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CG School News: 15 प्राइवेट स्कूलों पर मान्यता रद्द होने का खतरा, अपार आईडी में लापरवाही, कलेक्टर ने जारी किया नोटिस

CG School News: अपर आईडी बनाने में लापरवाही बरतने के आरोप में छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के 15 निजी स्कूलों को कलेक्टर संजय अग्रवाल ने नोटिस जारी कर, मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी है। नोटिस के बाद हड़कम्प मच गया है।

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फोटो सोर्स- NPG.NEWS

By Radhakishan Sharma

बिलासपुर। समग्र शिक्षा के तहत जिले के सरकारी के अलावा प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की अपारआईडी बनाने का कार्य यूडाइस पोर्टल के जरिये किया जा रहा है। कई प्राइवेट स्कूलों में यह प्रक्रिया बेहद धीमी पाई गई है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 15 प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले में संचालित प्राइवेट स्कूलों में लोयला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बहतराई, चैतन्य टेक्नो तोरवा, जैन इंटरनेशनल स्कूल, विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक बसहा समेत अन्य संस्थान शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार, अपार आई मामले में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बिलासपुर जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित विद्यालय निर्धारित समयावधि में अपार आईडी और आधार प्रविष्टि का कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यदि तय समय में संतोषजनक जवाब या प्रगति नहीं मिली, तो संबंधित स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अफसरों ने कहा, विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए अपार आईडी बनाना अनिवार्य है, इसलिए लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या है अपार आईडी?

अपार आईडी Automated Permanent Academic Account Registry भारत सरकार द्वारा छात्रों के लिए शुरू की गई एक 12-डिजिट विशिष्ट पहचान नम्बर है। 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' के तहत, यह डिजिटल लॉकर में मार्कशीट, डिग्री, क्रेडिट और अन्य शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से स्टोर और ट्रैक करने में मदद करती है।

अपार आईडी के क्या लाभ है?

* स्थायी शैक्षणिक रिकॉर्ड: यह छात्रों के लिए एक बार बनने वाली आईडी है जो उनकी पूरी शैक्षणिक यात्रा के दौरान काम आती है।

* डिजिटल लॉकर: इसके माध्यम से छात्र अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र (डिग्री, डिप्लोमा, रिपोर्ट कार्ड, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां) डिजिटल रूप से स्टोर और प्रबंधित कर सकते हैं।

* आसान स्थानांतरण: यह एक स्कूल या कॉलेज से दूसरे में ट्रांसफर को बहुत आसान बनाती है, क्योंकि पुराना रिकॉर्ड सीधे डिजिटल रूप से एक्सेस किया जा सकता है।

* एबीसी Academic Bank of Credits: यह एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स से जुड़ी होती है, जो क्रेडिट्स को ट्रैक करने में मदद करती है।

* निजी सुरक्षा: अपार आईडी की जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित होती है और इसके लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक होती है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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