कई राज्यों में बारिश के आसार… कहीं गिरेंगे ओले, कहीं होगी तेज बारिश… जानिए अन्य राज्यों में मौसम का हाल
नईदिल्ली 22 मार्च 2021. भारत मौसम (Weather) विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण आज कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है. वहीं, दिल्ली-NCR में आज सुबह से ही बूंदाबांदी हो रही है. पहाड़ी राज्यों में आज बारिश के साथ बर्फबारी की भी संभवाना है.
मौसम विभाग के मुताबिक आने में दो तीन दिनों में दिल्ली के तापमान में 3 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली में बारिश की संभावना है. जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. स्काइमेट वेदर के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी हो सकती है. कई इलाकों में जोरदार बारिश की भी संभावना है. कई इलाकों ओलावृष्टि की भी संभावना है.
देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल रहा है. पश्चिमी विक्षोभ का कारण आज कई राज्यों में आज बारिश की संभावना है. दिल्ली-एनसीआर में सबह हल्की बारिश भी हुई. स्काइमेट वेदर के मुताबिक, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में हल्की से तेज बारिश की संभावना है. इस बीच गरज के साथ छीटें भी पड़ सकते हैं. देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल रहा है. पश्चिमी विक्षोभ का कारण आज कई राज्यों में आज बारिश की संभावना है. दिल्ली-एनसीआर में सबह हल्की बारिश भी हुई. स्काइमेट वेदर के मुताबिक, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में हल्की से तेज बारिश की संभावना है. इस बीच गरज के साथ छीटें भी पड़ सकते हैं.
पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और कश्मीर, गिलगित बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज शाम तक अच्छी बारिश और बर्फ देना शुरू कर देगा।
22 से 24 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक के सभी पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और ओलावृष्टि के साथ तेज गरज और बारिश हो सकती है। यह मार्च का पहला और अंतिम सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हो सकता है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आज दोपहर तक हल्की बारिश और आंधी चलने के आसार हैं। कल से तीव्रता और प्रसार बढ़ सकता है। दिल्ली और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी 22 और 23 मार्च को अच्छी गरज के साथ बारिश हो सकती है। 22 मार्च को और 23 को उत्तर-पश्चिम भारत में तेज हवा से जुड़ी ओलावृष्टि की गतिविधियों से इंकार नहीं किया जा सकता है। इन गतिविधियों को प्री-मानसून गतिविधियाँ कहा जा सकता है। तेज हवाएं, मध्यम वर्षा और ओलावृष्टि उन फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है जो कटाई के लिए तैयार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ 25 मार्च तक पूर्व की ओर खिसक जाएगा और साफ हो जाएगा। उत्तर की ओर से चलने वाली ठंडी हवाएँ 27 मार्च तक तापमान को कम कर सकती हैं। इसके बाद, दिन और रात के तापमान में क्रमिक वृद्धि का अनुमान है।