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MP Budget 2026: डिजिटल बजट में मोहन सरकार ने खोला खजाना, एक Click में जानिए किसे क्या मिला

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा है. 4.38 लाख करोड़ रुपये के इस महाबजट में 1,06,156 करोड़ रुपये से अधिक पूंजीगत व्यय का प्रावधान रखा गया है, जबकि 44.42 करोड़ रुपये का राजस्व आधिक्य अनुमानित है। राज्य सरकार अपने करों से 1,17,667 करोड़ रुपये जुटाएगी।

MP Budget 2026: डिजिटल बजट में मोहन सरकार ने खोला खजाना, एक Click में जानिए किसे क्या मिला
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By Meenu Tiwari

MP Budget 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने लगातार छठवीं बार बजट पेश किया। मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा है। 4.38 लाख करोड़ रुपये के इस महाबजट में 1,06,156 करोड़ रुपये से अधिक पूंजीगत व्यय का प्रावधान रखा गया है, जबकि 44.42 करोड़ रुपये का राजस्व आधिक्य अनुमानित है। राज्य सरकार अपने करों से 1,17,667 करोड़ रुपये जुटाएगी।

वहीं केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 1,12,137 करोड़ और केंद्रीय सहायता अनुदान के रूप में 54,505 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में न तो कोई नया टैक्स लगाया गया है और न ही मौजूदा करों में वृद्धि की गई है। प्रदेश के इतिहास में यह पहला अवसर रहा जब बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। बजट भाषण से पहले विपक्ष के ओमकार सिंह मरकाम ने आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन इसके बाद कार्यवाही सुचारु रूप से चली। करीब डेढ़ घंटे के भाषण में वित्त मंत्री ने महिलाओं, किसानों और युवाओं को केंद्र में रखा।

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 लाख सोलर पंप, श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण कनेक्टिविटी, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1.27 लाख करोड़ से अधिक के प्रावधान की घोषणा की। बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण पर विशेष फोकस दिखाई दिया।

किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे

3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।

वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं तिलहन में द्वितीय स्थान रखता है। प्रदेश का संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है। खेतों में उत्पादन से विक्रय तक में किसानों को सहायता दी जा रही है।

श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं।

इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।

कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट

सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।

लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट

इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में ‘सखी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि यह बजट महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है।

सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी बड़े स्तर पर बजट का प्रावधान किया गया है। पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ समुदायों के विकास के लिए 1,651 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कनेक्टिविटी सुधार पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके तहत 21,630 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी गई है।

सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़

फाइनेंस मिनिस्टर देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री माजरा टोला के तहत 20,900 किलोमीटर सड़क बनाने का स्टेटस दिया गया है। सड़क रिपेयर के लिए ₹12,690 करोड़ का प्रोविजन किया गया है। युवा परिवारों के मेट्रोपॉलिटन एरिया में बढ़ते माइग्रेशन के असर को कम करने के लिए "संध्या छाया" प्रोग्राम शुरू किया गया है।

खेल के लिए 815 करोड़ रूपए का प्रावधान

मंत्री देवड़ा ने कहा कि युवाओं की खेल योजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री ने कहा कि 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।

पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ का प्रावधान

देवड़ा ने कहा कि कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़

वित्त मंत्री ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।

पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती

वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है। पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजिटल वर्किंग को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने के लिए 25 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाई जा सकेगी।

सिंहस्थ महापर्व के लिए बड़ा एलान

सरकार ने सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों को लेकर बड़ा एलान किया। बजट भाषण में कहा गया कि भारतीय संस्कृति और हिंदू आस्था के इस वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार समयबद्ध कार्ययोजना पर काम कर रही है। राज्य सरकार ने आगामी सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों के लिए अब तक 13 हजार 851 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधोसंरचना, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन और अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बजट एक नजर

  • जी रामजी योजना के लिए 10,428 करोड़ रुपये।
  • पीएम जनमन योजना के लिए 900 करोड़ रुपये।
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपये।
  • श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • सरकार ने 1 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने की घोषणा की है। साथ ही युवाओं के लिए 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया गया है।
  • सड़क मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
  • शिक्षा विभाग के लिए 31,953 करोड़ रुपये
  • स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 24,144 करोड़ रुपये।
  • कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए कुल 1.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण, जिसमें 720 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान हेतु।
  • भावांतर योजना के तहत 337 करोड़ रुपये का भुगतान।
  • एक लाख सोलर सिंचाई पंप वितरित किए जाएंगे।
  • उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 1,000 करोड़ रुपये।
  • इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए 2,360 करोड़ रुपये।
  • जबलपुर में 350 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर निर्माण।
  • मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21,630 करोड़ रुपये।
  • मेट्रो रेल परियोजना के लिए 650 करोड़ रुपये।
  • ग्रामीण आबादी भूमि मालिकाना अधिकार योजना के लिए 3,800 करोड़ रुपये।
  • यशोदा दुग्ध प्रधान योजना हेतु 700 करोड़ रुपये (अगले 5 वर्षों में 6,600 करोड़ का व्यय)। आठवीं तक के बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक में दूध।
  • केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये।
  • मुख्यमंत्री संबल योजना हेतु 950 करोड़ रुपये।
  • छात्रवृत्ति (कक्षा 11-12 और कॉलेज) के लिए 813 करोड़ रुपये।
  • आयुष्मान भारत योजना के लिए 863 करोड़ रुपये।

गुल्लक लेकर पहुंचे कांग्रेस नेता

इससे पहले आज विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन किया। गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस नेता। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार कर्ज लेकर घी पी रही है। यह जनता की तिजोरी है, जनता के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रही है और वित्तीय अनुशासन का पालन नहीं कर रही। सरकार ने खजाना खाली कर दिया है।


Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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