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CG Praivate School: फीस में फंस गए छत्तीसगढ़ के 5000 प्रायवेट स्कूल, 5वीं, 8वीं परीक्षा से बचने फिर पहुंचे हाई कोर्ट, डीपीआई से किया ये आग्रह

CG Private School: छत्तीसगढ़ सरकार के पांचवीं, आठवीं में बोर्ड परीक्षा लेने से छत्तीसगढ़ के पांच हजार से अधिक प्रायवेट स्कूलों की शामत आ गई है। सीजी बोर्ड से संबंद्धता लेकर सीबीएसई पाठ्यक्रम चलाने वाले स्कूलों की कलई खुल गई है। वहीं बच्चों से एग्जाम के नाम पर 300 से 500 रुपए तक वसूलने वाले प्रायवेट स्कूलों के लिए पांचवीं, आठवीं बोर्ड के लिए डीपीआई ने इतना कम फीस तय कर दिया है कि प्रायवेट स्कूलों के पैरों के नीचे से धरती खिसकती नजर आ रही है। तभी भागते-भागते हाई कोई पहुंचे हैं।

CG Praivate School: फीस में फंस गए छत्तीसगढ़ के 5000 प्रायवेट स्कूल, 5वीं, 8वीं परीक्षा से बचने फिर पहुंचे हाई कोर्ट, डीपीआई से किया ये आग्रह
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By Sandeep Kumar

CG Private School: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बेसिक शिक्षा रिफर्म के लिए पांचवीं, आठवीं बोर्ड परीक्षा ऐलान किया है, प्रायवेट स्कूल संचालकों की हालत पतली हो गई है। एक तो उनका भंडाफोड़ हो गया है कि वे सीबीएसई सिलेबस के नाम पर मोटी फीस लेकर बच्चों को दाखिला देते हैं और उनका एफिलियेशन है सीजी बोर्ड से।

याने एक तरह से हजारों बच्चों और अभिभावकों के साथ यह धोखा है। छत्तीसगढ़ में करीब छह हजार प्रायवेट स्कूल हैं। इनमें से करीब पांच हजार स्कूलों को सीबीएसई से संबंद्धता नहीं है। मगर स्कूल के सामने सीबीएसई से संबंद्धता का बोर्ड लटका रखे हैं।

प्रायवेट स्कूलों का सालों से बच्चों के साथ चला आ रहा खेला राज्य सरकार के पांचवीं, आठवीं बोर्ड परीक्षा लेने के फैसले से ओपन हो गया है। प्रायवेट स्कूल सरकार पर प्रेशर बना पाने में कामयाब नहीं हुए तो भागे-भागे हाई कोर्ट पहुंचे हैं। हालांकि, पहले एक अर्जी और लगाई थी मगर बाद में उसे वापिस ले लिया था।

इस बार प्रायवेट स्कूल एसोसियेशन ने पांचवीं, आठवीं बोर्ड परीक्षा से एक साल के लिए छूट मांगने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। बिलासपुर हाई कोर्ट ने इसके लिए कल 17 फरवरी को 10 दिन के भीतर सुनवाई करने कहा है।

मात्र 55 और 60 रुपए फीस

सरकारी स्कूलों के बच्चों को परीक्षा फीस नहीं लगता। मगर सरकार ने जब पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा लेने का फैसला किया तो अफसरों को पता था कि प्रायवेट स्कूल भी सीजी बोर्ड से संबंद्ध हैं, इसलिए माध्यमिक शिक्षा मंडल के परामर्श के बाद पांचवीं के लिए 55 और आठवीं के लिए 60 रुपए परीक्षा शुल्क तय किया। प्रायवेट स्कूलों अब बच्चों से इससे अधिक फीस ले नहीं सकते क्योंकि सरकार की इस पर नजर है। और 55 और 60 रुपए लेंगे तो खुद एक्सपोज हो जाएंगे। याने बोर्ड का शुल्क 55 और 60 रुपए। जबकि,

प्रायवेट स्कूल वाले बिना बोर्ड वाली कक्षाओं के वार्षिक परीक्षा के लिए 300 से 500 रुपए वसूल लेते हैं।

डीपीआई से गुहार

प्रायवेट स्कूल एसोसियेशन ने डीपीआई को पत्र लिख हाई कोर्ट का हवाला देते हुए आग्रह किया है कि कोर्ट का फैसला आते तक प्रायवेट स्कूलों को फीस से छूट दी जाए।

पढ़िये स्कूल शिक्षा विभाग ने पांचवी, आठवीं परीक्षा के बारे में क्या दिशा निर्देश जारी किया है....

परीक्षा संचालन हेतु दिशानिर्देश

1. जिले में कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केन्द्रीय परीक्षा के सफल संचालन हेतु जिला शिक्षा अधिकारी पूर्ण रूपेण उत्तरदायी होंगे।

2. विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी विद्यालयवार नामिनल रोल तैयार कर जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करायेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी नामिनल रोल की सहायता से प्रत्येक विद्यार्थी का रोल नम्बर विद्यालयवार आबंटित कर 28 फरवरी तक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से संस्था प्रमुख को उपलब्ध कराएंगे।

3. जिला स्तर पर कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा हेतु जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में "जिला स्तरीय संचालन समिति" का गठन निम्नानुसार रहेगा :-

1. जिला शिक्षा अधिकारी-अध्यक्ष

2. डाईट प्राचार्य-सदस्य

3. सहायक संचालक -सदस्य सचिव

कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी-सदस्य

4. जिला मिशन समन्वयक-सदस्य

5. विकासखंड शिक्षा अधिकारी-सदस्य

6. प्राचार्य, हायर सेकेंडरी विद्यालय-सदस्य

7. प्रधान पाठक, शास. पूर्व माध्यमिक विद्यालय सदस्य-सदस्य

8. प्रधान पाठक, शास. प्राथमिक विद्यालय-सदस्य

9. संकुल समन्वयक-सदस्य

4. कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा में राज्य के समस्त शासकीय विद्यालय, अनुदान प्राप्त विद्यालय एवं छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध अशासकीय गैर अनुदान प्राप्त विद्यालयों (हिन्दी, अंग्रेजी माध्यम) के विद्यार्थी अनिवार्य रूप से सम्मिलित होंगे।

5. सी.बी.एस.ई. एवं आई.सी.एस.ई. से संबद्ध गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालय इसमें शामिल नहीं होंगे।

6. लोक शिक्षण संचालनालय परीक्षा हेतु समय सारिणी जारी की जा रही है। सभी जिलों में जारी समय सारिणी अनुसार परीक्षा संचालित की जाएगी। (संलग्नक-A)

7. कक्षा 5वीं एवं 8वीं हेतु प्रश्न पत्रों का निर्माण लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी ब्लूप्रिंट में निर्धारित पाठ्यक्रम पर आबंटित अंकों के आधार पर ही किया जावे। (संलग्नक-B)

8. परीक्षा की पूर्व तैयारी हेतु सेम्पल प्रश्न पत्रों का मॉडल आंसर सहित निर्माण किया गया है। इसी अनुरूप प्रश्नों पत्रों का निर्माण कर छात्र-छात्राओं को अभ्यास कराया जावे। (संलग्नक-C)

9. कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा के संचालन हेतु क्रमशः 55-00 रूपये एवं 60=00 रूपये प्रति छात्र की दर से बजट आबंटन जिलों को जारी किया जा चुका है। इस राशि से शासकीय विद्यालयों एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों की परीक्षा संचालित की जावे।

10. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्धता प्राप्त गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों (हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम) द्वारा कक्षा 5वीं के लिए राशि 55/- रूपये और कक्षा 8वीं के लिए राशि 60/- रूपये प्रति छात्र शुल्क जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा किया जावे। इस संबंध समुचित निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अशासकीय विद्यालयों को दिया जाए।

परीक्षा एवं मूल्यांकन केन्द्र व्यय

कक्षा 5वीं हेतु परीक्षा केन्द्र एवं मूल्यांकन केन्द्र पर स्टेशनरी एवं अन्य सामाग्री जैसेः-चपड़ा, मोमबत्ती, सुतली, ब्राउन पेपर आदि पर व्यय प्रति परीक्षार्थी 2/- रूपये की दर से किया जावे।

कक्षा 8वीं हेतु परीक्षा केन्द्र एवं मूल्यांकन केन्द्र पर स्टेशनरी एवं अन्य सामाग्री जैसेः-चपड़ा, मोमबत्ती, सुतली, ब्राउन पेपर आदि पर व्यय प्रति परीक्षार्थी 3/- रूपये की दर से किया जावे।

पारिश्रमिक व्यय

पारिश्रमिक व्यय निम्नानुसार देय होगा

(i) मूल्यांकनकर्ता-कक्षा 5वीं 2/- रूपये प्रति उत्तर पुस्तिका

कक्षा 8वीं 3/- रूपये प्रति उत्तर पुस्तिका

(ii) मुख्य मूल्यांकनकर्ता 100/- रूपये प्रतिदिन

(iii) मूल्यांकन केन्द्राध्यक्ष 150/- रूपये प्रतिदिन

प्रश्न पत्र निर्माण की प्रक्रिया

11. कक्षा 5वीं में कुल अंक 50 होंगे, जिसमें 40 अंक लिखित परीक्षा एवं 10 अंक प्रायोजना कार्य के होंगे। कक्षा 8वीं में कुल अंक 100 होंगे, जिसमें 80 अंक लिखित परीक्षा एवं 20 अंक प्रायोजना कार्य के होंगे।

12. जिला स्तरीय संचालन समिति के अनुमोदन से प्रश्न पत्र निर्माण हेतु समिति का गठन किया जाये, जिसमें विषय विशेषज्ञों को शामिल किया जाये। समिति संलग्नक-B अनुसार जारी ब्लूप्रिंट अनुसार कक्षा 5वीं और 8वीं के लिए विषयवार हिन्दी/अंग्रेजी माध्यम प्रश्न पत्रों के तीन सेट तैयार करेगी एवं इसे सीलबन्द लिफाफे में जिला शिक्षा अधिकारी को सौपेंगी।

13. प्रश्न पत्र निर्माण समिति से प्राप्त प्रश्न पत्रों के मॉडरेशन हेतु जिला स्तरीय संचालन समिति द्वारा मॉडरेशन समिति का गठन किया जायेगा। यह समिति मॉडरेशन के पश्चात् प्रत्येक विषय के तीन सेट हिन्दी/अंग्रेजी माध्यम फाइनल कर जिला स्तरीय संचालन समिति को सौंपेगी, जिसमें से एक प्रश्न पत्र वार्षिक परीक्षा हेतु जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिला स्तरीय संचालन समिति के अनुशंसा पर मुद्रण हेतु भेजा जायेगा।

14. समिति में उन्हें सदस्य ना बनाया जाए जिनके रिश्तेदार अथवा उनके बच्चे 5वीं/8वीं की परीक्षा में शामिल होंगे। प्रश्न पत्र का निर्माण पूर्ण गोपनीयता से किया जावे। गोपनीयता भंग होने की शिकायत प्राप्त होने पर इसकी जाँच की जावेगी। शिकायत सही पाये जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं आवश्यकतानुसार विधि सम्मत कार्यवाही भी की जावेगी।

15. कक्षा 5वीं में 5-5 अंक (कुल 10 अंक) के 02 प्रायोजना कार्य एवं कक्षा 8वीं में 10-10 अंक (कुल 20 अंक) के 02 प्रायोजना कार्य परीक्षा पूर्व दिए जाए। प्रायोजना कार्य 28 फरवरी 2024 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जावे तथा प्रत्येक विद्यार्थी के अंकों की सूची तैयार कर 05 मार्च तक सीलबन्द लिफाफे में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को प्रेषित की जाए।

परीक्षा संचालन

16. परीक्षा अवधि में परीक्षा की सतत् निगरानी हेतु संकुल, विकासखंड एवं जिला स्तरीय उड़नदस्ता बनाया जाए। जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं संकुल समन्वयक प्रतिदिन अनिवार्य रूप से कम से कम 03 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे।

17. परीक्षाओं हेतु समस्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय परीक्षा केन्द्र होंगे। केन्द्राध्यक्ष निकटतम अन्य विद्यालय के प्रधान पाठक/प्रभारी प्रधान पाठक/वरिष्ठ शिक्षक को नियुक्त किया जाए। केन्द्राध्यक्ष की नियुक्ति विकासखंड शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर जिला स्तरीय संचालन समिति द्वारा किया जाएगा।

18. समस्त संकुल केन्द्र प्रश्न पत्र वितरण केन्द्र होंगे। संकुल प्राचार्य इसके प्रभारी होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा समस्त संकुल प्राचार्यों को उनके संकुल के अधीन परीक्षा केन्द्रों के प्रश्न पत्र सौपें जाएंगे। संकुल प्राचार्य द्वारा प्रश्न पत्रों को सीलबंद पेटी में निकवर्ती थाना में रखा जाएगा तथा परीक्षा तिथि में थाने से प्रश्न पत्र प्राप्त कर केन्द्राध्यक्ष को परीक्षा आरम्भ होने के एक घण्टा पूर्व प्रश्न पत्र सौंपा जायेगा।

19. केन्द्राध्यक्ष का यह दायित्व रहेगा कि सीलबन्द प्रश्न पत्र निकालते समय यह सुनिश्चित करें कि प्रश्न पत्र निर्धारित परीक्षा तिथि एवं विषय तथा माध्यम का ही है, प्रश्न पत्र पैकेट से प्रश्न पत्र को आधा निकालकर इसे सुनिश्चित करें। यदि प्रश्न पत्र किसी अन्य दिवस का है तो केन्द्राध्यक्ष लिफाफे को सीलबन्द कर तत्काल विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को सूचित करेंगे तथा पैकेट सीलबंद कर थाना में जमा करेंगे। ऐसी स्थिति में निकट के परीक्षा केन्द्र से आवश्यकतानुसार उस तिथि का प्रश्न पत्र प्राप्त कर फोटोकॉपी कराकर परीक्षा सम्पन्न करायेंगे।

20. परीक्षा उपरान्त उसी दिन केन्द्राध्यक्ष द्वारा सीलबंद उत्तर पुस्तिकाओं को संकुल प्राचार्य के पास जमा किया जाएगा तथा संकुल प्राचार्य द्वारा सीलबन्द उत्तर पुस्तिकाओं के पैकेट को विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पास परीक्षा तिथि के दिन शाम 05:00 बजे तक अनिवार्यतः जमा करेंगे।

21. किसी भी विद्यार्थी को किसी भी स्थिति में परीक्षा से वंचित ना किया जाए।

22. बैठक व्यवस्था में विद्यार्थियों की बीच पर्याप्त दूरी रखी जाये।

उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन

23. जिला स्तरीय संचालन समिति द्वारा मूल्यांकन केन्द्र का निर्धारण एवं मूल्यांकन केन्द्राध्यक्ष की नियुक्ति विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी से प्राप्त सूची के आधार पर जिला समिति द्वारा किया जाएगा।

24. जिला स्तरीय संचालन समिति द्वारा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के अनुशंसा पर मूल्यांकन केन्द्रों को मूल्यांकन हेतु भेजी जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं का निर्धारण गोपनीय तरीके से किया जाएगा। मूल्यांकन केन्द्र का रोस्टर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बनाकर देंगे। उत्तर पुस्तिकाओं को पूर्ण गोपनीयता के साथ मूल्यांकन केन्द्रों को भेजने की जिम्मेदारी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों की होगी।

25. मूल्यांकन केन्द्राध्यक्ष संकुल प्राचार्य होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी इसकी पूर्व तैयारी सुनिश्चित करेंगे। एक विकासखण्ड की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन अन्य विकासखण्ड में केन्द्रीकृत रूप से किया जाएगा। रोस्टर जिला स्तरीय संचालन समिति तैयार करेगी।

26. कक्षा 5वीं एवं कक्षा 8वीं पढ़ाने वाले शिक्षकों को ही संबंधित कक्षा की उत्तर पुस्तिका के लिए मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किया जाए।

27. 30 मार्च से कक्षा 5वीं एवं 4 अप्रैल से कक्षा 8वीं का मूल्यांकन कार्य प्रारंभ किया जाए।

28. मूल्यांकनकर्ता को अधिकतम प्रतिदिवस 40 उत्तर पुस्तिकाएं ही मूल्यांकन हेतु दी जाए, जिससे मूल्यांकन गुणवत्तापूर्ण हो सके।

29. प्रत्येक विषय के लिए 1-1 शिक्षक को मुख्य (हेड) मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किया जाए। मूख्य मूल्यांकनकर्ता अपने अधीन मूल्यांकनकर्ता की 5% उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे, इससे मूल्यांकन की विश्वसनीयता बनी रहेगी। मुख्य मूल्यांकनकर्ताओं का दायित्व होगा कि मूल्यांकनकर्ताओ से मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाएं एवं अंक तालिका जिसमें मूल्यांकनकर्ता एवं मुख्य मूल्यांकनकर्ता के हस्ताक्षर होंगे, उसी दिन मूल्यांकन केन्द्राध्यक्ष को सौंपेगे, जिसकी प्रविष्टि केन्द्राध्यक्ष द्वारा नॉमिनल रोल में कराई जाएगी।

30. मूल्यांकन में हुई त्रुटि के लिए संबंधित शिक्षक की जवाबदेही एवं कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय संचालन समिति अधिकृत होगी।

31. मूल्यांकन कार्य 15 अप्रैल तक पूर्ण कर लिया जाए तथा अंकसूची विद्यालयवार 25 अप्रैल तक तैयार कर लिया जाए। 28 अप्रैल तक अंकसूचियां विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से विद्यालयों में भेजी जाए। 30 अप्रैल को संस्था प्रमुख परीक्षा परिणाम घोषित कर अंकसूची वितरण का कार्य करेंगे।

32. जिला स्तर पर परीक्षाफल पंजी का संधारण किया जाएगा। चूंकि यह स्थायी अभिलेख है अतः इसका संधारण गंभीरता के साथ किया जाए एवं सुरक्षित रखा जाए।

33. मूल्यांकन उपरान्त मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं को पुनः सीलबन्द पैकेट बनाकर विकासखंडों में 03 माह तक सुरक्षित रखा जावे। इसका दायित्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी का होगा।

पूरक परीक्षा का आयोजन

34. वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को पूरक परीक्षा में बैठने की पात्रता होगी। विषय शिक्षक अनुत्तीर्ण विषय की अतिरिक्त कक्षाएं लेकर तैयारी कराएंगे। इस हेतु जिला शिक्षा अधिकारी पूर्व से ही समुचित कार्ययोजना तैयार करेंगे। पूरक परीक्षा के लिए भी प्रश्न पत्रों की तैयारी संलग्नक-B अनुसार समयावधि में की जाए।

35. पूरक परीक्षा का आयोजन 01 जून 2025 से किया जावे।

36. यदि कोई छात्र पूरक परीक्षा में अनुत्तीर्ण होता है तो उसे भी कक्षोन्नति देकर अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाए।

Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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