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कैलाश विजयवर्गीय Vs उमंग सिंघार: "औकात में रहो..." कैलाश विजयवर्गीय के बिगड़े बोल! सदन में भारी हंगामा, CM ने मांगी माफी, जानें पूरा मामला।

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच बहस भी देखने को मिली.

कैलाश विजयवर्गीय Vs उमंग सिंघार: औकात में रहो... कैलाश विजयवर्गीय के बिगड़े बोल! सदन में भारी हंगामा, CM ने मांगी माफी, जानें पूरा मामला।
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By Meenu Tiwari

मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन कांग्रेस ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. फिर सत्तापक्ष बीजेपी की तरफ से इसका पलटवार भी किया गया. राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच बहस भी देखने को मिली. इस दौरान सदन में अशोभनीय शब्दों का प्रयोग भी हुआ.

दरअसल बहस के दौरान उमंग सिंघार ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों, सरकार और अडाणी समूह के बीच समझौते का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि अडाणी को बिजली खरीदने के नाम पर कई लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे, जिस पर सत्ता पक्ष गुस्सा हो गया. मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जो सदस्य सदन में मौजूद नहीं है. उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए. फिर कैलाश विजयवर्गीय ने इस पर कहा कि नेता प्रतिपक्ष गलत जानकारी परोस रहे हैं.

कैलाश विजयवर्गीय ने औकात की बात कह दी

इस पर उमंग सिंघार बिगड़ गए और उन्होंने कहा कि वह हर बात प्रमाण के साथ कहते हैं और जरूरत पड़ने पर सबूत दिखा भी सकते हैं. बस इसी पर कैलाश विजयवर्गीय भी ताव में आ गए और उन्होंने उमंग सिंघार से औकात में रहने की बात कर दी. इस पर दोनों नेताओं के बीच बहस तेज हो गई और दोनों दलों के कई विधायक भी खड़े हो गए और हंगामा करने लगे. इस दौरान सदन की कार्यवाही भी प्रभावित होती रही. कांग्रेस ने विजयवर्गीय को माफी के लिए भी घेरा. फिर सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई.

बाद में जब विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो विपक्ष की तरफ से हंगामा किया गया. बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह व्यवहार पक्ष-विपक्ष की तरफ से सही नहीं है. मुझे ऐसे आचरण की आशा नहीं थी. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा में खुद अपने व्यवहार से खुश नहीं हूं. मुझे कभी सदन में गुस्सा नहीं आया. आज पहली बार ऐसा हुआ है. मैं नेता प्रतिपक्ष से स्नेह रखता हूं.

CM मोहन यादव ने सबकी तरफ से मांगी माफी

फिर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सबकी तरफ से माफी मांग ली. उन्होंने कहा कि सदन में जो हुआ उसके लिए माफी मांगता हूं. इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मैं संसदीय मर्यादा में रहता हूं. मेरे हावभाव से, मैंने गलत कहा तो मैं खेद व्यक्त करता हूं. मैं सीएम की भावना का सम्मान करता हूं. उन्होंने बड़ा दिल दिखाया है. जब प्रदेश की बात होगी. सदन की बात होगी, तो कभी मेरा अहम बीच में नहीं आएगा.

सात बार स्थगित हुई कार्रवाई

स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सदन में बनी असहज स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्रवाई सात बार स्थगित करनी पड़ी। सत्ता पक्ष के सदस्य भी अध्यक्ष की दीर्घा के पास पहुंच गए, जिससे वातावरण और तनावपूर्ण हो गया।

भागीरथपुरा मौतों पर इस्तीफे की मांग

इससे पहले कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय और लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह मृत्यु नहीं बल्कि हत्या है और सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया।



Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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