आज टीवी सीरियल में आप देखेंगे, रणविजय अपने दोस्त को तुलसी की कार का ब्रेक फेल करने के लिए कहेगा ताकि साड़ी का ऑर्डर कभी पूरा न हो सके.
कार में मिहिर और तुलसी सोने के भगवान की मूर्ति रखने वाले हैं. इस दौरान मिहिर तुलसी को धन्यवाद कहेगा. मिहिर कहेगा कि तुलसी हमेशा उसे मुसीबतों से बचा ले जाती है.
बारिश में कार चलाते हुए मिहिर को पता चलेगा कि उसकी कार के ब्रेक फेल हो चुके हैं. ये बात जानकर मिहिर बुरी तरह से घबराने वाला है.
मिहिर कार की स्पीड संभालने की कोशिश करने वाला है. रणविजय की एक चालाकी की वजह से मिहिर का एक्सीडेंट होने वाला है.
रणविजय को लगेगा कि तुलसी की जान जाने वाली है. हालांकि मिहिर तुलसी की बला अपने सिर पर लेने वाला है.
तुलसी को रह रहकर मिहिर की बातें याद आने वाली हैं. इसी बीच तुलसी को मिहिर के एक्सीडेंट की खबर मिलने वाली है. तुलसी बिना देर किए अस्पताल की तरफ दौड़ लगाने वाली है.
एक्सीडेंट होते ही मिहिर के घर तुलसी की वापसी होने वाली है. तुलसी आते ही घर की जिम्मेदारी अपने हाथ में लेने वाली है. इस दौरान नॉयना के तन बदन में आग लग जाएगी.
मिहिर के बीमार पड़ते ही बापजी की एंट्री भी शांति निकेतन में होने वाली है. बापजी अपनी पोती को सपोर्ट करने तुलसी के पास जाएंगे. इस दौरान बापजी तुलसी के आगे मदद का हाथ बढ़ाने वाले हैं.