इस मंदिर का प्रसाद खाने से भूत पड़ जाते हैं पीछे, जानिए
दुनिया में ऐसे कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनकी मान्यताएं और परंपराएं सदियों पुरानी हैं। इन्हीं मंदिरों से एक है, मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर। जहां कुछ ऐसे नियमों का पालन करना होता है, जिसे जान आपकी आंखें खुली की खुली रह जाएगी। आइए जानते है।
जिस मंदिर की हम बात कर रहे है वो राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर है, ये मंदिर हनुमान जी के चमत्कारी रूप में जाना जाता है।
यहां के लोगों का ऐसा मान्यता है कि यहां आने से भूत-प्रेत और नेगेटिव एनर्जी से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां की शक्तियाँ बहुत ही एक्टिव होती हैं।
यही वजह है कि यहां का प्रसाद और जल केवल मंदिर परिसर में ही खा लेना चाहिए और बचा हुआ प्रसाद वहीं पर छोड़ देना चाहिए। ऐसे में यदि यहां से कोई चीज साथ घर ले जाई जाती है, तो ये नेगेटिव एनर्जी भी अनजाने में घर पहुंच सकती है।
बालाजी मंदिर से बाहर निकलते समय पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा फिर से पीछा कर सकती है।
इस मेहंदीपुर बालाजी आप जितनी देर तक मंदिर के अंदर रहते है तब-तक किसी से भी बातचीत ना करें। मंदिर में कुछ लोग असामान्य व्यवहार कर रहे होते हैं। ऐसे लोगों को देखकर हंसे नहीं और साथ ही इनसे एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
बालाजी का दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को श्री राम और सीता मां के दर्शन जरूर करने चाहिए। ऐसी मान्यता है कि उनके दर्शन के बाद ही बालाजी के दर्शन सफल माना जाते हैं।
यहां पूजा विशेष मंत्रों और पुरानी परंपराओं के अनुसार की जाती है। इसलिए बिना जानकारी के कोई अनुष्ठान न करें। दर्शन करने के बाद ज्यादा देर तक मंदिर या इसके आसपास नहीं रुकना चाहिए और सीधे अपने डेस्टिनेशन की ओर लौट जाना चाहिए।
बालाजी मंदिर से लौटने के बाद कुछ दिनों तक लहसुन-प्याज और नॉनवेज से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। यहां तक कि यहां आते समय भी ऐसी किसी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए।