पति ने किया पत्नी का मर्डर: गला दबाकर उतारा मौत के घाट, कंबल लपेटकर बांधा शव और फिर...
पति ने पत्नी की हत्या कर दी और फिर उसके शव को पत्थर से बांधकर कंबल में लपेटकर नदी में फेंक दिया।

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हत्या का एक खौफनाक मामला सामने आया है। यहां शनिवार को एक पति ने पत्नी की हत्या कर दी और फिर उसके शव को पत्थर से बांधकर कंबल में लपेट दिया। इसके बाद उसे नदी में फेंक दिया। मायके वालों ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है , जिसके बाद पुलिस ने पति और जेठ को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला पनकी थाना क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
पनकी थाना क्षेत्र में शनिवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक महिला की लाश पनकी नदी में तैरती हुई मिली। महिला का शव कंबल में लिपटा था और उसमें पत्थर बंधे हुए थे। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है। इस मामले में महिला के पति और जेठ को गिरफ्तार किया गया है।
महिला के भाई ने क्या खुलासा किया ?
दरअसल, शनिवार को एक महिला की लाश मिली थी, जिसकी पहचान आकृति सिंह उर्फ रूबी (28) के रूप में हुई है, जो कि सरायमीता की रहने वाली थी और उसने 5 साल पहले नितिन सविता के साथ लव मैरिज की थी। आकृति के भाई़ राहुल ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसकी बहन के साथ मारपीट किया करते थे।
कंबल में लपेटकर नदी में फेंका शव
मारपीट की शिकायत थाने में भी की गई पर समझौता के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। 26 फरवरी को भी नितिन ने आकृति से मारपीट की और फिर उसकी हत्या कर शव को कंबल में लपेटकर पत्थर से बांधकर नदी में फेंक दिया। 28 फरवरी को जब उसकी लाश मिली तब इसका खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने 1 मार्च को आकृति के शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया।
पति के साथ जेठ भी गिरफ्तार
पुलिस ने भी शिकायत के बाद केस दर्ज कर आकृति के पति नितिन सविता, उसके जेठ दीपू और राहुल को गिरफ्तार कर लिया। वहीं जब पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। आरोपी नितिन ने बताया कि घरेलू विवाद के बाद उसने आकृति की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसके शव को कंबल में लपेटकर पत्थर से बांध दिया और घर से 500 मीटर दूर नाले में फेंक दिया।
हत्या पर कौन सी धारा लगती है ?
भारत में हत्या पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इसके तहत आरोपी को मृत्यूदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
