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Sunday Positive Story : MP में यहाँ हेलमेट के लिए सिर्फ चालान नहीं काटे जाते हैं, बल्कि मिलते है फ्री हेलमेट, इस अधिकारी ने शुरू की नेक पहल

MP News : सड़क हादसों में 60% मामले दोपहिया वाहन चालकों के होते हैं और इनमें से करीब 30% लोग बिना हेलमेट के होते हैं.

Sunday Positive Story : MP में यहाँ हेलमेट के लिए सिर्फ चालान नहीं काटे जाते हैं, बल्कि मिलते है फ्री हेलमेट, इस अधिकारी ने शुरू की नेक पहल
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By Meenu Tiwari

MP News : आपको जानकर हैरानी होगी की भारत एक ऐसा देश है जहाँ लोग हेलमेट जान बचाने के लिए नहीं बल्कि चालान के डर से पहनते हैं. लेकिन हमारे देश की इसी सोच को बदलने के लिए मध्य प्रदेश के एक अफसर ने ठान लिया है. उन्होंने पिछले वर्ष एक ऐसी पहल की जिससे भोपाल में सड़क हादसे का ग्राफ ही नीचे आ गया.


हम बात कर रहे हैं एमपी के भोपाल ट्रैफिक जोन-4 में पदस्थ ACP देवेंद्र सिंह यादव mp traffic police की. सख्त मिजाज और ईमानदार छवि वाले इस अधिकारी ने ट्रैफिक अवेयरनेस के लिए सिर्फ चालान का रास्ता नहीं चुना, बल्कि लोगों को समझाने, जागरूक करने और जरूरत पड़ने पर फ्री हेलमेट बांटने जैसे कदम उठाए. यही वजह है कि आज उनका नाम भोपाल में सड़क सुरक्षा की मिसाल बन गया है.


ACP देवेंद्र सिंह यादव बताते हैं कि ट्रैफिक व्यवस्था सिर्फ चालान से नहीं सुधरती. इसके लिए वे 3E मॉडल अपनाते हैं Engineering, Education और Enforcement. उनका साफ कहना है कि पहले लोगों को समझाइए, जागरूक कीजिए और जब जरूरत हो तभी चालान की कार्रवाई कीजिए. यही संतुलन भोपाल में काम कर रहा है.


भोपाल mp news जैसे बड़े और राजनीतिक गतिविधियों वाले शहर में ट्रैफिक संभालना आसान नहीं है. ACP यादव बताते हैं कि शहर में करीब 19 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं. ट्रैफिक पुलिस का स्वीकृत बल 850 है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 450 जवानों के भरोसे पूरी राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था संभाली जा रही है. इसके बावजूद सुधार दिखना बड़ी बात है.


ACP यादव बताते हैं कि सड़क हादसों में 60% मामले दोपहिया वाहन चालकों के होते हैं और इनमें से करीब 30% लोग बिना हेलमेट के होते हैं. ज्यादातर मौतें सिर में गंभीर चोट यानी हेड इंजरी से होती हैं. भोपाल में हेलमेट अवेयरनेस के लिए फ्री हेलमेट बांटना एक बड़ा कदम साबित हुआ. ACP यादव मानते हैं कि जब लोग हेलमेट को मजबूरी नहीं बल्कि सुरक्षा मानने लगते हैं, तभी बदलाव आता है. यही वजह है कि भोपाल में सड़क सुरक्षा को लेकर माहौल बदल रहा है.



Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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