बड़ी खबर: आपराधिक मामलों का खुलासा न करने पर हाई कोर्ट ने कांग्रेस MLA का चुनाव किया रद्द...
High Court News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए आपराधिक मामलों की जानकारी ना देने पर कांग्रेस विधायक के निर्वाचन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने भाजपा उम्मीदवार को विजयी घोषित कर दिया है।

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जबलपुर। 10 मार्च 2026|मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए आपराधिक मामलों की जानकारी ना देने पर कांग्रेस विधायक के निर्वाचन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने भाजपा उम्मीदवार को विजयी घोषित कर दिया है। कोर्ट ने कहा, आपराधिक पृष्ठभूमि को छिपाना या उसका अधूरा खुलासा करना एक महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाने के बराबर है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाने से चुनावी अधिकारों के स्वतंत्र प्रयोग में बाधा उत्पन्न होती है।
रामनिवास रावत द्वारा दायर चुनाव याचिका पर हाई कोर्ट के सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 02, विजयपुर (जिला श्योपुर) से मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को चुनौती दी गई थी । याचिकाकर्ता रामनिवास रावत ने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर उपचुनाव लड़ा। चुनावी घोषणा पत्र में आपराधिक पृष्ठभूमि को छिपाने का आरोप लगाते हुए मल्होत्रा के निर्वाचन को रद्द करने और उसे विधिवत निर्वाचित घोषित करने की मांग की थी।
पढ़िए क्यों हुआ था उपचुनाव
रामनिवास रावत, 2023 के आम चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए थे, इसके बाद उसने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इसके चलते विजयपुर विधानसभा सीट रिक्त हो गई। चुनाव आयोग ने उपचुनाव की घोषणा करते हुए चुनाव तिथि तय की थी। इसके तहत 13 नवंबर 2024 को मतदान हुआ और 23 नवंबर 2024 को परिणाम घोषित किए गए, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा को विजयी घोषित किया गया।
याचिकाकर्ता ने ये लगाए थे आरोप
चुनाव याचिका में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था, मुकेश मल्होत्रा ने नामांकन पत्रों के साथ फॉर्म-26 में जमा किए जाने वाले हलफनामे में अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि का पूरी तरह से खुलासा नहीं किया है। याचिका के अनुसार, मल्होत्रा के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज है। हालांकि, अपने हलफनामे में उन्होंने दो लंबित आपराधिक मामलों के बारे में अधूरी जानकारी दी थी और चार अन्य मामलों का ज़िक्र नहीं किया था।
हाई कोर्ट की टिप्पणी
मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, लंबित मामलों की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी न देना, अपने आप में एक महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाने के बराबर होगा,लिहाजा इसे एक भ्रष्ट आचरण माना जाएगा। कोर्ट ने कहा, प्रतिवादी नंबर एक विधायक ने आरोपों के तय होने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को जान-बूझकर और सचेत रूप से छिपाकर मतदाताओं को गुमराह किया है। जिसके परिणामस्वरूप मतदाताओं के मतदान के अधिकार के स्वतंत्र प्रयोग में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप हुआ है। इस टिप्प्णी के साथ हाई कोर्ट ने विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से मुकेश मल्होत्रा के निर्वाच को अमान्य घोषित किया।
