Begin typing your search above and press return to search.

राम रहीम को हाईकोर्ट से बड़ी राहत: पत्रकार छत्रपति मर्डर केस में हाईकोर्ट ने किया बरी, पलटा 7 साल पुराना फैसला

Ram Rahim Case: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड से बरी कर दिया है, लेकिन फिर भी राम रहीम अभी जेल में ही रहेंगे।

Ram Rahim Case
X

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

By Chitrsen Sahu

सिरसा 07 मार्च 2026, डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शनिवार को हाई कोर्ट ने राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड से बरी कर दिया है। पंचकुला की स्पेशल CBI कोर्ट ने राम रहीम समेत तीन आरोपियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। राम रहीम को बरी करते हुए हाई कोर्ट ने तीन आरोपियों की सजा को बरकरार रखा है।

क्या है पूरा मामला ?

पंचकुला की स्पेशल CBI कोर्ट ने 17 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड के मामले में राम रहीम, कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ आरोपियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हत्याकांड में राम रहीम के साजिशकर्ता होने के सबूत नहीं मिले, जिसके चलते हाई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। वहीं तीन आरोपियों की सजा को बरकरार रखा है।

बरी के बाद भी क्यों जेल में रहेंगे राम रहीम ?

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद भी राम रहीम जेल के अंदर ही रहेंगे, जी हां राम रहीम अभी जेल से बाहर नहीं आने वाले हैं। राम रहीम पर साध्वियों के यौन शोषण का आरोप है, जिसके चलते उन्हें कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड से उन्हें बरी तो मिल गई है, लेकिन साध्वियों से यौन शौषण के आरोप में उन्हें 20 साल की सजा काटनी पड़ेगी।

कब और कैसे हुई थी पत्रकार की हत्या ?

जानकारी के मुताबिक, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने डेरा से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों को अपने अखबार में छापा था, जिसके बाद 2002 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंपी गई थी और पंचकुला की स्पेशल CBI कोर्ट ने राम रहीम समेत तीन आरोपियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हाई कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया ?

इसके खिलाफ आरोपियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। शनिवार को सुनवाई के दौरान CBI और बचाव पक्ष की ओर से बहस की गई। इस दौरान हत्याकांड में राम रहीम के साजिशकर्ता होने के सबूत नहीं मिले, जिसके चलते हाई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। वहीं तीन आरोपियों की सजा को बरकरार रखा है।

Chitrsen Sahu

मेरा नाम चित्रसेन साहू है, मै साल 2017 से जर्नलिज्म के फील्ड पर हूं। मैने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (BJMC) के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (M.SC EM) किया है। MY NEWS 36, JUST 36 NEWS, RPL NEWS, INH24x7 NEWS, TV24 NEWS के बाद NPG NEWS में डेस्क एडिटर्स पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे क्राइम-राजनीतिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर खास इंटरेस्ट है।

Read MoreRead Less

Next Story