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Aak Ke Patte ke Fayde: घर के आस पास उगने वाला यह चमत्कारी पौधा, शुगर और बवासीर के लिए है रामबाण इलाज; जानिए आक के पत्तों के चमत्कारी फायदे!

Aak Ke Patte ke Fayde: प्राचीन भारत की चिकित्सा पद्धति और आयुर्वेद शास्त्र पर आज भी कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। इनके द्वारा प्राचीन चिकित्सक कई तरीकों से गंभीर बीमारियों का इलाज किया करते थे। आज हम आपको जिस पौधे (जड़ी बूटी) के बारे में बताने वाले हैं वह बवासीर, शुगर व जोड़ों के दर्द का रामबाण इलाज है। इस पौधे को आप अपने घर के आसपास आसानी से देख सकते हैं

Aak Ke Patte ke Fayde: घर के आस पास उगने वाला यह चमत्कारी पौधा, शुगर और बवासीर के लिए है रामबाण इलाज; जानिए आक के पत्तों के चमत्कारी फायदे!
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By Chirag Sahu

Aak Ke Patte ke Fayde: प्राचीन भारत की चिकित्सा पद्धति और आयुर्वेद शास्त्र पर आज भी कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। इनके द्वारा प्राचीन चिकित्सक कई तरीकों से गंभीर बीमारियों का इलाज किया करते थे। आज हम आपको जिस पौधे (जड़ी बूटी) के बारे में बताने वाले हैं वह बवासीर, शुगर व जोड़ों के दर्द का रामबाण इलाज है। इस पौधे को आप अपने घर के आसपास आसानी से देख सकते हैं जिसके पत्ते तोड़ने पर दूध जैसा पदार्थ निकलता है और इसके फूल को भगवान शिव में भी चढ़ाते हैं। हम बात कर रहे हैं आक के पौधे की, जिसे वैज्ञानिक भाषा में इसे कैलोट्रोपिस गिगेंटिया(Calotropis Gigantea) कहा जाता है। अकेले भारत में ही वर्तमान में 10 करोड़ से भी अधिक शुगर पेशेंट दर्ज किए जा चुके हैं, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सामान्य लगने वाली बीमारी कितनी व्यापक और खतरनाक है। इस लेख में हम आपको आक के पत्तों के चमत्कारी गुण बताने वाले हैं।

शुगर(Diabetes) के लिए है रामबाण औषधि

टेक्नोलॉजी के युग में किसी भी बात पर तुरंत विश्वास नहीं किया जा सकता, इसलिए वैज्ञानिकों ने आक के पत्तों पर कई प्रकार के अध्ययन किए और पाया कि इसके पत्तों और फूलों पर हाइपोग्लाइसेमिक गुण पाए जाते हैं, जो ब्लड में शुगर के लेवल को नियंत्रित करता है। हालांकि यह शुगर को पूरी तरह से खत्म नहीं करती लेकिन दवाइयों के साथ भी सहायक औषधि के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

बवासीर के लिए है फायदेमंद

बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसमें गुदा द्वार के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है और मल त्यागने के दौरान खून भी निकल सकता है। तो इस बीमारी से परेशान लोगों के लिए भी

आक के पत्तों का एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण काफी कारगर है, जो नसों में आई सूजन को कम करने के साथ-साथ एक शुरुआती उपचार भी प्रदान करता है, परंतु इस पर ही निर्भर रहना सही नहीं है आपको चिकित्सकीय इलाज जरूर लेना चाहिए।

जोड़ों के दर्द से मिलती है राहत

55–60 वर्ष पूरे होने के बाद लगभग सभी लोगों के जोड़ों में दर्द और पैरों में सूजन की समस्या होने लगती है। यह समस्या भी काफी आम है लेकिन लोगों को काफी परेशान करता है। ऐसे में आक के पत्तों का एनाल्जेसिक गुण पैरों में बने गठिया और घुटने के दर्द को कम करता है।

त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए है फायदेमंद

वैज्ञानिक शोध यह बताते हैं कि आक के पत्तों और इसमें मौजूद रस में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण की वजह से यह चेहरे में होने वाली विभिन्न समस्याओं जैसे सोरायसिस, दाद और चकते आदि के लिए भी फायदेमंद है साथ ही इससे निकलने वाला दूध जैसा पदार्थ(लेटेक्स), घावों को जल्दी भरने का कार्य करता है।

कैसे करें आक के पत्तों का उपयोग

आक के पत्तों का कई प्रकार से इस्तेमाल किया जा सकता है। Sugar के लिए सबसे प्रमुख तरीका यह है कि इसके दो पत्तों को साफ करके रात के समय पैरों के तलवे में बांध कर सोएं। यह ध्यान रखें की पत्ते का चिकना सतह तलवे की ओर और खुरदुरा सतह बाहर की ओर होना चाहिए। यह तरीका ब्लड शुगर लेवल को कुछ हद तक नियंत्रित करता है। यदि आपको जोड़ों में दर्द की समस्या है तो सूखे आक के पत्तों से लेप बनाकर दर्द वाले स्थान पर भी लगा सकते हैं।

अस्वीकरण/Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के लिए ही लिखी गई है। गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर चिकित्सकीय परामर्श जरूर ले। NPG.NEWS इस लेख के लिए किसी भी प्रकार के जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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