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Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मुंगेली पुलिस कर रही अवहेलना, अंतरिम आदेश के बाद पुलिस घर घुसकर ले रही तलाश, याचिकाकर्ता ने की शिकायत

Supreme Court News: सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का छत्तीसगढ़ के मुंगेली पुलिस सीधेतौर पर अवहेलना कर रही है। याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया है,अगली सुनवाई होते तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई ना करे। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति जिला प्रशासन को सौंप दी है। अचरज की बात ये कि मुंगेली की पुलिस सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को नहीं मान रही है।

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मुंगेली पुलिस कर रही अवहेलना, अंतरिम आदेश के बाद पुलिस घर घुसकर ले रही तलाश, याचिकाकर्ता ने की शिकायत
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Radhakishan Sharma

10 फरवरी 2026. रायपुर। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का छत्तीसगढ़ के मुंगेली पुलिस सीधेतौर पर अवहेलना कर रही है। याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया है,अगली सुनवाई होते तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई ना करे। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति जिला प्रशासन को सौंप दी है। अचरज की बात ये कि मुंगेली की पुलिस सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को नहीं मान रही है।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट बिलासपुर के आदेश को चुनौती देते हुए योगेंद्र शर्मा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट एसएलपी दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोट के डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार के दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। एसएलपी की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार एवं जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की डिवीजीन बेंच में हुई।

याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट संजय नुली के साथ अधिवक्ता मोहित कुमार, संदीप गुप्ता एवं आर. शरथ AOR ने कोर्ट के सामने पक्ष रखा। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ताओं ने पक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को सशर्त अंतरिम राहत प्रदान किया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले में आगे कोई आदेश पारित नहीं हो जाता, तब तक याचिकाकर्ता योगेंद्र शर्मा के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए शर्त रखा है, याचिकाकर्ता जांच एवं कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगा। एसएलपी की अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने 6 अप्रैल 2026 निर्धारित की है।


सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं मान रही मुंगेली पुलिस

याचिकाकर्ता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की प्रति जिला व पुलिस प्रशासन को दी गई है। इसके बाद भी पुलिस लगातार परेशान कर रही है। याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा है, 08 फरवरी 2026 को रात 9 से 9.30 बजे के बीच लक्ष्मण खूंटे उप निरीक्षक थाना प्रभारी फास्टरपुर घर पहुंचे व घर की तलाशी लेने लगे।शिकायत में कहा है, घर में 90 वर्षीय माता और 92 वर्षीय पिता तथा परिवार के अन्य सदस्यों को रात 9.30 बजे तलाशी के नाम पर पुलिस ने परेशान किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जब कॉपी दिखाई गई और पूछा कि इसके बाद भी घर की तलाशी लेने की जरुरत क्यों तब पड़ी तब, थाना प्रभारी फास्टरपुर ने एसपी के निर्देश पर आने की बात कही। याचिकाकर्ता ने अपेन अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में इस बात की शिकायत दर्ज कराई है। याचिकाकर्ता ने बताया कि अगली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस बात को रखा जाएगा।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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