माइग्रेन एक तरह का सिरदर्द है जो बहुत तेज होता है। यह दर्द कई घंटों या दिनों तक रह सकता है। आइए जानें इसके कारण और बचाव के तरीके।
माइग्रेन के दौरान सिर में तेज दर्द होता है। कई बार उल्टी, चक्कर आना और तेज रोशनी से परेशानी भी होती है। कुछ लोग इसे आने से पहले 'ऑरा' भी महसूस करते हैं।
अगर आपके परिवार में किसी को माइग्रेन है, तो आपको भी हो सकता है। माइग्रेन अक्सर परिवारों में चलता है, इसलिए आनुवांशिक कारण भी होते हैं।
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव जैसे पीरियड्स, गर्भावस्था और मेनोपॉज के समय माइग्रेन का खतरा बढ़ जाता है। यह हार्मोन के उतार-चढ़ाव के कारण होता है।
अगर आप ज्यादा तनाव में रहते हैं, तो आपको माइग्रेन हो सकता है। तनाव से शरीर में रासायनिक बदलाव होते हैं, जो माइग्रेन का कारण बनते हैं।
कुछ चीजें जैसे चॉकलेट, ज्यादा कैफीन या प्रोसेस्ड खाना माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं। पानी की कमी और गलत खानपान भी माइग्रेन का कारण हो सकते हैं।
अगर आप ठीक से नींद नहीं लेते हैं, तो माइग्रेन हो सकता है। नियमित और पूरी नींद लेना माइग्रेन से बचने में मदद करता है।
तेज रोशनी, शोर और मौसम का अचानक बदलना भी माइग्रेन का कारण हो सकता है। इन चीजों से बचने की कोशिश करें।
ज्यादा शारीरिक मेहनत या भारी व्यायाम भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। लेकिन हल्का और नियमित व्यायाम माइग्रेन से बचने में मदद करता है।
माइग्रेन से बचने के लिए तनाव कम करें, सही नींद लें और संतुलित खाना खाएं। योग और ध्यान भी माइग्रेन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
यह जानकारी सिर्फ आपकी जागरूकता के लिए है। अगर आपको माइग्रेन की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।