शिक्षकों के लिए बीईओ तुंहर द्वारः बीईओ का अभिनव प्रयास, शिक्षकों की समस्याओं को सुलझाने बीईओ ने शुरू किया…बीईओ तुंहर द्वार योजना
बिलासपुर, 27 सितंबर 2021। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े बिल्हा में शिक्षकों की समस्याओं के लिए बीईओ तुंहर द्वार योजना शुरू हो गई है। बीईओ रघुवीर सिंह राठौड़ ने 25 सितंबर को बिरकोना और बिजौर संकुल में अपना कैंप आफिस लगाकर शिक्षकों की समस्याएं सुनीं।
राठौड़ को हाल ही में बिल्हा का बीईओ बनाया गया है। उन्होंने देखा कि बड़ी संख्या में शिक्षक विभिन्न मामलों को लेकर बीईओ आफिस का चक्कर लगाते हैं। इसमें उन्हें छुट्टी लेनी पड़ती है या फिर स्कूल में गोल मारकर बीईओ आफिस पहुंचते हैं। इससे बच्चों को पढ़ाई का नुकसान होता है। लिहाजा, उनके दिमाग में बीईओ तुंहर द्वार प्रारंभ करने का आइडिया आया। उन्होंने इसे 25 सितंबर से चालू भी कर दिया।
राठौड़ ने बताया कि अब सभी प्रकार की समस्याओं का संकुलों में निराकरण कर दिया जाएगा। इसमें बीईओ, एबीईओ, बीआरसी, संकुल समन्वय और कार्यालयीन स्टाफ एक निश्चित तारीख को संकुल कार्यालय पहुंचेंगे। शिक्षकों को इसकी सूचना दे दी जाएगी कि किस तारीख को संकुल में तुंहर द्वार लगेगा। उन्होंने बताया कि शिक्षकों का मेडिकल, एलपीसी, वेतन समेत सभी तरह की समस्याओं का समाधान मौके पर किया जाएगा।