बिहार में राशन कार्डधारकों के लिए आखिरी चेतावनी : 28 फरवरी तक नहीं कराया ये काम तो कटेगा नाम और रुक जाएँगी 7 सरकारी योजनाएं...
Bihar Ration Card e-KYC : बिहार के लाखों राशन कार्डधारकों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है. राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए ई-केवाईसी सत्यापन के लिए 28 फरवरी 2026 की अंतिम समय सीमा निर्धारित कर दी है. यदि इस निर्धारित तिथि तक कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य का सत्यापन नहीं होता है, तो न केवल उनका नाम राशन सूची से काट दिया जाएगा, बल्कि वे केंद्र और राज्य सरकार की सात अन्य महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो जाएंगे.
बिहार में राशन कार्डधारकों के लिए आखिरी चेतावनी : 28 फरवरी तक नहीं कराया ये काम तो कटेगा नाम और रुक जाएँगी 7 सरकारी योजनाएं...
Bihar Ration Card e-KYC Deadline : पटना : बिहार के राशन कार्डधारकों के लिए एक बेहद जरूरी सूचना सामने आई है. राज्य सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कार्डधारकों ने 28 फरवरी 2026 तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन पूरा नहीं कराया, तो उनका नाम राशन कार्ड की सूची से हमेशा के लिए हटा दिया जाएगा. यह कदम फर्जीवाड़े को रोकने और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने के लिए उठाया गया है.
सरकार की इस सख्ती का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो लंबे समय से राशन कार्ड का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन उनका सत्यापन लंबित है. विभाग का मानना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया से उन लोगों का पता चलेगा जो या तो अब जीवित नहीं हैं, या फिर एक से अधिक जगहों पर राशन का लाभ उठा रहे हैं. कई मामलों में कार्डधारक दूसरे राज्यों में बस गए हैं, लेकिन उनका राशन कार्ड अभी भी सक्रिय है.
सिवान सहित कई जिलों में लाखों नाम रडार पर
आंकड़ों की बात करें तो अकेले सिवान जिले में ही करीब 5.71 लाख से अधिक लाभार्थियों का सत्यापन अभी बाकी है. जिले के कुल 27.73 लाख कार्डधारकों में से लगभग 80 प्रतिशत ने प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन शेष 20 प्रतिशत पर अब तलवार लटक रही है. यही स्थिति बिहार के अन्य जिलों में भी बनी हुई है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि समय सीमा समाप्त होते ही सिस्टम से पेंडिंग नामों को चिह्नित कर उन्हें डिलीट करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.
सिर्फ मुफ्त अनाज ही नहीं, इन 7 योजनाओं पर भी लगेगा ताला
जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने चेतावनी दी है कि राशन कार्ड का रद्द होना केवल मुफ्त अनाज तक सीमित नहीं रहेगा. राशन कार्ड एक प्रमुख पहचान और पात्रता दस्तावेज है, जिसके बिना कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो जाएगा. यदि आपका कार्ड निरस्त होता है, तो आप निम्नलिखित योजनाओं से भी हाथ धो सकते हैं
प्रधानमंत्री आवास योजना: घर बनाने के लिए मिलने वाली सहायता रुक जाएगी.
आयुष्मान भारत : 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा बंद हो सकती है.
पीएम किसान सम्मान निधि : किसानों को मिलने वाली सालाना 6000 रुपये की किश्त पर संकट आ सकता है.
उज्ज्वला योजना: मुफ्त गैस कनेक्शन और सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा.
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना: शिल्पकारों को मिलने वाली मदद बंद हो जाएगी.
फसल बीमा योजना : आपदा की स्थिति में फसलों का मुआवजा मिलना मुश्किल होगा.
श्रमिक कल्याण योजनाएं: मजदूरों को मिलने वाली सरकारी सहायता प्रभावित होगी.
कैसे कराएं ई-केवाईसी
लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वो अपने नजदीकी जन वितरण प्रणाली दुकान पर जाकर अपनी उंगलियों के निशान के जरिए ई-केवाईसी तुरंत पूरा करें. इसके लिए घर के सभी सदस्यों का उपस्थित होना अनिवार्य है जिनका नाम कार्ड में दर्ज है. 28 फरवरी के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा और किसी भी प्रकार की दलील स्वीकार नहीं की जाएगी.
क्या हैं श्रमिक कल्याण योजना
श्रमिक कल्याण योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों, जैसे निर्माण कार्य करने वाले, रेहड़ी-पटरी वाले और खेतिहर श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाई गई है. इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों को बीमारी, दुर्घटना या वृद्धावस्था जैसी विपरीत परिस्थितियों में वित्तीय सहायता और बीमा देना है. इसके तहत पंजीकृत श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल या लेबर कार्ड के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में सरकारी लाभ हस्तांतरित किए जाते हैं.
इस योजना के दायरे में स्वास्थ्य देखभाल, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, और आकस्मिक मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में परिवार को मिलने वाली एकमुश्त राशि शामिल है. इसके अलावा, महिला श्रमिकों को मातृत्व लाभ और वृद्ध श्रमिकों को पेंशन की सुविधा भी दी जाती है ताकि वे सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें. श्रमिक कल्याण योजना न केवल मजदूरों के वर्तमान को सुरक्षित करती है, बल्कि उन्हें कौशल विकास के अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने और अर्थव्यवस्था से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.