प्रेमी ही निकला हत्यारा: प्रेमिका के साथ होटल में हुआ ऐसा कांड, डर के मारे घोंट दिया गला
Muzaffarpur Murder Case: प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके पीछे की वजह हैरान कर देने वाली है।

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
मुजफ्फरपुर 03 अप्रैल 2026, बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए जोया प्रवीण हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने 48 घंटे के अंदर कर दिया है। लड़की का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका प्रेमी निकला, जिसने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसकी गला घोंटकर हत्या की थी। होटल में मुलाकात के दौरान जब जोया के परिजनों का कॉल आया, तो उसे लगा कि वह रिश्ते के बारे में बता देगी और इसके कारण उसकी बदनामी होगी। इस डर से उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। यह घटना सकरा थाना क्षेत्र की है।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, सकरा थाना क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद जसीम हुसैन ने 30 मार्च को अपनी 18 साल की बेटी जोया प्रवीण की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस दौरान उसने बताया कि उसकी बेटी साइकिल से बाजार जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। वहीं पुलिस ने जब गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरु की, तो उसकी लाश बेझा चौड़ इलाके में पड़ी मिली।
क्यों रची हत्या की साजिश ?
पुलिस ने जब जोया के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरु की तो पता चला कि 3 साल पहले शादी समारोह में उसकी पहचान मछही गांव में रहने वाले किशन कुमार उर्फ कृष्ण से हुई थी, जो कि टेंट का काम करता है। दोस्ती के बाद दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। घटना वाले दिन आरोपी कृष्ण उसे अपनी बाइक से एक होटल में ले गया। देर शाम जब जोया के घर वालों का कॉल आने लगा, तो वो डर गया कि जोया घर जाकर सब कुछ बता देगी।
कैसे की हत्या ?
इसके बाद कृष्ण ने सरमस्तपुर में रहने वाले अपने दोस्त पिंकू कुमार को बुला लिया, जिसके साथ मिलकर उसने जोया के हत्या की साजिश रची और उसे सुनसान जगह पर ले जाकर कृष्ण ने जोया का दुपट्टा से गला घोंट दिया। इस दौरान पिंकू ने उसे पकड़ रखा था। हत्या के बाद जोया के शव को वहीं छोड़कर दोनों फरार हो गए। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपी को घटना के 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।
हत्या पर कौन सी धारा लगती है ?
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इसके तहत आरोपी को मृत्यूदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
