Tirupati Mandir Prasad: कैसे बनाया जाता है तिरुपति मंदिर का प्रसाद...

देश भर में तिरुपति तिरुमाला मंदिर के प्रसाद को लेकर विवाद चल रहा है.
NDDB की जांच रिपोर्ट में तिरुपति मंदिर के प्रसाद में गोमांस की चर्बी, पशु वसा - लार्ड और मछली के तेल के पुष्टि हुई है.
तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम श्रद्धालुओं की आस्था इससे जुड़ी है.
तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में तिरुपति लड्डू चढ़ाया जाता है.
तिरुपति मंदिर में दर्शन के बाद भक्त तिरुपति लड्डू का सेवन करते हैं.
तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर में वेंकटेश्वर को लड्डू का करीब 200 साल पुराना है. 2 अगस्त 1715 को यह शुरू हुई.
लड्डू प्रसादम मंदिर की रसोई में तैयार किया जाता है जिसे मंदिर बोर्ड तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम द्वारा 'पोटू' के नाम से जाना जाता है.
लड्डू पोटू में लड्डू बनाने के लिए 620 रसोइए रोज काम करते हैं.
पोटू (रसोई ) में रोजाना 8 लाख लड्डू बनाया जाता है.
लड्डू का वजन 60-75 ग्राम होता है. त्योहारों पर 750 ग्राम के लड्डू बनाये जाते हैं.
लड्डू बनाने के लिए एक खास विधि द्वारा बनाया जाता है जिसे दित्तम कहा जाता है.
प्रसाद को बनाने के लिए बेसन, आटा, चीनी, काजू, इलायची, घी, मिश्री, किश्मिश का इस्तेमाल किया जाता है.
आटा और बेसन का बैटर बनाकर बूंदी बनाई जाती है. जिसे घी में छाना जाता है.
काजू, इलायची, किश्मिश को घी में फ्राई किया जाता है.
उसके बाद चाशनी तैयार कर बूंदी और ड्राई फ्रूट्स को मिलाकर लड्डू का आकार दिया जाता है.
पहले लड्डू हाथों से बनाये जाते थे. अब मशीन का इस्तेमाल किया जाता है.