उद्योगों का गढ़ बनेगा छत्तीसगढ़…. छत्तीसगढ़ में अगले साल की शुरूआत में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2022 का आयोजन

Update: 2021-10-04 13:05 GMT

रायपुर 30 सितंबर 2021। छत्तीसगढ़ में अगले साल की शुरूआत में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2022 का आयोजन किया जाएगा। इन्वेस्टगढ़ छत्तीसगढ़ नाम से होने वाला ये आयोजन 27 जनवरी से एक फरवरी 2022 तक किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और पूंजी निवेश की अपार संभावनाओं को देखते हुए निवेश के लाभ, परस्पर सहयोग, पार्टनरशिप और व्यावसायिक उन्नति की उन संभावनाओं पर इस समिट के दौरान बातचीत की जाएगी।

इन्वेस्टगढ़ छत्तीसगढ़ नाम से होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2022 के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले दिनों लोगो और वेबसाइट भी लांच किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और पूंजी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट के दौरान राज्य सरकार स्थानीय कंपनियों और उद्योगों के लिए गो-ग्लोबल की पहल करेगी ताकि स्थानीय उद्योगपति भी वैश्विक स्तर पर अपने व्यवसाय का प्रसार कर सके। नया रायपुर में प्रस्तावित इस आयोजन की मेजबानी अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसलटेंसी फर्म मेसर्स एडूविजन इंडिया प्रायवेट लिमिटेड ब्रैण्डनेम विएक्सपो इंडिया करेगी। इसके लिए कंपनी और राज्य सरकार के बीच समझौता हुआ। राज्य सरकार की ओर से उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव पिंगुआ और विएक्सपोइंडिया के सीईओ के. विनोथ कुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। समिट के जरिए राज्य के निवासियों के लिए अच्छे वेतनवाली नौकरियां पाने, कार्यकुशलता निखारने एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों के साथ स्पर्धा करते हुए व्यवसायों को आगे बढ़ाने के लिए संभावनाओं की तलाश की जा सकेगी। मीट के दौरान विएक्सपो इंडिया वैश्विक कंपनियों और आर्थिक-संगठनों को विभिन्न बिन्दुओं पर सूचनाएं, जानकारियां तथा मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे दावा करते हैं कि 2018 में छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद नये औद्योगिक और आर्थिक वातावरण का निर्माण हुआ है। राज्य सरकार ने नयी उद्योग नीति का निर्माण कर कृषि और वन आधारित उद्योगों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण के निर्माण के लिए विशेष पैकेज और रियायतें दी हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों की स्थापना तथा संचालन के नियमों का भी सरलीकरण किया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अफसरों का कहना है, ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के जरिए विश्व के प्रमुख निवेशक-समुदायों, ग्लोबल कंपनियों, बिजनेस लीडरों, केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों, स्थानीय व्यवसायियों, व्यापारिक एवं निवेशक संगठनों, सप्लायरों, डिस्ट्रीब्यूटरों, बिजनेस इनोवेटरों, विचारकों और उद्यमियों को एक-दूसरे के नजदीक आने का अवसर मिलेगा। इस समिट के दौरान छत्तीसगढ़ में निवेश के लाभ, परस्पर सहयोग, पार्टनरशिप और व्यावसायिक उन्नति की उन संभावनाओं पर बातचीत की जाएगी।

107 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित
इन्वेस्टगढ़ छत्तीसगढ़ परियोजना का कुल बजट लगभग रूपये 107 करोड़ प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से राज्य में 50 बिलियन डालर का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रमुख सचिव उद्योग मनोज कुमार पिंगुआ के मुताबिक इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के माध्यम से विश्व के प्रमुख निवेशक समुदायों, कंपनियों, बिजनेस लीडर, राज्य सरकार के अधिकारी, स्थानीय उद्योगपतियों को एक ही मंच पर आने का अवसर मिलेगा, इससे राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं और इससे मिलने वाले लाभ, राज्य सरकार की नीति, प्रक्रिया, नियमों की जानकारी देने के साथ उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करेगी।

चार बड़े पवेलियन बनाने की तैयारी
इनवेस्टमेंट मीट 2022, निवेश के चार बड़े क्षेत्रों “एग्रीकल्चर, माइनिंग, हैवी इंजीनियरिंग एंड फेब्रिकेशन और ग्रीन एनर्जी’ में विकास के अवसरों को प्रस्तुत करने का मौका होगा। इन सभी सेक्टरों का अलग-अलग पैवेलियन होगा। इस पवेलियन में प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध नेचुरल रिसोर्सेस, यूनिक प्रोसेसेस, सस्टेनेबल रिसोर्सेस, इनोवेटिव वर्किंग मॉडल, वर्क-फोर्स, क्लाइमेटिक एडवांटेज, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सहित बहुत कुछ प्रदर्शित होगा। राज्य सरकार इस मौके पर निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नीतिगत निर्णयों, अनुदानों, रियायतों की घोषणाएं भी करेगी। राज्य में 1 जनवरी 2019 से 6 अगस्त 2021 तक नये उद्योगों की स्थापना के लिए 132 एमओयू किए गए हैं, जिसमें 58 हजार 950 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इससे 78 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें कोर सेक्टर के साथ ही साथ एथेनॉल, फूड सेक्टर, फार्मास्युटिकल, इलेक्ट्रानिक्स, डिफेंस, सोलर आदि क्षेत्रों की परियोजनाएं शामिल हैं। राज्य में इस अवधि में 1564 नयी औद्योगिक इकाईयां स्थापित हुई हैं, जिसमें 30 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। वर्तमान में राज्य की महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजना बायो एथेनॉल संयंत्र की स्थापना हेतु 13 एमओयू किए गए हैं, जिसमें लगभग 2 हजार 202 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश प्रस्तावित है।

रद्द हुए 158 पुराने एमओयू
जुलाई में हुई निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की बैठक में सरकार ने बताया था, 2012 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में 93 हजार 830 करोड़ रुपए 69 लाख रुपए पूंजी निवेश के 275 करार हुए थे। इनमें से वास्तविक पूंजी निवेश 2 हजार 3 करोड़ 59 लाख रुपए का हुआ है। 6 परियोजनाओं में उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। 25 परियोजनाओं में स्थल चयन कर क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है। शेष 103 एमओयू में कोई कार्य प्रारंभ नही हुआ है। बोर्ड ने 2001 से 2018 के बीच ऐसे 158 करार रद्द कर दिए जो तब तक सक्रिय नहीं हो पाए थे।

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