रील्स स्टार निकला असली ‘डॉन’! घर से मिला हथियारों का जखीरा, जूते के रैंक में बना रखा था सीक्रेट कंपार्टमेंट
Reels star Surendra Pandurang Patil: बिल्डर, हिस्ट्रीशीटर और रील्स स्टार सुरेंद्र पांडुरंग पाटील ने घर में जूते के रैंक में सीक्रेट कंपार्टमेंट बना रखा था, जिसके अंदर से हथियार का बड़ा जखीरा बरामद किया गया।

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
ठाणे 31 मार्च 2026, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में क्राइम ब्रांच और पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने मिली है। यहां टीम ने गैंगस्टर स्टाइल में रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले सुरेंद्र पांडुरंग पाटील के घर छापेमारी की है। बिल्डर, हिस्ट्रीशीटर और रील्स स्टार सुरेंद्र पांडुरंग पाटील ने घर में जूते के रैंक में सीक्रेट कंपार्टमेंट बना रखा था, जिसके अंदर से हथियार का बड़ा जखीरा बरामद किया गया। यह पूरा मामला डोंबिवली पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है।
सुरेंद्र पांडुरंग पाटील कौन है ?
बता दें कि सुरेंद्र पांडुरंग पाटील बिल्डर के साथ साथ हिस्ट्रीशीटर और रील्स स्टार भी है, जो कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली का रहने वाला है। सुरेंद्र पांडुरंग पाटील गैंगस्टर स्टाइल में रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके इंस्टाग्राम पर 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स है। सुरेंद्र के खिलाफ कई थानों में रेप जैसे गंभीर केस दर्ज है और 15 दिन पहले ही जेल से बाहर आया था।
कैसे हुआ इसका खुलासा ?
दरअसल, क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पांडुरंग पाटील बिल्डर अपने घर में हथियार छिपाकर रखा है। सूचना के बाद क्राइम ब्रांच ने पुलिस टीम के साथ शनिवार देर रात दावड़ी स्थित उसके बंगले में दबिश दी। शुरु में तो टीम को कोई सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन जैसे ही जांच आगे बढ़ी टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी।
कहां से मिला हथियार ?
टीम को जूता रैंक में सीक्रेट कंपार्टमेंट दिखाई दिया, जिसे बड़ी चालाकी के साथ बनाया गया था। नकली पैनल को हटाते ही टीम के पैरों तले से जमीन ही खिसक गई। सीक्रेट कंपार्टमेंट से हथियार का जखीरा मिला, जिसमें 7 बंदूकें, 371 जिंदा कारतूस, 167 एयर गन गोलियां, 5 देशी पिस्तौल, रिवॉल्वर, चाकू और तलवार समेत कई हथियार शामिल है।
कौन सी धारा के तहत दर्ज हुआ मामला ?
पुलिस ने सुरेंद्र पांडुरंग पाटील के खिलाफ आर्म्स एक्ट और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क हो सकता है। जांच एजेंसियां यह जांच कर रही है कि इन हथियारों की सप्लाई किसी आपराधिक गिरोह को तो नहीं की जा रही थी।
