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MP Government News : मध्य प्रदेश में अब बुजुर्गों का होगा घर बैठे इलाज, मोहन सरकार कर रही पायलट प्रोजेक्ट पर काम

MP Government News : मध्यप्रदेश में अब बीमार बुजुर्गों के लिए एक और बड़ी सुविधा शुरू होने वाली है, जिसके लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 6 जिलों में फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया है, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 1 लाख से ज्यादा बुजुर्गों का चयन किया है, जो चलने फिरने में असमर्थ हैं और उन्हें अस्पताल में जाने में परेशानियां होती है.

MP Government News : मध्य प्रदेश में अब बुजुर्गों का होगा घर बैठे इलाज, मोहन सरकार कर रही पायलट प्रोजेक्ट पर काम
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By Meenu Tiwari

MP Government News : मध्यप्रदेश में बुजुर्गों के लिए मोहन सरकार एक खास स्कीम चलाने जा रही है. मध्यप्रदेश में अब बुजुर्गों का इलाज घर से ही किया जाएगा, उन्हें अस्पताल ले जाने की जरुरत नहीं होगी. क्योंकि एमपी सरकार पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रही है.

मालूम हो की मध्यप्रदेश में अब बीमार बुजुर्गों के लिए एक और बड़ी सुविधा शुरू होने वाली है, जिसके लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 6 जिलों में फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया है, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 1 लाख से ज्यादा बुजुर्गों का चयन किया है, जो चलने फिरने में असमर्थ हैं और उन्हें अस्पताल में जाने में परेशानियां होती है, ऐसे बुजुर्ग मरीजों का इलाज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत घर जाकर किया जाएगा, जहां नर्सिंग स्टाफ बुजुर्गों के घर में जाकर उनकी जांच करेगा और उनका इलाज किया जाएगा, ताकि बुजुर्गों को बाहर न जाना पड़े और वह घर में ही स्वास्थ्य लाभ ले सकेंगे.

इन जिलों से शुरुआत

राजधानी भोपाल समेत करीब 6 जिलों से एमपी सरकार का यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है. जिसमें इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रीवा को भी शामिल किया गया है. इसके लिए बुजुर्गों के लिए 'होप एप' की सुविधा शुरू की गई है. जिसमें रजिस्ट्रेशन करना होगा, अब तक 346 बुजुर्गों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग हो चुकी है, जहां आशा कार्यकर्ताएं सर्वे करेंगी और स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर का जिम्मा होगा कि वे ऐसे बुजुर्गों का चयन कर होप एप में एंट्री करेंगे और फिर होम किट के जरिए उनका इलाज किया जाएगा, जहां बुजुर्गों का वजन, शुगर, बीपी चेक किया जाएगा, इसके अलावा कोई और समस्या होने की स्थिति में ऑनलाइन डॉक्टर को जोड़ा जाएगा, जो बुजुर्गो के इलाज का तरीका बताएंगे.

यह योजना स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चलाई जा रही है, मध्य प्रदेश में करीब 1 लाख से ज्यादा ऐसे बुजुर्ग हैं, जो चलने फिरने में असमर्थ हैं और उन्हें मेंटल केयर की आवश्यकता है, ऐसे में इस योजना पर काम शुरू हुआ है. एनएचएम ने इसके लिए एप के जरिए शुरुआत की है, ताकि ऑनलाइन ही योजना का लाभ आसानी से उठाया जा सकेगा. इसमें घर के सदस्यों को भी बुजुर्ग की देखभाल करने के तरीके बताएं जाएंगे, ताकि बुजुर्गों को दवाई लेने में किसी तरह की दिक्कत न हो.

स्वास्थ्य विभाग की शुरुआत

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना में मानसिक स्वास्थ्य सहायता, साइकोसोशल सपोर्ट, नर्सिंग केयर, रिहैबिलिटेशन और फिजियोथेरेपी को भी शामिल किया गया है, इन सभी की सुविधा दी जाएगी, बता दें कि एमपी में बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है, फिलहाल एमपी में 57.12 लाख बुजुर्ग हैं, जबकि 2050 तक यह संख्या 1.82 करोड़ हो सकती है. ऐसे में बुजुर्गों के लिए अभी से इलाज की यह सुविधा शुरू की जा रही है.

Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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