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Magnesium Deficiency : जाने मैग्नीशियम की कमी से कौन सी समस्याएं होती हैं, वेजिटेरियन्स डाइट में कैसे बढ़ाएं मैग्नीशियम

Magnesium Deficiency : आइये जानते हैं मैग्नीशियम की कमी से कौन सी समस्याएं हो सकती हैं और वेजीटेरियन्स के लिए मैग्नीशियम के प्रमुख सोर्स कौन से हैं। साथ यह भी जाने कि अगर सप्लीमेंट्स लें तो सही मात्रा क्या हो।

Magnesium Deficiency : जाने मैग्नीशियम की कमी से कौन सी समस्याएं होती हैं, वेजिटेरियन्स डाइट में कैसे बढ़ाएं मैग्नीशियम
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By Divya Singh

31 जनवरी 2026: मैग्नीशियम की कमी आपके दिल ही नहीं, दिमाग को भी बुरी तरह प्रभावित करती है लेकिन जानकारी की कमी के चलते कोई भी मैग्नीशियम की कमी को सीरियसली नहीं लेता। एक ग्लोबल सर्वे के अनुसार भारत में 70 से 80% लोगों में मैग्नीशियम की भारी कमी है जबकि मैग्नीशियम की कमी एक साइलेंट किलर की तरह काम करती है जो धीरे-धीरे आपके शरीर को बड़ी-बड़ी बीमारियों की गिरफ्त में पहुंचा देती है। आइये जानते हैं मैग्नीशियम की कमी से कौन सी समस्याएं हो सकती हैं और वेजीटेरियन्स के लिए मैग्नीशियम के प्रमुख सोर्स कौन से हैं। साथ यह भी जाने कि अगर सप्लीमेंट्स लें तो सही मात्रा क्या हो।

ब्लड प्रेशर बढ़ना

मैग्नीशियम की कमी से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। दरअसल मैग्नीशियम की कमी से ब्लड वेसल्स रिलैक्स नहीं हो पातीं, टाइट रहती हैं और बीपी बढ़ता है।

अनियमित धड़कन

अगर आपकी छाती अचानक धड़-धड़ करने लगती है और आप परेशानी महसूस करते हैं तो इसके पीछे भी मैग्नीशियम की कमी एक बहुत महत्वपूर्ण कारण है। दरअसल मैग्नीशियम की कमी से आपके हार्ट के इलेक्ट्रिक सिग्नल स्टेबल नहीं रह पाते और इर्रेगुलर हार्टबीट की समस्या होती है। यहां तक की हार्ट फेलियर की नौबत भी आ सकती है।

दिमाग पर असर

मैग्नीशियम की कमी से आपके ब्रेन फंक्शन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। आपका नर्वस सिस्टम शांत नहीं हो पाता और आपको एंग्जायटी, स्ट्रैस, नींद की कमी और ब्रेन फाॅग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

कब्ज की समस्या बढ़ जाती है

मैग्नीशियम हमारी आंतों की मांसपेशियों को रिलेक्स करता है और आंतों को सक्रिय करता है। साथ ही यह मल को नरम करने में मदद करता है। इसलिए जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाती है तो कब्ज़ की समस्या बढ़ जाती है।

माइग्रेन

मैग्नीशियम की कमी से आप गंभीर माइग्रेन के शिकार भी हो सकते हैं।

डायबिटीज़ का खतरा बढ़ता है

मैग्नीशियम की कमी से डायबिटीज का रिस्क भी बढ़ जाता है। दरअसल मैग्नीशियम की कमी होने पर कोशिकाएं इंसुलिन को ठीक तरह से नहीं ले पाती इसलिए ऐसा होता है।

मांसपेशियों में एंठन, थकान, कमज़ोरी

मैग्नीशियम की कमी से आपकी मांसपेशियों में ऐंठन, जकड़न,दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं क्योंकि मैग्नीशियम की कमी से हमारी मसल्स रिलैक्स नहीं कर पाती । साथी आप सुबह उठने के बाद भी थकान और कमजोरी महसूस करते रह सकते हैं।

आंख फड़फड़ाना

अगर आप प्रायः आंख फड़फड़ाने की समस्या से जूझते हैं तो इसके पीछे भी मैग्नीशियम की कमी एक प्रमुख कारण होती है।

मैग्नीशियम के शाकाहारी सोर्स

मैग्नीशियम की कमी को पूरा करने के लिए आपको हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, कद्दू के बीज, मूंगफली, डार्क चाॅकलेट, नारियल पानी, रागी, बाजरा, राजमा, छोले जैसी चीज़ें लेनी चाहिए।

सप्लिमेंट्स की मात्रा

हालांकि आपको कोई भी सप्लीमेंट्स हमेशा डॉक्टर की सलाह पर लेने चाहिए लेकिन यह बात ध्यान रखने की है कि मैग्नीशियम सप्लीमेंट की मात्रा प्रतिदिन 200 से 400 एमजी के बीच होनी चाहिए। साथ ही इसे डिनर के बाद लेना चाहिए।

Divya Singh

दिव्या सिंह। समाजशास्त्र में एमफिल करने के बाद दैनिक भास्कर पत्रकारिता अकादमी, भोपाल से पत्रकारिता की शिक्षा ग्रहण की। दैनिक भास्कर एवं जनसत्ता के साथ विभिन्न प्रकाशन संस्थानों में कार्य का अनुभव। देश के कई समाचार पत्रों में स्वतंत्र लेखन। कहानी और कविताएं लिखने का शौक है। विगत डेढ़ साल से NPG न्यूज में कार्यरत।

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