IAS Subodh Singh: PS टू CM सुबोध सिंह जा रहे लंबी ट्रेनिंग में, मुकेश बंसल तब तक देखेंगे सचिवालय का काम
IAS Subodh Singh: CG IAS News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रमुख सचिव ट्रेनिंग में मसूरी जा रहे। इस दौरान सचिव मुकेश बंसल सीएम सचिवालय की कमान संभालेंगे।

रायपुर। 5 अप्रैल 2026| मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ट्रेनिंग में मसूरी जा रहे हैं। बता दें भारत सरकार में सचिव बनने के पहले फिफ्थ फेज की ट्रेनिंग जरूरी होती है।
3 सप्ताह की ट्रेनिंग 6 अप्रैल से शुरू होगी एवं 24 अप्रैल तक चलेगी। सुबोध सिंह की गैर मौजूदगी में तब तक मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव आईएएस मुकेश बंसल सीएम सचिवालय का दायित्व देखेंगे।
उधर, सत्ता के गलियारों से एक बड़ी खबर आ रही है। सरकार ने पूर्णकालिक डीजीपी बनाए जाने का फैसला कर लिया है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक के लिए आईपीएस अरुण देव के नाम पर मुहर लगाने का फैसला कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट की यूपीएससी को नोटिस के बाद सरकार ने यह निर्णय किया है। चूंकि शीर्ष अदालत की नोटिस का टाइम निकल गया है, लिहाजा कल कोर्ट खुलने के पहले सरकार आदेश जारी कर सकती है। हालांकि DGP की दौड़ में IPS हिमांशु गुप्ता का नाम भी प्रमुख है. मगर नक्सल मुद्दे पर बड़ी कामयाबी को देखकर प्रभाारी DGP अरुण देव की जगह पर अगर हिमांशु गुप्ता को DGP बनाया जाए, इसको लेकर सरकार खुद उलझन मेंं है, कुुल मिलाकर अरुण देव का पलड़ा भारी है इसलिए संभावना उनकी भारी है.
सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद संघ लोक सेवा आयोग UPSC ने छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र भेजकर पूछा था कि अब तक राज्य में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। आयोग ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए जवाब तलब किया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना की कापी आयोग को नहीं भेजी है।
बता दें, UPSC ने 13 मई 2025 को ही DGP के लिए दो आईपीएस अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेज दिया था। नियमानुसार, सरकार को इस पैनल में से किसी एक अधिकारी को पूर्णकालिक डीजीपी के पद पर नियुक्त करना था। आयोग ने पूछा है कि 3 जुलाई 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं हुआ? यदि विलंब हुआ है, तो उसका ठोस कारण बताया जाए।
छत्तीसगढ़ सरकार ने यूपीएससी के पैनल के आधार पर अरुण देव गौतम को डीजीपी तो नियुक्त किया, लेकिन उन्हें 'पूर्णकालिक' प्रभार देने के बजाय 'प्रभारी' डीजीपी बना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 'प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार' मामले में स्पष्ट कहा था कि किसी भी राज्य में प्रभारी डीजीपी की परंपरा नहीं चलेगी।
5 फरवरी 2026 को 'टी धंगोपल राव बनाम यूपीएससी' मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चार कड़े निर्देश दिए थे। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि नियुक्ति में देरी होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार अफ़सरों की जवाबदेही तय की जाएगी।
