Begin typing your search above and press return to search.

Bilaspur High Court: चीफ जस्टिस ने DEO को एमडीएम के संबंध में दी कड़ी हिदायत कहा, बच्चों को बेहतर क्वालिटी का मिले भोजन

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने बिलासपुर जिले के डीईओ को मध्यान्ह भोजन के संबंध में कड़ी हिदायत दी है। चीफ जस्टिस ने दोटूक कहा कि स्कूली बच्चों को तय मेनू के हिसाब से गुणवत्तायुक्त भोजन कराया जाए। घटिया क्वालिटी का भोजन कराने की शिकायत मिली तो संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Bilaspur High Court News: चिकित्सकों ने हाई कोर्ट से कहा- दुष्कर्म पीड़िता की जान बचानी है तो आपरेशन की है तत्काल जरुरत
X

Bilaspur High Court

By Radhakishan Sharma

Bilaspur High Court: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने बिलासपुर जिले के डीईओ को मध्यान्ह भोजन के संबंध में कड़ी हिदायत दी है। चीफ जस्टिस ने दोटूक कहा कि स्कूली बच्चों को तय मेनू के हिसाब से गुणवत्तायुक्त भोजन कराया जाए। घटिया क्वालिटी का भोजन कराने की शिकायत मिली तो संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर के सेंट्रल किचन से स्कूली बच्चों को आपूर्ति की जाने वाली मध्यान्ह भोजन की घटिया क्वालिटी को लेकर बीते दिनों मीडिया में खबरें प्रकाशित की गई थी। चीफ जस्टिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की थी। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान राज्य शासन, कलेक्टर बिलासपुर व डीईओ बिलासपुर को नोटिस जारी कर जिले की स्कूलों में एमडीएम की गुणवत्ता को लेकर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया था। बुधवार को जनहित याचिका की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। डीईओ बिलासपुर ने शपथ पत्र के साथ अपना जवाब पेश किया। राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए उप महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने शासन का पक्ष रखा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने भविष्य में इस तरह की घटना सामने ना आए साथ ही स्कूलों में शासन के तय मेनू के आधार पर बच्चों को भोजन कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका को निराकृत कर दिया है।

क्या है मामला

राजेंद्र नगर स्कूल में सेंट्रल किचन से आपूर्ति की जाने वाली मध्यान्ह भोजन के घटिया होने और तय मेनू के आधार पर बच्चों को भोजन ना कराए जाने की खबर मीडिया में प्रकाशित की गई थी। रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया था भोजन की क्वालिटी ठीक ना होने के कारण बच्चों ने भोजन करना बंद कर दिया है। शिक्षा विभाग के अफसर भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बच्चों के भोजन करने से इंकार करने के कारण स्कूल स्टाफ बच्चों के भोजन को मवेशियों को खिला रहे हैं।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

Read MoreRead Less

Next Story