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CG Assembly Elections 2023: 98 मतदान कर्मी बस्तर के खतरनाक इलाकों में दो दिन से फंसे हुए, CEO रीना कंगाले बोलीं...सभी को शाम तक हेलिकाप्टर से लाएंगे

CG Assembly Elections 2023: वोटिंग के बाद 150 से अधिक मतदान और सुरक्षा कर्मी बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं। इनमें से 53 को आज सुबह हेलिकाप्टर से जिला मुख्यालयों में लाया गया। ये ऐसे इलाके हैं, जहां हजारों की संख्या में बारुदी सुरंगे बिछी हुई है। मौत वहां 24 घंटे सिर पर मंडराती रहती हैं... जरा सी चूक हुई नहीं कि जानमाल का बड़ा नुकसान।

CG Assembly Elections 2023: 98 मतदान कर्मी बस्तर के खतरनाक इलाकों में दो दिन से फंसे हुए, CEO रीना कंगाले बोलीं...सभी को शाम तक हेलिकाप्टर से लाएंगे
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By Sanjeet Kumar

CG Assembly Elections 2023: रायपुर। बस्तर की 12 विधानसभा सीटों पर 7 नवंबर को मतदान कंप्लीट हो गया। ईवीएम जिला मुख्यालयों में पहुंच गए। मगर डेढ़ सौ से अधिक मतदान कर्मी दो दिन से घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। सुरक्षागत कारणों से उन्हें केंद्रीय सुरक्षा बलों के कैंपों में ठहराया गया है।


NPG ने आज इसकी एक खबर भी प्रकाशित की...रोड क्लियर होने के बाद मतदान कर्मियों को पैदल वापस लाया जाएगा। कारण कि उन इलाकों में बड़ी संख्या में बारुदी सुरंगे बिछी हुई है। एंबुश में फंसने पर मतदान कर्मियों के साथ ही सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान हो सकता है। खुफिया इनपुट्स भी हैं कि नक्सली बड़ा खून खराबा करने की ताक में हैं...कई जगह वे एंबुश लगाए हुए हैं।


छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले ने एनपीजी न्यूज को बताया कि एयरफोर्स के हेलिकाप्टरों को मतदान कर्मियों को लाने के लिए युद्ध स्तर पर लगा दिया गया है। ओरछा से 28, अकबेड़ा से 22 और धनोरा से 13 मतदान कर्मियों को आज सुबह वापिस लाया गया है। रीना बाबा ने बताया, नारायणपुर और बीजापुर में 98 लोग बचे हैं। उन्हें हेलिकाप्टर से लाया जाएगा। उन्होंने अश्वस्त किया कि किसी को पैदल नहीं लाया जाएगा और इन सभी 98 लोगों को शाम तक चौपर से लाएंगे। सुकमा, दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के सभी पोलिंग पार्टियों को वापिस लाया जा चुका है।

बस्तर में फंसी 8 पोलिंग पार्टी, हेलीकॉप्टर से गए थे अब एरिया क्लियर होने के बाद पैदल आयेंगे वापस

नारायणपुर। नक्सलाइट जिले नारायणपुर में मतदान करवाने के लिए निकला दल नक्सल एरिया में फंसा है। सुरक्षा कारणों के चलते अभी तक के मतदान दलों की वापसी नहीं हो पाई है। सुरक्षा बलों के जवानों के द्वारा सर्चिंग के बाद रोड ओपनिंग होने पर उनकी वापसी करवाई जाएगी। फिलहाल मतदान होने की 24 घंटे बाद भी मतदान कर्मी कैंप में है। वे तख्ती में लिख कर भावुक मैसेज भेजे हैं... तुम कब आओगे, निहारती आंखें। इससे समझा जा सकता है, उन पर क्या गुजर रही। इनमें अधिकांश शिक्षक हैं!

नारायणपुर जिले की ओरछा तहसील में चुनाव करवाने के लिए आठ मतदान दल गए हुए थे। आठ मतदान दलों के 24 मतदान कर्मी एक कैमरामैन व तीन ऑब्जर्वर ओरछा में फंसे हुए हैं। मतदान के लिए इन सभी को दो हेलीकॉप्टर के माध्यम से (कुल 36 मतदान कर्मियों) ओरछा लाया गया था। इन्हें ओरछा तहसील कार्यालय के पीछे एकलव्य आवासीय विद्यालय की नई बिल्डिंग में ठहराया गया है। जहां से विभिन्न मतदान केंद्रों में मतदान दलों की वोटिंग करवाने के लिए ड्यूटी लगी थी। जिनमें से 7 दलों को ओरछा व आस–पास ही मतदान करवाना था। एक मतदान दल को ओरछा से चार किलोमीटर अंदर नक्सल प्रभावित गांव गुदाड़ी में मतदान करवाने जाना था। इस मतदान दल में तीन मतदान कर्मी व पीठासीन अधिकारी थे। विस्‍तार से पढ़ें



Sanjeet Kumar

संजीत कुमार: छत्‍तीसगढ़ में 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय। उत्‍कृष्‍ट संसदीय रिपोर्टिंग के लिए 2018 में छत्‍तीसगढ़ विधानसभा से पुरस्‍कृत। सांध्‍य दैनिक अग्रदूत से पत्रकारिता की शुरुआत करने के बाद हरिभूमि, पत्रिका और नईदुनिया में सिटी चीफ और स्‍टेट ब्‍यूरो चीफ के पद पर काम किया। वर्तमान में NPG.News में कार्यरत। पंड़‍ित रविशंकर विवि से लोक प्रशासन में एमए और पत्रकारिता (बीजेएमसी) की डिग्री।

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