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विविध
पत्रकारिता के बदलते मायने और गाँधी
2 Oct 2020 6:21 AM IST
अखिलेश कुमार तिवारी पत्रकारिता देश के चौथे स्तंभ के रूप में देखा जाता है। इस खंभे की ताकत ही थी कि अकबर इलाहाबादी ने भी तोप मुकाबिल होने पर अखबार निकालने की बात कही थी। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर तमाम कुरीतियों को खत्म करने के लिए पत्रकारिता ही सबसे सशक्त माध्यम रहा। देश के बड़े-बड़े विद्वान,...
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