5 कैटेगरी में खरीदी जाएंगी मशीनें

CGMSC के मैनेजिंग डायरेक्टर ने डिवीजन बेंच को जानकारी दी थी, मेडिकल उपकरणों की खरीद के लिए जारी टेंडर में 5 बिडर शामिल हुए हैं। मशीनों को कुल 5 कैटेगरी में विभाजित किया गया है। किसी भी कैटेगरी में कम से कम 3 बिडर होने पर ही टेंडर फाइनल किया जाएगा। यदि किसी श्रेणी में बिडर की संख्या कम हुई, तो संबंधित कैटेगरी में री-टेंडर जारी किया जाएगा।

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